Coronavirus: 'लॉन्ग कोविड' के क्या हैं लक्षण? रिसर्चर ने बताए
Covid 19: लॉन्ग कोविड एक जटिल स्थिति है जो संक्रमित होने के दौरान या बाद में विकसित होती है. इसे तब लॉन्ग कोविड कहा जाता है जब जब लक्षण 12 सप्ताह से अधिक समय तक बने रहते हैं.

Covid 19: कोरोना एक बार फिर अपना पैर पसार रहा है. कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच एक नया अध्ययन हुआ है. इस अध्ययन में कोरोना के लक्षण के बारे में बताया गया है. एक नए अध्ययन में ये कहा गया है कि गंध पहचानने की क्षमता खत्म होना या इसमें कमी आना, लंबे समय तक मौजूद रहने वाले कोविड के सबसे हावी लक्षणों में से एक है. अध्ययन के अनुसार, कोविड का लंबे समय तक असर रहने के कारण लगभग एक तिहाई मरीजों की गंध पहचानने की क्षमता कम हो गई है और लगभग 20 प्रतिशत मरीजों को स्वाद नहीं मिलने जैसे लक्षण पाए गए.
लॉन्ग कोविड एक जटिल स्थिति है
यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट एंग्लिया (UEA), ब्रिटेन की टीम ने लंबे समय तक कोविड का असर रहने से विशेष रूप से कान, नाक और गले से संबंधित लक्षणों की जांच की, जिनमें गंध पहचानने की कमी और ‘पेरोस्मिया’ (गंध को लेकर भ्रम) शामिल है.
अध्ययन के नतीजे रिसर्च मैग्जीन ‘इंटरनेशनल फोरम ऑफ एलर्जी एंड राइनोलॉजी’ में प्रकाशित हुए हैं. अध्ययन में शामिल शोधकर्ता कार्ल फिल्पोट ने कहा, ‘‘लॉन्ग कोविड एक जटिल स्थिति है जो संक्रमित होने के दौरान या बाद में विकसित होती है, और इसे तब इस श्रेणी में शामिल किया जाता है जब लक्षण 12 सप्ताह से अधिक समय तक जारी रहते हैं.’’
ये हैं कोरोना के लक्षण
कार्ल फिल्पोट ने कहा, ‘‘लक्षणों में सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, थकान और स्वाद और गंध की क्षमता में कमी आना शामिल है. भ्रम, एकाग्रता का अभाव और स्मृति क्षमता पर असर पड़ने की स्थिति प्रारंभिक संक्रमण के बाद महीनों तक बनी रह सकती है.’’
फिल्पोट ने कहा, ‘‘हम लंबे समय तक कोविड के प्रसार और विशेष रूप से कान, नाक और गले से संबंधित लक्षणों जैसे गंध पहचानने में कमी और पेरोस्मिया (गंध पहचानने में भ्रम) के बारे में और जानना चाहते थे.’’
अध्ययन टीम ने ब्रिटेन में कोरोना वायरस संक्रमण पर किये गये सर्वेक्षण के परिणामों पर गौर किया और मार्च 2022 में 3,60,000 से अधिक लोगों की जानकारी का विश्लेषण किया. अध्ययन में कहा गया है कि कुल 10,431 प्रतिभागियों की लंबे समय तक कोविड से पीड़ित के रूप में पहचान की गई और उनसे 23 व्यक्तिगत लक्षणों और उनकी रोजाना की गतिविधियों पर स्थिति के प्रभाव के बारे में पूछा गया.
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