जल्द लौटेगा अलनीनो.. दुनिया में फिर बढ़ेगा तापमान, UN की चेतावनी; क्या मचेगी भारी तबाही?
UN Warn For EL Nino: WMO यानी विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने मंगलवार को जानकारी दी है कि मौसम का यह शक्तिशाली नेचर से जुड़ा पैटर्न, जो दुनिया में तापमान में इजाफा करता है, बारिश को और खराब कर देता है.

El Niño Pattern impact on Earth: यूनाइटेड नेशन ने पर्यावरण को लेकर चेतावनी जारी की है. संगठन ने कहा है कि अल नीनो की जल्द वापसी और इसके साथ आने वाली मौसम की भयानक चरम स्थितियों के लिए दुनिया को तैयार रहना चाहिए.
गार्जियन में छपी रिपोर्ट के मुातबिक, WMO यानी विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने मंगलवार को जानकारी दी है कि मौसम का यह शक्तिशाली नेचर से जुड़ा पैटर्न, जो दुनिया में तापमान में इजाफा करता है, और कुछ जगहों पर बारिश को और खराब कर देता है. समुद्र में बनने वाले इस मॉडल और वायुमंडल में चक्रीय घटना की वापसी को कम से कम मिडियम गति वाला और तेज बता रहे हैं.
वैज्ञानिकों ने बताया कि इस साल का यह सबसे शक्तिशाली अलनीनो हो सकता है. हालांकि, ये चेतवानी कितनी सही साबित होंगी, उसपर फिलहाल संगठन ने ही संशय लगा रखा है.
WMO के महाचिव सेलेस्टे साउलो ने क्या जानकारी दी?
WMO के महाचिव सेलेस्टे साउलो ने कहा है कि इसकी काफी विविधता है. कुछ मॉडल ऐसे हैं, जो किसी भी शक्तिशाली अल नीनों का कोई संकेत नहीं दे रहे, जब अन्य दे रहें हैं. यूएन के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि दुनिया को इसे एक क्लाइमेट चेंज की चेतावनी के रूप में ही लेना चाहिए. अल नीनो की स्थितियां दुनिया के बढ़ते तापमान की आग में घी डालने का काम करेंगी. इसके प्रभाव काफी जोरदार होंगे, और यह काफी दूर तक फैलेंगे. यानी विनाशकारी सीमाओं को पार कर जाएंगे.
इससे साल 2023 और 2024 में अल नीनो आया था. वह पांच शक्तिशाली अल नीनो में से एक था. इसमें 2024 को बेहद ही गर्म बना दिया था. इसने वैश्विक तापमान के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए थे.
अलनीनों से किस तरह के प्रभाव देखने को मिलते हैं?
अलनीनों की हर घटना अनोखी होती है. वैज्ञानिक आमतौर पर इसे दक्षिण अमेरिका, हॉर्न ऑफ अफ्रीका, मध्य एशिया के कुछ हिस्सों से जोड़कर देखते हैं. इसके उलट मध्य अमेरिका, उत्तरी दक्षिण अमेरिका, कैरिबियन, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, और दक्षिण एशिया के कुछ हिस्सों में आमतौर पर सूखे की स्थिति देखने को मिलती है. समुद्र का गर्म पानी मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर में तूफानों को और भी शक्तिशाली बना सकता है. ऐसे में यह चेतावनी ऐसे वक्त आई है, जब पश्चिमी यूरोप मई के महीने में पड़ी असामान्य गर्मी से उबर रहा है. यूके और आयरलैंड में मई के महीने के तापमान के सभी रिकॉर्ड टूट गए थे.
Source: IOCL
























