पिछले हफ्ते भूकंप-सुनामी ने तबाह कर दिया न्यूक्लियर सबमरीन बेस, अब फिर तेजी से कांपी रूस की धरती
Earthquake: रूस के कामचटका में एक बार फिर भूकंप के भयानक झटके महसूस किए गए. इससे पहले आए भूकंप की वजह से सुनामी भी आ गई थी.

रूस में मंगलवार (5 अगस्त) को एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए. हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक कामचटका में 5 की तीव्रता का भूकंप आया. इससे पहले आए भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी. भूकंप के बाद सुनामी भी आ गई थी, जिसकी वजह से न्यूक्लियर सबमरीन बेस को नुकसान पहुंचा था. अवाचा बे में रूस की नेवी के रायबाची सबमरीन बेस फ्लोटिंग पायर को काफी नुकसान पहुंचा था.
रिपोर्ट के मुताबिक कामचटका के तट पर आए भूकंप की वजह से फिलहाल किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है. कामचटका भूकंप के लिहाज से काफी संवेदनशील क्षेत्र है. यहां अक्सर भूकंप आता रहता है. इस महीने की शुरुआत में, तट पर 7 से ज्यादा की तीव्रता का भूकंप आया था, जिसके कारण कुछ समय के लिए सुनामी की चेतावनी दी गई थी. रूस के आपातकालीन मंत्रालय ने कहा कि वे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
रूस में ज्वालामुखी भी बढ़ा सकता है दिक्कत
रूस के कामचटका प्रायद्वीप पर मंगलवार को एक और बड़ी घटना हो गई. यहां क्ल्युचेव्स्कॉय ज्वालामुखी से राख का गुबार निकलने लगा. राख समुद्र तल से करीब 7 किलोमीटर ऊंचाई तक पहुंच गई और दक्षिण-पूर्व दिशा में प्रशांत महासागर की ओर बढ़ने लगी.
रूसी मंत्रालय ने ज्वालामुखी को लेकर क्या दी प्रतिक्रिया
कामचटका में आपातकालीन स्थिति मंत्रालय की स्थानीय शाखा ने अपने टेलीग्राम चैनल पर बताया कि घटना की जगह कोई आबादी वाला इलाका नहीं है और कहीं भी राख गिरने की वजह से किसी तरह की नुकसान की जानकारी नहीं मिली है. साथ ही, ज्वालामुखी के आसपास इस समय कोई भी पर्यटकों का समूह मौजूद नहीं है. ज्वालामुखी को ऑरेंज अलर्ट के लेवल में रखा गया है, जो यह दिखाता है कि राख निकलने की संभावना ज्यादा है. यह हवाई यातायात के लिए खतरा पैदा कर सकता है.
इनपुट - आईएएनएस
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