Covid-19 में बिना परीक्षण वाली दवाओं के इस्तेमाल को लेकर WHO ने जारी की चेतावनी
कोरोना वायरस के इलाज में बिना परीक्षण वाली दवाओं के इस्तेमाल को लेकर WHO ने चेतावनी दी है. संगठन का मानना है कि इन दवाओं का इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है.

जिनेवा: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सोमवार को चेतावनी दी कि कोविड-19 के उपचार में बिना परीक्षण वाली दवाओं का इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है और इससे झूठी उम्मीदें जग सकती हैं.
डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टी. ए. गेब्रेयेसस ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, "बिना सही साक्ष्य के बिना परीक्षण वाली दवाओं का इस्तेमाल करने से झूठी उम्मीदें जग सकती हैं और यह लाभ के बजाए ज्यादा नुकसान कर सकती हैं. इसकी वजह से आवश्यक दवाओं की कमी हो सकती है जिनकी जरूरत अन्य बीमारियों के उपचार में होती हैं."
आपको बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने उम्मीद जताई है कि भारत कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई की अगुवाई करे. डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई का भविष्य काफी हद तक इस बात से तय होगा कि भारत जैसे घनी आबादी वाले और बड़े मुल्क क्या कदम उठाते हैं.
वहीं दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य संस्था ने चेचक और पोलियो जैसी घातक बीमारियों के खात्मे में भारत के प्रयासों की तारीफ करते हुए इसे मानवता को सबसे बड़ा तोहफा करार दिया. साथ ही डब्ल्यूएचओ ने कहा कि भारत को इस लड़ाई का नेतृत्व करते हुए दिखाना चाहिए कि क्या होना चाहिए और उसे किस तरह किया जा सकता है.
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