ट्रंप किस देश पर लगाने वाले हैं 500 % टैरिफ, क्या भारत है वो मुल्क, बड़ी खबर जान लीजिए
अमेरिकी सीनेट के 50 सीनेटरों ने रूस के खिलाफ सख्त कदम उठाने का प्लान बनाया है.

US Tariff On Russia: अमेरिका की सीनेट में 50 सीनेटरों (रिपब्लिकन और डेमोक्रेट) ने रूस के खिलाफ एक नया सख्त आर्थिक प्रतिबंध प्रस्तावित किया है. इसका मुख्य उद्देश्य रूस की ऊर्जा बिक्री पर भारी असर डालना है. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक ड्राफ्ट बिल में कहा गया है कि अगर रूस यूक्रेन के साथ शांति वार्ता से इनकार करता है या किसी समझौते को तोड़ता है, तो उसके तेल, गैस और यूरेनियम पर 500% टैरिफ लगाया जाएगा. अमेरिका रूस को आर्थिक रूप से कमजोर करने के लिए नए प्रतिबंधों की योजना बना रहा है.
रूस-यूक्रेन युद्ध फरवरी 2022 से जारी है. अमेरिका चाहता है कि रूस जल्द से जल्द शांति वार्ता में शामिल हो. इसके लिए रूस पर कई आर्थिक प्रतिबंध पहले ही लगाए जा चुके हैं, लेकिन रूस अब भी तेल और गैस की बिक्री से बड़ी आमदनी कर रहा है. हालांकि, यूक्रेन को समर्थन देने के लिए अमेरिका चाहता है कि रूस की आर्थिक रीढ़ तोड़ी जाए. इस वजह से वो टैरिफ लगाने का फैसला लेने वाला है.
रूस की अर्थव्यवस्था
रूस की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा तेल और गैस की बिक्री पर निर्भर करता है. इसके लिए अमेरिका, यूरोप और अन्य देशों को रूस से तेल और गैस खरीदने से रोकने के लिए भारी टैक्स लगाने की फिराक में है. अगर रूस से कच्चा तेल खरीदना महंगा हो जाता है, तो अन्य देशों के लिए भी रूस से व्यापार करना मुश्किल हो जाएगा. बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पिछले कार्यकाल में कई देशों पर भारी टैरिफ लगाए थे, जिससे व्यापार युद्ध शुरू हुआ था. यह अमेरिका के लिए एक राजनीतिक और आर्थिक निर्णय हो सकता है, जिससे उसे रूस पर बढ़त मिलेगी.
अमेरिका के फैसले का कौन कर रहा समर्थन?
रूस के खिलाफ अमेरिका के इस कदम का रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स समर्थन कर रहे हैं. अमेरिका में आमतौर पर रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स कई मुद्दों पर मतभेद रखते हैं, लेकिन रूस के खिलाफ प्रतिबंधों को लेकर वे एकजुट नजर आ रहे हैं. यूरोप भी रूस से तेल और गैस खरीदने पर निर्भर है, लेकिन अगर अमेरिका रूस पर 500% टैरिफ लगाता है, तो यूरोप को भी मजबूरन दूसरे विकल्प तलाशने होंगे. यूक्रेन चाहता है कि रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएं ताकि वह युद्ध के लिए जरूरी फंड हासिल न कर सके.
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Source: IOCL






















