अब किस बात से नाराज हो गए ट्रंप? साउथ अफ्रीका पर जमकर बोला हमला, G20 समिट का किया बहिष्कार
डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण अफ्रीका में श्वेत किसानों के साथ कथित दुर्व्यवहार के कारण G20 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी अधिकारियों की भागीदारी रद्द कर दी. उन्होंने दक्षिण अफ्रीका को G20 से हटाने की भी मांग की.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (07 नवंबर( को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि इस साल दक्षिण अफ्रीका में होने वाले G20 शिखर सम्मेलन में कोई भी अमेरिकी सरकारी अधिकारी हिस्सा नहीं लेगा. उन्होंने इसका कारण बताया कि दक्षिण अफ्रीकी सरकार श्वेत किसानों (Afrikaners) के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार कर रही है. ट्रंप ने इस कदम को 'न्याय के लिए मजबूरी' बताया, जबकि दक्षिण अफ्रीकी प्रशासन ने उनके आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और झूठा करार दिया.
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा, “यह शर्मनाक है कि G20 जैसे प्रतिष्ठित आयोजन की मेजबानी उस देश में हो रही है, जो अपने ही नागरिकों, विशेष रूप से श्वेत किसानों के साथ अन्याय कर रहा है. भूमि जब्त करना और उन पर हिंसा करना मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है.”
पहले यह तय हुआ था कि ट्रंप की जगह उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) इस समिट में अमेरिका का प्रतिनिधित्व करेंगे, लेकिन अब वे भी नहीं जाएंगे. ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, यह फैसला ट्रंप की सीधी मंजूरी के बाद लिया गया है.
US President Donald Trump posts, "It is a total disgrace that the G20 will be held in South Africa. Afrikaners (People who are descended from Dutch settlers, and also French and German immigrants) are being killed and slaughtered, and their land and farms are being illegally… pic.twitter.com/oUKxCZwgNl
— Press Trust of India (@PTI_News) November 8, 2025
साउथ अफ्रीका ने किया पलटवार
दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा (Cyril Ramaphosa) ने ट्रंप के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह एक राजनीतिक प्रचार है, जो देश की छवि खराब करने के लिए फैलाया जा रहा है. उन्होंने कहा, “दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद खत्म हुए तीन दशक हो चुके हैं. यहां सभी नागरिकों को बराबर अधिकार प्राप्त हैं, और श्वेत नागरिक आज भी देश के सबसे संपन्न वर्गों में शामिल हैं.”
रामफोसा ने यह भी दावा किया कि ट्रंप बार-बार झूठे आंकड़े और रिपोर्ट्स के जरिए लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं, कुछ अफ्रीकी डिप्लोमैट्स ने ट्रंप के बयान को नस्लीय राजनीति भड़काने वाला बताया है.
G20 से साउथ अफ्रीका को हटाने की मांग
ट्रंप ने हाल ही में मियामी में एक भाषण में कहा था कि दक्षिण अफ्रीका को “मानवाधिकार उल्लंघन” के आरोपों के चलते G20 से बाहर कर देना चाहिए. उन्होंने कहा कि जब तक श्वेत किसानों के साथ हो रहे अत्याचार बंद नहीं होते, अमेरिका इस देश के साथ किसी भी वैश्विक आर्थिक मंच पर नहीं बैठेगा.
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब नवंबर के अंत में जोहान्सबर्ग में G20 समिट 2025 आयोजित होने वाला है, जिसमें दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं के नेता एक साथ वैश्विक विकास, जलवायु संकट और भू-राजनीतिक स्थिरता पर चर्चा करने वाले हैं.
समझें विवाद की जड़
ट्रंप प्रशासन लंबे समय से दक्षिण अफ्रीकी सरकार पर आरोप लगाता रहा है कि वह श्वेत किसानों के खिलाफ भूमि अधिग्रहण और हिंसक हमलों को नजरअंदाज कर रही है. इसी वर्ष, अमेरिकी सरकार ने अपने शरणार्थी कार्यक्रम में बदलाव करते हुए श्वेत दक्षिण अफ्रीकियों को प्राथमिकता देने की नीति की घोषणा की थी.
दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका का कहना है कि ये हमले जातीय नहीं, बल्कि आपराधिक घटनाएं हैं जिन्हें रंगभेद का मुद्दा बनाकर पेश किया जा रहा है. इस विवाद के बाद अब G20 समिट से पहले दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट और गहराने की संभावना है.
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Source: IOCL





















