Illegal Immigration: '15 दिन तक ब्रश करने नहीं दिया और न ही नहाने', अमेरिका में अवैध प्रवासी भारतीयों संग बदतर सलूक
US Deportation: अमेरिका ने 16 फरवरी को भारतीय नागरिकों का तीसरा जत्था वापस भेजा जो अवैध प्रवेश की कोशिश में थे. इन्हें अपमानजनक परिस्थितियों में निर्वासित किया गया, जिससे भारतीय नागरिकों को कष्ट हुआ.

US Deports Indians: अमेरिका ने भारतीय नागरिकों को तीसरी बार डिपोर्ट किया है जिनमें रविवार (16 फरवरी) को 116 लोग अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचे. इन नागरिकों को हाथों में हथकड़ी और बेड़ियां बांधकर भारत भेजा गया. मनदीप सिंह जो 25 साल के हैं और कपूरथला जिले के भोलाथ इलाके के सुरखा गांव के रहने वाले हैं. उन्होंने अपने अनुभव अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के साथ शेयर किया. उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के दौरान उन्हें बहुत कम खाना और पानी दिया गया. यहां तक कि वॉशरूम जाने के दौरान भी उन्हें हथकड़ियों और बेड़ियों के साथ जाना पड़ा.
मनदीप ने आगे बताया कि इन नागरिकों को अमेरिकी प्रशासन ने कई अपमानजनक परिस्थितियों में रखा. 15 दिन तक नहाने का अवसर भी नहीं मिला और न ही ब्रश करने की अनुमति दी गई. इस तरह के व्यवहार से भारतीय नागरिकों को काफी ज्यादा मानसिक कष्ट हुआ और वे इस अनुभव को जीवनभर नहीं भूल पाएंगे.
अमेरिका जाने का सपना हुआ चूर
जो भारतीय नागरिक अमेरिका में रहने का सपना देख रहे थे उनके लिए ये यात्रा बहुत संघर्षपूर्ण थी. वे एजेंट के झांसे में आकर डंकी रूट से अमेरिका पहुंचे थे जहां उन्हें अवैध तरीके से प्रवेश कराया गया. इस यात्रा में उन्होंने लाखों रुपये खर्च किए थे, लेकिन अंत में उन्हें डिपोर्ट कर दिया गया. इन नागरिकों ने अपनी पूरी जीवनभर की बचत इस यात्रा में लगा दी थी, लेकिन अब उनका सपना पूरी तरह टूट गया.
मनदीप सिंह का अमेरिका जाने का सपना टूटा
मनदीप सिंह ने अमेरिका जाने के लिए 40 से 45 लाख रुपये खर्च किए थे. उनका सपना था कि वे अमेरिका में बेहतर जीवन यापन करेंगे, लेकिन एजेंट के झांसे में आकर उन्हें अवैध तरीके से अमेरिका भेजा गया और अंत में निर्वासित कर दिया गया. मनदीप का कहना है कि वे बहुत निराश हैं क्योंकि उन्होंने अपनी पूरी बचत इस यात्रा में खर्च कर दी, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं मिला.
मनदीप ने बताया कि उन्होंने 18 दिसंबर को यात्रा शुरू की थी और एजेंट ने 40 दिनों का समय मांगा था, लेकिन ये यात्रा चार से पांच महीने तक खिंच गई. अमेरिका पहुंचने के बाद उन्हें बॉर्डर पुलिस ने पकड़ लिया और डिटेंशन सेंटर में डाल दिया और आखिर में नए अमेरिकी प्रशासन की वजह से उन्हें डिपोर्ट कर दिया गया. मनदीप की तरह कई बाकी लोग भी इस कड़ी यात्रा का हिस्सा बने थे, लेकिन उन्हें अपनी उम्मीदों के विपरीत परिणाम मिले.
परिवार ने बेटे के भविष्य के लिए किया था भारी खर्च
मनदीप के परिवार ने अपने बेटे के बेहतर भविष्य के लिए भारी खर्च किया था, लेकिन अंत में ये यात्रा दुख और निराशा में बदल गई. उनका सपना था कि उनका बेटा अमेरिका में एक नया जीवन शुरू करेगा, लेकिन अब वह अपने घर वापस लौट आया है. अब उनका परिवार सिर्फ इस नुकसान को झेल रहा है और इस कठिन समय में उनकी सारी उम्मीदें टूट चुकी हैं.
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Source: IOCL






















