चीन को दे दी अमेरिका की टॉप सीक्रेट फाइल्स, भारत में जन्मे एशले टेलिस US में गिरफ्तार
अमेरिका में भारतीय मूल के सुरक्षा विशेषज्ञ ऐशली टेलिस को चीन से संपर्क और गोपनीय दस्तावेज रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. एफबीआई ने वियना स्थित घर से 1000+ दस्तावेज बरामद किए गए हैं.

अमेरिका में एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां भारतीय मूल के प्रसिद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ ऐशले टेलिस को गोपनीय दस्तावेज रखने और चीन से संबंध रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने शनिवार को वर्जीनिया के वियना स्थित उनके घर पर छापा मारा, जहां से 1000 से ज्यादा पन्नों के टॉप सीक्रेट दस्तावेज़ बरामद किए गए.
एफबीआई का कहना है कि टेलिस ने अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गोपनीय रक्षा दस्तावेजों को अवैध रूप से अपने पास रखा और पिछले कुछ सालों में कई बार चीनी अधिकारियों से मुलाकातें कीं. एफबीआई द्वारा दायर एक हलफनामे के मुताबिक, टेलिस के घर के बेसमेंट ऑफिस में बंद कैबिनेट, डेस्क और बैगों में छिपाए गए हजारों दस्तावेज मिले. इनमें से कई पर Top Secret और Secret की मोहर लगी थी.
जांच में हुआ बड़ा खुलासा
जांच में यह भी सामने आया कि 25 सितंबर को टेलिस को अमेरिकी विदेश विभाग के कंप्यूटर सिस्टम से सैकड़ों क्लासिफाइड दस्तावेज प्रिंट करते हुए कैमरे में कैद किया गया था. उन्होंने US Air Force Tactics नाम की 1,288 पन्नों की फाइल को Econ Reform नाम से सेव किया और कुछ पेज प्रिंट करने के बाद फाइल डिलीट कर दी.
10 अक्टूबर को एक और सुरक्षा कैमरे में टेलिस को वर्जीनिया के अलेक्ज़ांद्रिया स्थित सरकारी फैसिलिटी से दस्तावेज अपने बैग में छिपाकर ले जाते हुए देखा गया. एफबीआई की रिपोर्ट में बताया गया कि सितंबर 2022 से सितंबर 2025 के बीच टेलिस ने वर्जीनिया के फेयरफैक्स इलाके के रेस्टोरेंट्स में कई बार चीनी सरकारी अधिकारियों से गुप्त मुलाकातें कीं. एक मीटिंग में वे एक मनीला लिफाफा लेकर पहुंचे जो बाहर निकलते वक्त उनके पास नहीं था.
टेलिस ने मुंबई से की है पढ़ाई
इन बैठकों में ईरान-चीन संबंध, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अमेरिका-पाकिस्तान नीतियों पर चर्चा हुई. सितंबर 2025 की मुलाकात में टेलिस को चीनी अधिकारियों से एक लाल रंग का गिफ्ट बैग भी मिला. मुंबई में जन्मे 64 वर्षीय ऐशली टेलिस ने सेंट जेवियर्स कॉलेज और मुंबई विश्वविद्यालय से पढ़ाई की और यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो से राजनीति विज्ञान में पीएचडी की. वे अमेरिका-भारत नागरिक परमाणु समझौते (Civil Nuclear Deal) के प्रमुख वार्ताकारों में शामिल रहे हैं.
टेलिस पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के विशेष सहायक और नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (NSC) में रणनीतिक योजना और दक्षिण एशिया मामलों के निदेशक रह चुके हैं. वर्तमान में वे डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस के एक ठेकेदार (Contractor) के रूप में काम कर रहे थे और कार्नेगी एंडॉमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस (Carnegie Endowment for International Peace) में सीनियर फेलो थे.
एफबीआई ने मौका पाकर की छापेमारी
एफबीआई के अनुसार, 11 अक्टूबर की शाम टेलिस अपने परिवार के साथ रोम यात्रा पर निकलने की तैयारी में थे, लेकिन उड़ान से पहले ही उनके घर पर छापा मारकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. उनके पास से मिले दस्तावेजों की जांच जारी है.
13 अक्टूबर को उन्हें वर्जीनिया डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में औपचारिक रूप से आरोपी बनाया गया. फिलहाल टेलिस पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के उल्लंघन, गोपनीय दस्तावेज चोरी और विदेशी संपर्कों की रिपोर्टिंग में विफलता के तहत मुकदमा चल रहा है.
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Source: IOCL






















