रिसर्च में पाया कि जो लोग लेड की रोशनी में ज्यादा रहते हैं, उन्हें ऐसी रोशनी में कम रहने वालों की तुलना में ब्रेस्ट और प्रोस्टेट कैंसर का खतरा डेढ़ गुना बढ़ जाता है. फोटोः गूगल फ्री इमेज
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इतना ही नहीं, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की तरफ से रात की पाली में काम करने वालों में भी कैंसर का खतरा बताया है. फोटोः गूगल फ्री इमेज
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ये रिसर्च के दावे पर हैं. ABP न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने एक्सपर्ट की सलाह जरूर ले लें. फोटोः गूगल फ्री इमेज
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शोधार्थी मेनोलिस कोजेविन्स का कहना है कि इस शोध में हम यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि शहरों में रात में रोशनी में रहने से कहीं इन दोनों तरह के कैंसर के विकास का संबंध तो नहीं है. फोटोः गूगल फ्री इमेज
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बता दें, ब्रेस्ट और प्रोस्टेट कैंसर दोनों हार्मोन से जुड़ी खराबी के कारण होते हैं. फोटोः गूगल फ्री इमेज
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यह शोध एनवायर्नमेंटल हेल्थ पर्सपेक्टिव्स नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है. इसमें पाया गया कि एलईडी लाइट्स से निकलनेवाली 'नीली रोशनी' शरीर की बायलॉजिकल क्लॉगक को प्रभावित करती है, जिससे नींद का पैटर्न बदल जाता है. इससे हार्मोन के स्तर पर असर होता है. फोटोः गूगल फ्री इमेज
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ये रिसर्च ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सेटेर और बार्सिलोना इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ द्वारा मैड्रिड और बार्सिलोना के 4,000 लोगों पर की गई. फोटोः गूगल फ्री इमेज
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क्या आपने सुना है एलईडी स्क्रीन्स से किसी को कैंसर भी हो सकता है? जी हां, हाल ही में एक रिसर्च सामने आई है जिसके मुताबिक, एलईडी स्क्रीन्स से निकलने वाली नीली रोशनी से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है. खासतौर पर आउटडोर एलईडी स्क्रीन्स से. फोटोः गूगल फ्री इमेज