ऑपरेशन सिंदूर में मार खाने के बाद अब जर्मनी की शरण में पहुंचा पाकिस्तान, ब्रह्मोस से बचाने के लिए गिड़गिड़ाया
कंगाली के दौर से गुजर रहे पाकिस्तान ने अपने रक्षा बजट को 20 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है, जबकि 1000 बिलियन पाकिस्तानी रुपये डोमेस्टिक विकास प्रोजेक्ट्स को रद्द कर दिया है.

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान रूसी एयर डिफेंस सिस्टम एस-400 और भारतीय ब्रह्मोस मिसाइलों ने पाकिस्तान में भयंकर तबाही मचाई थी. इसके बाद से वो लगातार खौफ में है, क्योंकि तुर्किये के ड्रोन और चीनी मिसाइलों को भारत ने हवा में ही मार गिराया था. ऐसे में वो अपनी हवाई रक्षा मजबूत करने के लिए अब यूरोपीय देश जर्मनी की ओर देख रहा है.
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान जर्मनी से IRIS-T SLM एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने की योजना बना रहा है ताकि वो भारत की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल से अपने मुल्क को बचा सके. भारत-पाक सैन्य संघर्ष के दौरान चीनी एयर डिफेंस सिस्टम HQ-9 और HQ-16 भारतीय मिसाइलों का सामना करने में नाकाम रहे.
यूक्रेन के लिए वरदान साबित हुआ जर्मन एयर डिफेंस सिस्टम
जर्मन IRIS-T SLM यूक्रेन को रूस से बचाने में काफी कारगर साबित हुआ है. रिपोर्ट्स के मुताबिक जर्मन डिफेंस सिस्टम ने पिछले साल से अबतक 60 से ज्यादा टारगेट्स को मार गिराया है.
क्या है IRIS-T SLM एयर डिफेंस सिस्टम?
जर्मन एयर डिफेंस सिस्टम हीहल डिफेंस ने विकसित किया है, ये मॉडयूलर और कॉम्पैक्ट है. इसकी हर एक यूनिट की कीमत करीब 200 डॉलर बताई जाती है. डीहल डिफेंस IRIS-T SLM के डेवलपर थाइसेनक्रुप मारिन सिस्टम्स के साथ ही भारत के 75I सबमरीन प्रोग्राम पर भी काम कर रहा है.
कंगाली के दौर से गुजर रहे पाकिस्तान ने अपने रक्षा बजट को 18 प्रतिशत बढ़ा दिया है, जबकि 1000 बिलियन पाकिस्तानी रुपये डोमेस्टिक विकास प्रोजेक्ट्स को रद्द कर दिया है. इसके अलावा पाकिस्तान ने आईएमएफ और एडीबी से पिछले महीने ही 1-8 बिलियन डॉलर के लोन लिए हैं. पाकिस्तान इसलिए भी इस सिस्टम को खरीदना चाहता है क्योंकि उसके चीनी डिफेंस सिस्टम भारतीय मिसाइलों के आगे नाकाम साबित हुए.
ये भी पढ़ें:
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















