Philippine Peso vs Indian Rupee: फिलीपींस में कमाए 1 लाख तो भारत में लौटकर हो जाएंगे कितने, करेंसी की वैल्यू उड़ा देगी होश
Philippine Peso vs Indian Rupee: फिलीपींस की करेंसी का मूल्य भारत से अधिक है, भले ही देश आर्थिक रूप से भारत से पीछे है.

फिलीपींस सेबू प्रांत में मंगलवार (30 सितंबर 2025) की रात को 6.9 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 69 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 150 के करीब लोग घायल हो गए थे. हालांकि, अगर यहां की करेंसी की वैल्यू की भारत के रुपये से तुलना करके देखें तो यहां का एक फिलीपींस पेसो भारत में 1 रुपया 52 पैसे के बराबर है. इसका मतलब ये है कि यहां की करेंसी की कीमत भारत में ज्यादा है, जबकि ये देश भारत के मुकाबले हर मामले में काफी पीछे हैं. इस तरह से अगर कोई भारतीय फिलीपींस में जाकर 1 लाख फिलीपींस पेसो कमाता है तो भारत में आकर उसकी कीमत 1 लाख 52 हजार 449.90 रुपया हो जाएगा.
फिलीपींस पेसो को बैंक ऑफ फिलीपींस जारी करता है. इसका आधिकारीक चिह्न ₱ है. फिलीपींस पेसो (₱) की शुरुआत स्पेनिश औपनिवेशिक काल में हुई थी. 1500 के दशक में स्पेनिश शासकों ने रियल और बाद में पेसो दे ओचो (आठ रियल का सिक्का) चलन में लाया था. यह चांदी का सिक्का पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में व्यापार का मुख्य माध्यम बन गया. 1898 में स्पेन-अमेरिका युद्ध के बाद फिलीपींस पर अमेरिकी शासन शुरू हुआ. 1903 में अमेरिकी पेसो को अपनाया गया. इसे अमेरिकी डॉलर से जोड़ा गया (1 USD = 2 PHP). इसी दौरान बैंकिंग व्यवस्था और नोट छपाई को आधुनिक रूप मिला.
पेसो को स्वतंत्र राष्ट्रीय मुद्रा का दर्जा मिला
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, 1946 में फिलीपींस स्वतंत्र हुआ. 1949 में सेंट्रल बैंक ऑफ फिलीपींस (Bangko Sentral ng Pilipinas) की स्थापना हुई. इसके बाद पेसो को स्वतंत्र राष्ट्रीय मुद्रा का दर्जा मिला. 1960 के दशक के अंत से मुद्रा में बड़े बदलाव हुए. नोटों पर फिलीपींस भाषा (Filipino) में छपाई शुरू हुई. नोटों और सिक्कों पर राष्ट्रीय नायकों, संस्कृति और इतिहास को दर्शाया जाने लगा. इससे पेसो एक राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक बना.
न्यू जेनरेशन करेंसी
2010 में न्यू जेनरेशन करेंसी (NGC) सीरीज जारी की गई. इसमें सुरक्षा फीचर्स मजबूत किए गए. नए नोट और सिक्कों में फिलीपींस की धरोहर, प्राकृतिक स्थल और नायक दिखाए गए है.फिलीपींस में फिलीपींस पेसो (PHP) की आधिकारिक मुद्रा है और इसके बैंकनोट 20, 50, 100, 200, 500 और 1,000 पेसो के मूल्यवर्ग में चलते हैं. हालांकि, 200 पेसो के नोट को अब बंद कर दिया गया है, क्योंकि इसका उपयोग कम होता है. 10, 5, और 1 पेसो के सिक्के भी प्रचलन में हैं.
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Source: IOCL






















