China Earthquake: चीन में सुबह सुबह भयंकर भूकंप, सहमे लोग, जानिए ताजा हालात
भारत के पड़ोसी देश चीन में बुधवार (26 मार्च) सुबह स्थानीय समयानुसर 1:21 बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए.

China Earthquake: भारत के पड़ोसी देश चीन में बुधवार (26 मार्च) सुबह स्थानीय समयानुसर 1:21 बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. ये भूकंप उत्तरी चीन के हेबेई प्रांत के लैंगफैंग में स्थित योंगकिंग काउंटी में आया था, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.2 मापी गई. चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र (CENC) के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन के 20 किलोमीटर नीचे था.
भूकंप का केंद्र बीजिंग के नजदीक था, जिस कारण वहां के निवासियों ने भी हल्के झटके महसूस किए. चीन की अलर्ट सिस्टम ने तुरंत लोगों के फोन पर अलर्ट मैसेज जारी कर दिया, जिससे लोगों को सतर्क रहने का मौका मिला. बता दें कि चीन भूकंप के लिहाज से संवेदनशील देशों में से एक है. यहां समय-समय पर हल्के से लेकर गंभीर तीव्रता वाले भूकंप आते रहते हैं, विशेषकर उत्तरी और पश्चिमी क्षेत्रों में.
बड़े नुकसान की रिपोर्ट नहीं
चीन के उत्तरी हेबेई प्रांत में आया यह 4.2 तीव्रता का भूकंप कोई गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा पाया है. हालांकि, बीजिंग और आसपास के क्षेत्रों में झटके महसूस किए गए. स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और कोई आपातकालीन कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है. भूकंप के बाद, किसी बड़े नुकसान की रिपोर्ट नहीं मिली है.
चीन में भूकंप की आशंका
चीन में भूकंप की आशंका बनी हुई रहती है.यह देश दुनिया के उन क्षेत्रों में से एक है, जहां नियमित रूप से छोटे और बड़े भूकंप आते रहते हैं. चीन के भौगोलिक स्थिति और टेक्टोनिक प्लेटों की एक्टिविटी के कारण यहां भूकंप की घटनाएं अधिक होती हैं.चीन का भूभाग एशियाई और भारतीय प्लेटों की टक्कर के बीच स्थित है. इस टेक्टोनिक सीमा पर लगातार दबाव और हलचल के कारण चीन में भूकंप की घटनाएं आम हैं. हिमालय पर्वत श्रृंखला भी इसी टकराव का परिणाम है. इसके अलावा, चीन के कई क्षेत्र भूकंपीय रूप से सक्रिय हैं, विशेष रूप से पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में भूकंप का खतरा अधिक होता है.
चीन का सबसे शक्तिशाली भूकंप
सिचुआन प्रांत में 12 मई, 2008 को 7.9 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे करीब 87,000 लोगों की जान गई और लाखों लोग बेघर हो गए. यह भूकंप स्कूलों, अस्पतालों और घरों सहित अनेक स्थानों को बुरी तरह से प्रभावित किया. भूकंप के बाद राहत और बचाव के कामों में व्यापक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग हुआ. इस भूकंप के कारण चीन में भूकंप-प्रतिरोधी इमारतों और संरचनाओं के विकास पर अधिक ध्यान दिया गया.
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Source: IOCL






















