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9 घंटे की नौकरी, रातों की पढ़ाई और मजबूत हौसला, सृष्टि डबास ने ऐसे क्रैक की UPSC परीक्षा

आरबीआई में नौकरी करते हुए सृष्टि डबास ने कड़ी मेहनत और अनुशासन के साथ यूपीएससी की तैयारी की और पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 6 हासिल की.

सपने वही सच होते हैं, जिनके पीछे मजबूत इरादे और लगातार मेहनत होती है. जब किसी के मन में कुछ कर दिखाने की ठान ली जाए, तो रास्ते की मुश्किलें भी हौसला नहीं तोड़ पातीं. ऐसी ही एक मिसाल हैं सृष्टि डबास, जिन्होंने नौकरी के साथ यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा पास कर न सिर्फ आईएएस बनने का सपना पूरा किया, बल्कि पूरे देश में छठी रैंक हासिल कर सबको प्रेरित कर दिया.

दिल्ली की रहने वाली सृष्टि डबास की कहानी साधारण नहीं, बल्कि संघर्ष और आत्मविश्वास से भरी हुई है. उनके जीवन में हालात आसान नहीं थे. पिता का साया पहले ही उठ चुका था और घर की सारी जिम्मेदारी उनकी मां के कंधों पर थी. मां की मेहनत और संघर्ष को करीब से देखने वाली सृष्टि के मन में कुछ बड़ा करने की चाह बहुत पहले से ही थी. वह अपनी मां को गर्व का अहसास कराना चाहती थीं और यही भावना उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गई.

नौकरी के साथ जारी रखा यूपीएससी का सपना

सृष्टि डबास ने यूपीएससी की तैयारी ऐसे समय शुरू की, जब वह भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई में नौकरी कर रही थीं. रोजाना 8 से 9 घंटे की नौकरी के बाद पढ़ाई करना आसान नहीं होता, लेकिन सृष्टि ने हार नहीं मानी. दिन में ऑफिस की जिम्मेदारी और रात में किताबों के साथ लंबा समय बिताना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया था.

कई बार थकान हावी होती थी, लेकिन आईएएस बनने का सपना उन्हें आगे बढ़ाता रहा. वह ऑफिस में लंच ब्रेक के समय भी खाली नहीं बैठती थीं. इस छोटे से समय का इस्तेमाल वह पढ़ाई के लिए करती थीं. ऑफिस की लाइब्रेरी में जाकर किताबें पढ़ना, नोट्स बनाना और पुराने सवालों को देखना उनकी आदत बन गई थी. छुट्टी के दिन भी वह आराम करने के बजाय पढ़ाई में जुटी रहती थीं.

कैसा रहा शिक्षा का सफर

सृष्टि डबास की पढ़ाई दिल्ली से ही हुई. उन्होंने 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद इंदिरा ट्रस्ट कॉलेज, दिल्ली से पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. पढ़ाई के दौरान ही उन्हें समाज, प्रशासन और नीति से जुड़े विषयों में गहरी रुचि होने लगी. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने इग्नू से मास्टर डिग्री हासिल की.

पढ़ाई पूरी होने के बाद सृष्टि का चयन भारतीय रिजर्व बैंक में हो गया. यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन उनका मन यहीं नहीं रुका. उनका सपना था देश की सेवा करना और प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाना. इसी कारण उन्होंने नौकरी के साथ-साथ यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी.

पहले ही प्रयास में बड़ी सफलता

यूपीएससी की परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है. ज्यादातर उम्मीदवारों को इसमें सफलता पाने के लिए कई साल और कई प्रयास करने पड़ते हैं. लेकिन सृष्टि डबास ने पहले ही प्रयास में यह परीक्षा पास कर ली. इतना ही नहीं, उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 6 हासिल कर टॉपर्स की सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया.

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रजनी उपाध्याय बीते करीब छह वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली रजनी ने आगरा विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. बचपन से ही पढ़ने-लिखने में गहरी रुचि थी और यही रुचि उन्हें मीडिया की दुनिया तक ले आई.

अपने छह साल के पत्रकारिता सफर में रजनी ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया. उन्होंने न्यूज, एंटरटेनमेंट और एजुकेशन जैसे प्रमुख वर्टिकल्स में अपनी पहचान बनाई. हर विषय में गहराई से उतरना और तथ्यों के साथ-साथ भावनाओं को भी समझना, उनकी पत्रकारिता की खासियत रही है. उनके लिए पत्रकारिता सिर्फ खबरें लिखना नहीं, बल्कि समाज की धड़कन को शब्दों में ढालने की एक कला है.

रजनी का मानना है कि एक अच्छी स्टोरी सिर्फ हेडलाइन नहीं बनाती, बल्कि पाठकों के दिलों को छूती है. वर्तमान में वे एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां वे एजुकेशन और एग्रीकल्चर जैसे अहम सेक्टर्स को कवर कर रही हैं.

दोनों ही क्षेत्र समाज की बुनियादी जरूरतों से जुड़े हैं और रजनी इन्हें बेहद संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभालती हैं. खाली समय में रजनी को संगीत सुनना और किताबें पढ़ना पसंद है. ये न केवल उन्हें मानसिक सुकून देते हैं, बल्कि उनकी रचनात्मकता को भी ऊर्जा प्रदान करते हैं.

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