गेंडों की निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है.
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बाढ़ की वजह से पार्क के अधिकारी पशुओं खास तौर से प्रसिद्ध एक सींग वाले गेंडा की सुरक्षा और निगरानी को लेकर खासा परेशान हैं.
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'काजीरंगा' असम राज्य के गुलाघाट और नागान जिलों में फैला एक नेशनल पार्क है.
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उन्होंने कहा, "दो ड्रोन 2,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ सकते हैं और पांच किमी के दायरे में चित्र ले सकते हैं. वह एक बार में डेढ़ घंटे तक उड़ान भर सकते हैं. हम मौजूदा बाढ़ की वजह से पशुओं की हरकत पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं."
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असम के काजीरंगा नेशनल पार्क के 50 फीसदी से ज्यादा भाग के बाढ़ में डूब गए हैं.
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ज्यादातर जानवर पास के कार्बी एंगलोंग जिले के पहाड़ी क्षेत्र में जा रहे हैं.
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पार्क के निदेशक सत्येंद्र प्रसाद सिंह ने रविवार को कहा कि दो ड्रोन का इस्तेमाल पशुओं पर निगरानी और सर्तकता रखने के लिए हो रहा है.
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यूनेस्को की तरफ काजीरंगा नेशनल पार्क को एक विश्व धरोहर स्थल भी घोषित किया जा चुका है.
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यह नेशनल पार्क विश्व में सींग वाले गैंडों का दो-तिहाई आबादी वाला हिस्सा है.