Pakistan In OIC: पाकिस्तान ने मुस्लिम देशों को साथ लेकर भारत के खिलाफ शुरू किया गंदा खेल, खुल्लम खुल्ला खूब उगला जहर
OIC की बैठक में पाकिस्तान ने एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाया और भारत पर आरोप लगाए. पाकिस्तान ने पीओके और गिलगित-बाल्टिस्तान पर भारतीय नेताओं के बयानों को क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताया.

पाकिस्तान ने इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) की बैठक के दौरान एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाया. पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि उसने अजरबैजान, तुर्किए, सऊदी अरब और नाइजर के साथ मिलकर कश्मीरी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार को लेकर समर्थन दोहराया है.
पाकिस्तान ने कहा, "PoK और गिलगित-बाल्टिस्तान के बारे में भारतीय नेताओं के अनुचित दावे और गैर-जिम्मेदाराना बयान क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा हैं. गौरतलब है कि पाकिस्तान आजाद कश्मीर उस हिस्से को कहता है जिस पर उसने 1948 में कब्जा कर लिया था."
Meeting of the OIC Contact Group on Jammu & Kashmir on the Sidelines of 80th Session of the United Nations General Assembly held on 23 September 2025 in New York Joint Communique'https://t.co/j1t9LOB7jd pic.twitter.com/CJNGs2pdmA
— Ministry of Foreign Affairs - Pakistan (@ForeignOfficePk) September 24, 2025
भारत पर दमन के आरोप
OIC मंच से पाकिस्तान ने भारत पर आरोप लगाते हुए कहा कि भारत ने कश्मीरी कार्यकर्ताओं और राजनीतिक दलों पर कार्रवाई की है. भारत ने कश्मीरी कार्यकर्ताओं और राजनीतिक दलों की संपत्तियों की जब्ती की है. उन्हें बड़े पैमाने पर हिरासत में लिया है. राजनीतिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने का काम किया है." पाकिस्तान ने दावा किया कि ये सभी कदम स्थानीय जनता के दमन के लिए उठाए गए हैं.
भारतीय नेताओं के बयानों पर आपत्ति
पाकिस्तान के आरोप सीधे तौर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के हालिया बयानों से जुड़े हैं. राजनाथ सिंह ने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ, बल्कि फिलहाल रुका हुआ है. उन्होंने यह भी कहा था कि पीओके एक दिन बहुत आसानी से भारत में शामिल होगा. इन्हीं बयानों को लेकर पाकिस्तान ने OIC में भारत पर निशाना साधा और उसे क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताया.
दोहरे मापदंड का आरोप
पाकिस्तान ने अवैध रूप से भारत में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को बाहर निकालने के फैसले की आलोचना की और इसे मानवाधिकार का उल्लंघन बताया. हालांकि, हैरानी की बात यह है कि पाकिस्तान ने खुद लाखों अफगानों को जबरन अपने देश से बाहर निकाला था. इस पर भी सवाल उठ रहे हैं कि पाकिस्तान मानवाधिकार की बात करते हुए अपने कदमों को क्यों नजरअंदाज करता है.
तुर्किए का भी हस्तक्षेप
पाकिस्तान के करीबी तुर्किए ने भी संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में कश्मीर मुद्दा उठाया. राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन के इस बयान की भारत ने कड़ी आलोचना की है. भारत का कहना है कि कश्मीर पूरी तरह से उसका आंतरिक मामला है और इस पर किसी बाहरी देश को बोलने का अधिकार नहीं है.
आर्टिकल 370 और 35A
भारत ने साल 2019 में कश्मीर से आर्टिकल 370 और 35A को रद्द कर दिया था. इस फैसले के बाद से पाकिस्तान लगातार कश्मीर को लेकर बयानबाजी करते हुए नजर आता है. हालांकि, भारत ने हमेशा कहा है कि ये हमारा आंतरिक मामला है और वह किसी तीसरे पक्ष की दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं करेगा.
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Source: IOCL





















