रूस के साथ संयुक्त युद्धाभ्यास में पहली बार शामिल हुआ चीन, किसके खिलाफ है तैयारी
रूस शीत युद्ध के बाद सबसे बड़ा युद्धाभ्यास क्यों कर रहा है और चीन के इसमें शामिल होने का क्या मतलब है. कहीं ये तीसरे विश्वयुद्ध का रिहर्सल तो नहीं है इसको लेकर आशंकाएं उठ रही हैं.

नई दिल्लीः दुनिया पर तीसरे विश्वयुद्ध का खतरा एक बार फिर मंडराने लगा है. इसकी वजह है एक युद्धाभ्यास जिसमें रूस के साथ चीन पहली बार शामिल हुआ है. रूस शीत युद्ध के बाद सबसे बड़ा युद्धाभ्यास क्यों कर रहा है और चीन के इसमें शामिल होने का क्या मतलब है. कहीं ये तीसरे विश्वयुद्ध का रिहर्सल तो नहीं है इसको लेकर आशंकाएं उठ रही हैं.

रूस का वोस्तोक जहां रूस 37 साल बाद सबसे बड़े युद्भाभ्यास के लिए लौटा है. इस जंग के मैदान में इस बार सबसे खास बात चीन है. जो रूस के सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहा है. सवाल ये है कि रूस और चीन मिलकर किसे चित्त करने के लिए कमर कस चुके हैं या फिर दो महाशक्तियां दुनिया को अपना दोस्ताना दिखाकर संदेश देना चाहती है

वोस्तोक में पहले भी युद्धाभ्यास होते रहे हैं. लेकिन ऐसा पहली बार है कि 3200 चीनी सैनिक भी इसमें हिस्सा ले रहे हैं. ये साफ तौर पर अमेरिका के खिलाफ चीन और रूस की करीबी को ही बताता है. और इसे अमेरिका के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है.
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