'ट्रंप जो उम्मीद करते हैं, हम...', परमाणु हथियार को लेकर अमेरिकी अधिकारी पीट हेगसेथ ने ईरान को फिर धमकाया
अमेरिका ने एक बार फिर ईरान को धमकाया है. अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तेहरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में आगे बढ़ता है तो अमेरिकी सेना पूरी तरह से तैयार है.

अमेरिका ने एक बार फिर ईरान को धमकाया है. अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर तेहरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में आगे बढ़ता है तो अमेरिकी सेना पूरी तरह से तैयार है.
हेगसेथ ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सोच के मुताबिक कोई भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. कैबिनेट बैठक में दिए गए बयान में हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी को तेजी से बढ़ा रहा है और क्षेत्र में अपनी शक्ति को दोबारा तेजी से स्थापित कर रहा है.
'ट्रंप के मुताबिक काम करने के लिए तैयार'
अमेरिकी युद्ध सचिव ने ईरान से परमाणु क्षमता हासिल न करने की अपील करते हुए जोर दिया कि उन्हें परमाणु क्षमता की ओर नहीं बढ़ना चाहिए. साथ ही ये भी कहा कि युद्ध विभाग से राष्ट्रपति ट्रंप जो उम्मीद करते हैं, हम उस पर खरा उतरने के लिए तैयार हैं.
पीट हेगसेथ ने हालिया सफल ऑपरेशन का हवाला देते हुए वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी को विश्व इतिहास की सबसे सफल छापेमारी बताया. उन्होंने कहा कि कोई अन्य सेना ऐसा जटिल ऑपरेशन नहीं कर सकती और कोई अन्य राष्ट्रपति अपने सैनिकों को इतनी स्वतंत्रता नहीं देता. सेक्रेटरी ऑफ वॉर ने जोर दिया कि जब ट्रंप बोलते हैं तो वे गंभीरता से काम करते हैं.
ऑपरेशन मिडनाइट हैमर का किया जिक्र
इसके अलावा अमेरिकी अधिकारी पीट हेगसेथ ने ऑपरेशन मिडनाइट हैमर का भी जिक्र किया, जिसमें ट्रंप के आदेश पर ईरान के परमाणु ढांचे पर हमले किए गए थे. हेगसेथ ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप का स्पष्ट वादा है कि ईरान कभी परमाणु बम नहीं बना पाएगा. वर्तमान में मिडिल ईस्ट में अमेरिकी नौसेना की भारी तैनाती जारी है, जिसमें एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन को क्षेत्र में भेजा गया है.
ट्रंप ने एयरक्राफ्ट कैरियर को ईरान की ओर जा रही विशाल सेना बताया है. उन्होंने कहा कि यह कैरियर ग्रुप अपने मिशन को तेजी से पूरा करने के लिए तैयार है. उन्होंने ईरानी शासन को चेतावनी दी कि समय खत्म हो रहा है और जल्द एक निष्पक्ष परमाणु समझौता होना चाहिए.
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Source: IOCL























