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अमेरिका में हायर एजुकेशन के लिए भारतीय छात्रों की पहली पसंद बनीं ये 10 पब्लिक यूनिवर्सिटीज, देखें पूरी लिस्ट

भारत के लाखों छात्र अमेरिका में पढ़ाई का सपना देखते हैं, लेकिन प्राइवेट कॉलेजों की फीस सुनकर पीछे हट जाते हैं. ऐसे में अमेरिका की पब्लिक यूनिवर्सिटीज किफायती विकल्प बन जाती हैं. देखें पूरी लिस्ट.

भारत के लाखों छात्र अमेरिका में पढ़ाई का सपना देखते हैं, लेकिन प्राइवेट कॉलेजों की फीस सुनकर पीछे हट जाते हैं. ऐसे में अमेरिका की पब्लिक यूनिवर्सिटीज किफायती विकल्प बन जाती हैं. देखें पूरी लिस्ट.

अमेरिका में पढ़ाई करना अब सिर्फ अमीरों का खेल नहीं रहा वहाँ की पब्लिक यूनिवर्सिटीज वैश्विक रैंकिंग में भी आगे रहती हैं और भारतीय स्टूडेंट्स के बीच सबसे ज्यादा पसंद भी यही हैं प्राइवेट कॉलेजों की तुलना में इनकी फीस कम होती है.

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अमेरिका की पब्लिक यूनिवर्सिटीज स्टेट फंडेड होती हैं इसलिए इनकी फीस प्राइवेट कॉलेजों से काफी कम रहती है पढ़ाई की क्वालिटी भी शानदार होती है भारतीय स्टूडेंट्स इन्हें इसलिए चुनते हैं क्योंकि इनका नाम बड़ा है और खर्च भी कम होता है.
अमेरिका की पब्लिक यूनिवर्सिटीज स्टेट फंडेड होती हैं इसलिए इनकी फीस प्राइवेट कॉलेजों से काफी कम रहती है पढ़ाई की क्वालिटी भी शानदार होती है भारतीय स्टूडेंट्स इन्हें इसलिए चुनते हैं क्योंकि इनका नाम बड़ा है और खर्च भी कम होता है.
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रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय छात्रों के बीच अमेरिका की जो पब्लिक यूनिवर्सिटीज बेहद लोकप्रिय हैं.  UC बर्कले, UCLA, UC सैन डिएगो, यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन एन आर्बर, यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा, UC इरविन, जॉर्जिया टेक, UNC चैपल हिल, यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जीनिया और यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड ये सभी यूनिवर्सिटीज पढ़ाई की क्वालिटी, ग्लोबल रैंकिंग और अच्छे करियर अवसरों के लिए जानी जाती हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय छात्रों के बीच अमेरिका की जो पब्लिक यूनिवर्सिटीज बेहद लोकप्रिय हैं.  UC बर्कले, UCLA, UC सैन डिएगो, यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन एन आर्बर, यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा, UC इरविन, जॉर्जिया टेक, UNC चैपल हिल, यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जीनिया और यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड ये सभी यूनिवर्सिटीज पढ़ाई की क्वालिटी, ग्लोबल रैंकिंग और अच्छे करियर अवसरों के लिए जानी जाती हैं.
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अमेरिका की पब्लिक यूनिवर्सिटीज में भारतीय छात्रों की फीस लगभग 30,000 डॉलर सालाना तक हो सकती है ये प्राइवेट कॉलेजों के मुकाबले काफी कम है, क्योंकि वहां फीस 40,000 डॉलर से भी ऊपर चली जाती है इसलिए पब्लिक यूनिवर्सिटी बजट में पढ़ाई करने वालों के लिए बेहतर विकल्प मानी जाती हैं.
अमेरिका की पब्लिक यूनिवर्सिटीज में भारतीय छात्रों की फीस लगभग 30,000 डॉलर सालाना तक हो सकती है ये प्राइवेट कॉलेजों के मुकाबले काफी कम है, क्योंकि वहां फीस 40,000 डॉलर से भी ऊपर चली जाती है इसलिए पब्लिक यूनिवर्सिटी बजट में पढ़ाई करने वालों के लिए बेहतर विकल्प मानी जाती हैं.
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इन यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई की क्वालिटी बहुत मजबूत होती है बड़े कैंपस, रिसर्च लैब, इंटरनेशनल एक्सपोजर और अच्छी प्लेसमेंट के मौके ये सब सुविधाएं इंडियन स्टूडेंट्स को खूब पसंद आती हैं यहाँ इंडियन कम्युनिटी भी बड़ी है, जिससे एडजस्ट करना आसान हो जाता है.
इन यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई की क्वालिटी बहुत मजबूत होती है बड़े कैंपस, रिसर्च लैब, इंटरनेशनल एक्सपोजर और अच्छी प्लेसमेंट के मौके ये सब सुविधाएं इंडियन स्टूडेंट्स को खूब पसंद आती हैं यहाँ इंडियन कम्युनिटी भी बड़ी है, जिससे एडजस्ट करना आसान हो जाता है.
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ये यूनिवर्सिटी दुनिया भर में मशहूर हैं, इसलिए एडमिशन में काफी प्रतियोगिता रहती है अच्छे अंक, अच्छी प्रोफाइल और कई बार टेस्ट स्कोर जैसे IELTS, TOEFL, SAT या GRE की जरूरत होती है इसलिए तैयारी अच्छी हो तो ही चयन के मौके बढ़ते हैं.
ये यूनिवर्सिटी दुनिया भर में मशहूर हैं, इसलिए एडमिशन में काफी प्रतियोगिता रहती है अच्छे अंक, अच्छी प्रोफाइल और कई बार टेस्ट स्कोर जैसे IELTS, TOEFL, SAT या GRE की जरूरत होती है इसलिए तैयारी अच्छी हो तो ही चयन के मौके बढ़ते हैं.
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भारतीय छात्रों के लिए ये यूनिवर्सिटीज इसलिए बढ़िया हैं क्योंकि फीस कम है, पढ़ाई इंटरनेशनल लेवल की है और जॉब के अवसर भी ज्यादा मिलते हैं यहां मिलने वाली डिग्री दुनिया भर में मान्य होती है और करियर बनाने में काफी मदद करती है.
भारतीय छात्रों के लिए ये यूनिवर्सिटीज इसलिए बढ़िया हैं क्योंकि फीस कम है, पढ़ाई इंटरनेशनल लेवल की है और जॉब के अवसर भी ज्यादा मिलते हैं यहां मिलने वाली डिग्री दुनिया भर में मान्य होती है और करियर बनाने में काफी मदद करती है.

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