US-Trade Deal: 'नए दौर की शुरुआत, दोनों देशों को...', अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर बोले सर्जियो गोर
India US Tread Dea अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बड़ा बयान है. जानिए इस समझौते से भारत और अमेरिका को क्या फायदे होंगे.

अमेरिका-भारत ट्रेड डील को लेकर भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बयान दिया है. उन्होंने इसे एक नए दिन की शुरुआत बताया और इस समझौते का पूरा श्रेय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व को दिया. उनके अनुसार यह समझौता दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करेगा.
राजदूत गोर ने कहा कि अमेरिका और भारत ने एक अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति बना ली है. यह ढांचा आगे चलकर एक बड़े द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) का रास्ता साफ करेगा. इस प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी की बैठक से हुई थी.
टैरिफ कम करने का फैसला
इस समझौते के तहत भारत ने कई अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं पर टैरिफ कम करने या खत्म करने का फैसला किया है. साथ ही अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी. इसमें पशु आहार, सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन्स, लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, वाइन और अन्य उत्पाद शामिल हैं. इससे दोनों देशों के बीच कृषि और खाद्य व्यापार बढ़ने की उम्मीद है.
कुछ उत्पादों पर 18 प्रतिशत शुल्क लगाने का फैसला
अमेरिका ने भारत से आने वाले कुछ उत्पादों पर 18 प्रतिशत शुल्क लगाने का फैसला किया है. इसमें कपड़ा, कपड़े से बने सामान, चमड़ा, जूते, प्लास्टिक, रबर, रसायन, घर की सजावट का सामान और हस्तशिल्प शामिल हैं. हालांकि राहत की बात यह है कि समझौते के आगे बढ़ने पर जेनेरिक दवाएं, हीरे-जवाहरात और विमान के पुर्जों पर यह शुल्क पूरी तरह हटा दिया जाएगा. इस ट्रेड डील से विमान, ऑटो पार्ट्स और दवा उद्योग को भी राहत मिलेगी. अमेरिका ने भारत से आने वाले कुछ विमानों और उनके पुर्जों पर लगाए गए पुराने शुल्क हटाने पर सहमति दी है. इसके बदले भारत को ऑटो पार्ट्स पर खास रियायती सुविधा मिलेगी.
5 वर्षों में अमेरिका से करीब 500 अरब डॉलर की डील
दोनों देशों ने यह भी माना है कि सिर्फ टैक्स ही नहीं, बल्कि नियमों और प्रक्रियाओं से जुड़ी दिक्कतें भी व्यापार में बाधा बनती हैं. इसलिए मेडिकल उपकरण, आईटी उत्पाद, कृषि सामान और डिजिटल व्यापार से जुड़ी रुकावटों को कम करने पर सहमति बनी है. भारत ने अगले 5 वर्षों में अमेरिका से करीब 500 अरब डॉलर के ऊर्जा उत्पाद, विमान, तकनीकी सामान और कोयला खरीदने की योजना भी जताई है. यह समझौता दोनों देशों के लिए रोजगार, निवेश और तकनीकी सहयोग के नए अवसर खोलेगा.






















