पूर्वी कांगो में इस्लामिक स्टेट ने किया हमला! चर्च को बनाया निशाना, 38 से अधिक लोगों की मौत
पूर्वी कांगो के इतुरी प्रांत में इस्लामिक स्टेट समर्थित ADF विद्रोहियों ने एक कैथोलिक चर्च पर हमला कर 34 से अधिक लोगों की हत्या कर दी.

पूर्वी कांगो में इस्लामिक स्टेट से जुड़े विद्रोही संगठन ADF (Allied Democratic Forces) ने एक कैथोलिक चर्च पर किया. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक यह हमला रविवार (27 जुलाई 2025) तड़के 1 बजे इतुरी प्रांत के कोमांडा शहर में हुआ, जिसमें 38 लोगों की हत्या कर दी गई और कई घरों और दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया.
स्थानीय नागरिक समाज समन्वयक डियूडोने डुरान्थाबो के अनुसार शव अभी भी घटनास्थल पर पड़े हैं और सामूहिक कब्र की खुदाई की जा रही है ताकि पीड़ितों को चर्च परिसर में दफनाया जा सके. हमले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें चर्च की जली हुई इमारतें, फर्श पर बिखरे शव दिखाई दे रहे हैं. इस हमले से मृतकों के परिजन काफी शोक में हैं. इससे पहले, मचोंगानी गांव में भी ऐसा ही एक हमला हुआ जिसमें कम से कम 5 लोगों की हत्या कर दी गई थी.
ADF का खूनी इतिहास इस्लामिक स्टेट से संबंध
ADF, यानी एलाइड डेमोक्रेटिक फोर्स, मूल रूप से 1990 के दशक के अंत में युगांडा में स्थापित हुआ एक सशस्त्र समूह है. इसकी उत्पत्ति उस असंतोष से हुई थी जो तत्कालीन राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी के खिलाफ था. 2002 में युगांडा सेना की कार्रवाई के बाद ADF ने अपनी गतिविधियां कांगो में शुरू कर दीं. 2019 में, इस समूह ने आधिकारिक तौर पर इस्लामिक स्टेट के प्रति निष्ठा की शपथ ली. इसके बाद से, ADF ने हजारों निर्दोष नागरिकों की हत्याएं की हैं और पूर्वी कांगो को आतंक का गढ़ बना दिया है.
हमले में कितने मारे गए? आंकड़े अब भी असंगत
इस भयावह घटना के बाद संख्याओं में अंतर देखा जा रहा है. कांगो सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जूल्स न्गोंगो ने 10 मौतों की पुष्टि की है. वहीं, संयुक्त राष्ट्र समर्थित रेडियो ओकापी की रिपोर्ट के मुताबिक कम से कम 43 लोग मारे गए हैं. स्थानीय कार्यकर्ताओं के अनुसार, वास्तविक आंकड़ा 34 से भी अधिक हो सकता है. हमलावर कोमांडा से 12 किलोमीटर दूर स्थित ADF के गढ़ से आए थे और सुरक्षा बलों के पहुंचने से पहले ही भाग निकले.
नागरिकों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
नागरिक नेता डुरान्थाबो ने प्रशासन और सेना की नाकामी पर सवाल उठाते हुए कहा यह शहर ऐसा है जहां सभी सुरक्षाबल मौजूद हैं, फिर भी ऐसा नरसंहार हुआ. उन्होंने तत्काल सैन्य हस्तक्षेप की मांग की और आगाह किया कि और दुश्मन अब भी हमारे शहर के बहुत पास है. पूर्वी कांगो पहले ही एम23 विद्रोही, रवांडा समर्थित विद्रोह और ADF आतंकवाद से जूझ रहा है. यह हमला इस क्षेत्र की विफल सुरक्षा व्यवस्था की ओर भी इशारा करता है.
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Source: IOCL






















