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PHOTOS: बिहार में इस वृक्ष की देखभाल क्यों करते हैं वैज्ञानिक? साल में कई बार देहरादून से आती है टीम, जानें
Bodhi Tree: महाबोधि वृक्ष का एक-एक पत्ता श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद के समान होता है. इस बोधि वृक्ष के नीचे बौद्ध भिक्षु और बौद्ध श्रद्धालु साधना करते हैं.
पेड़ों के स्वास्थ्य की जांच के बाद किया जा रहा छिड़काव
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बिहार के गया स्थित बोधगया में महाबोधि मंदिर परिसर में एक वृक्ष की देखभाल वैज्ञानिक करते हैं. इस वृक्ष का नाम है बोधि जिसके नीचे भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी.
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यही वजह है कि देश-विदेश से लाखों की संख्या में विदेशी पर्यटक, बौद्ध श्रद्धालु यहां आते हैं. इस बोधि वृक्ष के नीचे बौद्ध भिक्षु और बौद्ध श्रद्धालु साधना करते हैं.
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महाबोधि वृक्ष का एक-एक पत्ता श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद के समान होता है. बोधि वृक्ष की धार्मिक महत्ता को देखते हुए बीटीएमसी इसका पूरा ख्याल रखता है.
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समय-समय पर महाबोधि वृक्ष के स्वास्थ्य की जांच की जाती है. एफआरआई (वन अनुसंधान इंस्टीट्यूट) के दो वैज्ञानिक संतन वार्थवाल और शैलेश पांडेय ने हाल ही में बोध गया पहुंचकर बोधि वृक्ष के स्वास्थ्य की जांच की है.
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बोधि वृक्ष की स्वास्थ्य जांच के अलावा उसके आसपास का निरीक्षण किया. बताया कि सभी शाखाओं में स्वस्थ हरी पत्तियां हैं. आवश्यकतानुसार वृक्ष को फंगस और कीड़ों से बचाव को लेकर नीम आधारित एंटी फंगल का छिड़काव किया गया. सुखी टहनियों और शाखाओं को हटाया गया.
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एफआरआई देहरादून के वैज्ञानिकों की देखरेख में हर तीन महीने पर बोधि वृक्ष के स्वास्थ्य की जांच की जाती है. समय-समय कई आवश्यक उपाय बताए जाते हैं.
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बीटीएमसी और एफआरआई देहरादून के बीच बोधि वृक्ष का संरक्षण और रख-रखाव को लेकर समझौता किया गया है. इसी समझौता के तहत एफआरआई के वैज्ञानिक जांच करने आते हैं.
Published at : 16 May 2024 07:41 AM (IST)
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