गोल्ड ज्वैलरी खरीदते ही हो जाता है 1 साल का बीमा, चोरी हो जाए या मकान में लग जाए आग; ज्वैलर्स चुकाता है रुपये
गोल्ड इंश्योरेंस सोने के ज्वैलरी की सुरक्षा के लिए दिया जाने वाला बीमा कवर होता है. जैसे कार, घर या हेल्थ इंश्योरेंस होता है वैसे ही यह बीमा आपके सोने के गहनों को कवर करता है.

सोने की कीमतों में भी लगातार उछाल देखने को मिल रहा है. कीमतों में उछाल के साथ ही चोरी, चेन स्नैचिंग और घरों में सेंधमारी की घटनाएं भी आम होती जा रही है. ऐसे में सोने की ज्वैलरी को लेकर लोगों के मन में भी चिंता बढ़ी रहती है. बहुत कम लोग जानते हैं कि जब वो सोने की ज्वैलरी खरीदते हैं, तो उसके साथ फ्री गोल्ड इंश्योरेंस भी मिलता है, जिससे सोने की ज्वैलरी की चोरी या नुकसान की स्थिति में पूरा पैसा वापस मिल सकता है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं गोल्ड ज्वैलरी खरीदते ही कैसे हो जाता है एक साल का बीमा.
क्या है गोल्ड ज्वैलरी इंश्योरेंस?
दरअसल गोल्ड इंश्योरेंस सोने के ज्वैलरी की सुरक्षा के लिए दिया जाने वाला बीमा कवर होता है. जैसे कार, घर या हेल्थ इंश्योरेंस होता है वैसे ही यह बीमा आपके सोने के गहनों को कवर करता है. अगर बीमा की समय सीमा के दौरान गहने चोरी हो जाते हैं, खो जाते हैं, आग लगने से जल जाते हैं या बाढ़ जैसी कंडीशन में खराब हो जाते हैं तो इंश्योरेंस कंपनी उनकी कीमत की भरपाई करती है.
गोल्ड ज्वैलरी खरीदते ही मिल जाता है 1 साल का फ्री बीमा
जानकारी के अनुसार, जब आप किसी नामी ज्वैलरी शॉप से सोना खरीदते हैं, तो उसके साथ आमतौर पर एक साल का फ्री इंश्योरेंस दिया जाता है. इसी फ्री इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत कंपनी आपके नुकसान की भरपाई करती है. वहीं ग्राहक को इसके लिए अलग से कोई पैसे नहीं देने होते हैं.
किन हालात में मिलता है क्लेम?
गोल्ड इंश्योरेंस के तहत चोरी, चेन स्नैचिंग, लूट, डकैती, आग लगना, भूकंप, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं और ट्रांजिट के दौरान होने वाला नुकसान कवर होता है. यहां तक कि कई पॉलिसियों में दंगे और हड़ताल जैसी घटनाएं भी शामिल होती है. हालांकि बीमा क्लेम के लिए सबसे जरूरी शर्त यह है कि आपके पास ज्वैलरी की खरीद की रसीद होनी चाहिए. वहीं बिना बिल के क्लेम स्वीकार नहीं किया जाता है. साथ ही घटना की जानकारी समय पर इंश्योरेंस कंपनी को देना भी जरूरी होता है.
कौन-कौन सी कंपनियां देती है गोल्ड इंश्योरेंस?
भारत में कुछ इंश्योरेंस कंपनियां गोल्ड इंश्योरेंस कवर देती है जिनमें एचडीएफसी, रिलायंस जनरल इंश्योरेंस, ओरिएंटल इंश्योरेंस और रॉयल सुंदरम जैसी कंपनियां शामिल है. बड़े ज्वैलर्स आमतौर पर इन्हीं कंपनियों के साथ ग्रुप इंश्योरेंस पॉलिसी लेते हैं. दरअसल बड़े ज्वैलर्स खुद अपने स्टॉक की सुरक्षा के लिए ग्रुप इंश्योरेंस पॉलिसी लेते हैं. इसी पॉलिसी के तहत ग्राहकों को बेची गई ज्वैलरी भी एक तय समय सीमा तक कवर रहती है. इसलिए चोरी या नुकसान होने पर बीमा कंपनी ग्राहक को उसकी भरपाई करती है. वहीं गोल्ड ज्वैलरी पर मिलने वाला बीमा आमतौर पर एक साल के लिए होता है. इसके बाद ग्राहक चाहें तो इसे रिन्यू भी करा सकते हैं.
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