एक्सप्लोरर
ऑपरेशन ब्लू स्टार की पूरी कहानी: कब, कैसे और क्यों?
1977 के आम चुनाव में हार के साथ ही पंजाब सूबे में भी इंदिरा गांधी को जबरदस्त हार का सामना करना पड़ा. पंजाब में प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व वाली अकाली दल की सरकार सत्ता में आई. इस हार से निजात पाने के लिए कांग्रेस ने एक ऐसे शख्स का सहारा लिया जिसने सात साल के भीतर पंजाब के अलावा पूरे देश में उथल-पुथल मचा दी.
1/16

ऑपरेशन ब्लू स्टार में कुल 83 सौनिक मारे गए जिसमें तीन सेना के अधिकारी थे. इसके अलावा 248 घायल हुए. मरने वाले आतंकवादियों और अन्य की संख्या 492 रही.
2/16

5 जून, 1984 को शाम 7 बजे सेना की कार्यवाई शुरू हुई. रात भर दोनों तरफ से गोली बारी होती रही. 6 जून को सुबह 5 बज कर 20 मिनट पर ये तय किया गया कि अकालतख्त में छुपे आतंकियों को निकालने के लिए टैंकों को लगाना होगा. ऑपरेशन के दौरान बहुमूल्य दस्तावेजों और किताबों की लाईब्रेरी में आग लग गई. फायरिंग में चली कई गोलीयां हरमंदरसाहब की तरफ भी गई. अकालतख्त को भी भारी नुकसान हुआ. 6 जून को सुबह से शाम गोली चलती रही. देर रात जरनैल सिंह भिंडरावाले की लाश सेना को मिली. 7 जून की सुबह ऑपरेशन ब्लू स्टार खत्म हो गया.
Published at :
और देखें




























