UNGA Voting: रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर UNGA में वोटिंग, चीन-अमेरिका, बांग्लादेश एक तरफ, भारत किधर?
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में भारत ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर एक अहम प्रस्ताव पर वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया. इसके अलावा अमेरिका, ब्राजील, श्रीलंका और बहरीन ने भी हिस्सा नहीं लिया.

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में मंगलवार (24 फरवरी) को भारत ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर एक अहम प्रस्ताव पर वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया. इस प्रस्ताव में यूक्रेन में पूरी तरह और बिना शर्त युद्धविराम की मांग की गई है, जिसे संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दोनों देशों की जंग के 4 साल पूरे होने पर पास किया है.
संयुक्त राष्ट्र महासभा के इस प्रस्ताव में यूक्रेन के अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर का भी समर्थन किया गया है. 193 सदस्यों वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मंगलवार को आए इस प्रस्ताव को भारी अंतर से अपनाया है. कीव की तरफ से पेश किए गए इस प्रस्ताव के पक्ष में 107 देशों ने वोट किया और 12 इसके खिलाफ रहे, जबकि 51 देशों ने वोट नहीं दिया.
भारत और चीन एक ही पाले में
भारत भी उन 51 देशों में शामिल था, जिन्होंने इस प्रस्ताव में हिस्सा नहीं लिया. चीन ने भी वोटिंग से दूरी बनाए रखी. इसके अलावा अमेरिका, ब्राजील, बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन ने भी हिस्सा नहीं लिया. यूक्रेन में हमेशा रहने वाली शांति के लिए समर्थन के नाम से आए इस प्रस्ताव में संयुक्त राष्ट्र चार्टर समेत अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार एक पूरी, सही और हमेशा रहने वाली शांति की मांग दोहराई गई है.
प्रस्ताव पर वोटिंग इसे कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं बनाती है, लेकिन इसका अपना राजनीतिक असर रखती है. रूस के खास दोस्त भारत और चीन वोटिंग से अनुपस्थित रहे. इसके अलावा ट्रंप प्रशासन का इस वोटिंग से दूर रहना भी काफी महत्वपूर्ण है.
रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर क्या बोले गुटेरेस
रूस-यूक्रेन युद्ध के 4 साल के दौरान 15 सदस्यों वाली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद हमेशा डेडलॉक में रही है. यह यूक्रेन युद्ध पर एक्शन लेने में नाकाम रही है, क्योंकि रूस के पास सुरक्षा परिषद में वीटो है. संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि यूक्रेन युद्ध हमारे सामूहिक विवेक पर दाग बना हुआ है और उन्होंने तुरंत सीजफायर की मांग दोहराई.
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने वोटिंग में समर्थन देने वाले देशों को शुक्रिया अदा किया और कहा कि मैं उन सभी 107 देशों का शुक्रगुजार हूं, जो आज जिंदगी बचाने के लिए संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन के साथ खड़े थे.
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Source: IOCL

























