ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री का चीन दौरा, जानें भारत की क्यों बढ़ेगी टेंशन
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले की निंदा की थी. इसके अलावा पाकिस्तानी आर्मी के लगाए आरोपों को भी खारिज किया था.

भारत के ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है और हर बार की तरह इस बार भी पाकिस्तान के सदाबहार दोस्त चीन ने पाकिस्तान की मदद की. ऐसे में पाकिस्तान के विदेश मंत्री का चीन दौरा कई मायनों में अहम माना जा रहा है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार सोमवार (19 मई, 2025) को चीन के दौरे पर जाएंगे. बताया जा रहा है कि इस दौरे के दौरान द्विपक्षीय वार्ता होगी. साउथ एशिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने को लेकर भी चर्चा की जाएगी. इसके अलावा इशाक डार के पाकिस्तान, चीन और अफगानिस्तान को लेकर त्रिपक्षीय वार्ता करने की भी उम्मीद है. खासकर भारत पाकिस्तान संघर्ष को लेकर सुरक्षा के लिहाज से इस पर भी चर्चा की उम्मीद है.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने जियो न्यूज़ के हवाले से बताया कि क्षेत्रीय व्यापार, क्षेत्रीय सुरक्षा, भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बाद उभरी स्थिति को लेकर तीनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच बैठक होने की उम्मीद है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार भारत के साथ हुए संघर्ष को लेकर चीन के विदेश मंत्री संग विस्तार से चर्चा करेंगे और चीन-पाकिस्तान के रिश्तों को लेकर भी बात होगी.
भारत के लिए क्यों है चिंता की बात?
पाकिस्तान, चीन और अफगानिस्तान की भारत के साथ सीमा लगती है. ऐसे में इन तीन देशों का एक साथ होना कहीं न कहीं भारत के लिए चिंता का विषय है, खासकर देश की सुरक्षा के लिहाज से.
तालिबान सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले की निंदा की थी. इसके अलावा पाकिस्तान आर्मी के लगाए गए आरोपों कि भारत ने अफगान क्षेत्र में मिसाइल हमला किया, उसे भी अफगान सरकार ने नकार दिया था. तालिबान सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन किया था. हालांकि, भारत ने तालिबान सरकार को औपचारिक रूप से मान्यता नहीं दी है.
ये भी पढ़ें:
हिमंत बिस्वा सरमा का आरोप- 'ISI के बुलावे पर पाकिस्तान गए गौरव गोगोई', कांग्रेस सांसद ने किया पलटवार
Source: IOCL





















