अमेरिका-ईरान बातचीत की मेजबानी करेगा पाकिस्तान? शहबाज शरीफ ने किया खुलासा, जानें युद्ध पर क्या कहा
US-Iran War: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि US और ईरान की सहमति के बाद पाकिस्तान दोनों देशों के बीच एक सार्थक और निर्णायक बातचीत को लेकर सुगम बनाने के लिए मेजबान बनने के लिए तैयार है.

अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान की जारी जंग के बीच पाकिस्तान ने मिडिल ईस्ट में तनाव को खत्म करने और बातचीत के चल रहे प्रयास का स्वागत किया है. इसके साथ ही पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली बातचीत में मेजबान की भूमिका निभाने को लेकर भी बड़ा बयान दिया है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने X पर किया पोस्ट
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार (24 मार्च, 2026) को इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया. पोस्ट में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा, ‘पाकिस्तान मध्य पूर्व में युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत के चल रहे प्रयासों का स्वागत करता है और उनका पूरी तरह से समर्थन भी करता है, ताकि पूरे मिडिल ईस्ट के इलाके और उसके आगे भी शांति और स्थिरता कायम हो सके.’
Pakistan welcomes and fully supports ongoing efforts to pursue dialogue to end the WAR in Middle East, in the interest of peace and stability in region and beyond. Subject to concurrence by the US and Iran, Pakistan stands ready and honoured to be the host to facilitate…
— Shehbaz Sharif (@CMShehbaz) March 24, 2026
उन्होंने आगे कहा, ‘अमेरिका और ईरान की सहमति के बाद पाकिस्तान जंग की आग में जल रहे दोनों देशों के बीच एक सार्थक और निर्णायक बातचीत को लेकर सुगम बनाने के लिए मेजबान बनने के लिए तैयार है. यह पाकिस्तान के लिए बड़े सम्मान की बात है, जिससे चल रहे संघर्ष का व्यापक तौर पर समाधान निकल सके.’
जंग की शुरुआत के तीन हफ्ते से ज्यादा का बीत चुका समय
उल्लेखनीय है कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध की शुरुआत हुए अब तक तीन हफ्ते से ज्यादा का समय बीत चुका है. इस युद्ध में अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान ने भारी संख्या में मिसाइलों और हमलावर ड्रोन्स के जरिए बड़े-बड़े हमले को अंजाम दिया है. US-इजरायल के हमलों में अब तक ईरान के कई शीर्ष नेता, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और भारी संख्या में आम लोग मारे जा चुके हैं. वहीं, दूसरी तरफ ईरान ने पलटवार करते हुए अमेरिका और इजरायल पर भारी संख्या में मिसाइलों और ड्रोन्स से हमला कर भारी नुकसान पहुंचाया है.
यह भी पढ़ेंः अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच ट्रंप- PM मोदी की पहली बातचीत, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने पर हुई चर्चा
Source: IOCL



























