गाजा में दूसरे चरण के युद्धविराम को लेकर ट्रंप-नेतन्याहू करेंगे मुलाकात, जानें किन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा?
Trump-Netanyahu Meet: इजरायली PM के एक करीबी अधिकारी ने कहा कि ट्रंप संग मुलाकात के दौरान नेतन्याहू यह मांग करेंगे कि सीजफायर के अगले चरण पर आगे बढ़ने से पहले हमास युद्धविराम के पहले चरण को पूरा करे.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही फ्लोरिडा में मार-ए-लागो बीच क्लब में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ मुलाकात करने वाले हैं. नेतन्याहू के साथ मुलाकात के दौरान ट्रंप गाजा में रुके शांति योजना के अगले फेज को आगे बढ़ाने पर जोर दे सकते हैं. इसके अलावा, इस बातचीत में लेबनान में हिजबुल्लाह और ईरान को लेकर इजरायल की चिंताओं पर भी बात होगी.
इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने इसी महीने कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें बातचीत करने के लिए बुलाया है, क्योंकि वाशिंगटन गाजा पट्टी के लिए एक अंतरिम सरकार और एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल स्थापित करने की कोशिश कर रहा है, जबकि इजरायल इस मामले को लेकर आगे बढ़ने को लेकर हिचकिचाहट दिखा रहा है.
ट्रंप के साथ वार्ता में किन मुद्दों को उठाएंगे नेतन्याहू
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली प्रधानमंत्री के एक करीबी अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मुलाकात के दौरान नेतन्याहू यह मांग करेंगे कि सीजफायर के अगले चरणों पर आगे बढ़ने से पहले हमास युद्धविराम के पहले चरण को पूरा करे, जिसमें गाजा में बचे आखिरी इजरायली बंधक के शव को वापस किया जाए. उसके बाद ही अगले चरणों की ओर बढ़ा जाए. इजराइल ने अभी तक गाजा और मिस्र के बीच रफाह क्रॉसिंग नहीं खोला है, जो ट्रंप की गाजा शांति योजना की एक शर्त भी है और कहा है कि वह ऐसा तभी करेगा, जब ग्विली का शव वापस कर दिया जाएगा.
ट्रंप-नेतन्याहू की बैठक को लेकर ईरान ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बीच होने वाली बैठक को लेकर ईरान ने टिप्पणी की है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघई ने कहा, ‘आप बातचीत के कमरे में कदम रखने से पहले ही वार्ता के नतीजे तय नहीं कर सकते हैं. आप दूसरे पक्ष से यह नहीं कह सकते हैं कि बातचीत में तभी आएंगे जब वह आपको सब कुछ दे दे, जिसकी मैं मांग कर रहा हूं. अब तक अमेरिकी पक्ष के साथ हुई चर्चाओं में यह स्पष्ट रहा है कि मुद्दा सिर्फ परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा रहा है.’ उन्होंने कहा, ‘हमने यह भी साफ तौर पर जोर दिया है कि हम उन विषयों पर बातचीत के लिए बिल्कुल तैयार नहीं हैं, जिनका परमाणु मुद्दे से कोई लेना-देना नहीं है, क्योंकि ऐसी मांगों के पीछे कोई तर्क ही नहीं है.’
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















