अमेरिका में No Entry! ट्रंप ने 39 देशों तक बढ़ाया ट्रैवल बैन, जानें कब से होगा लागू
US Travel Ban: ट्रंप प्रशासन का यह कदम हालिया सुरक्षा घटनाओं के बाद उठाया गया है. 26 नवंबर को वॉशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड के दो जवानों की हत्या हुई थी. हमलावर अफगान नागरिक था.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा का हवाला देते हुए आव्रजन नीति को और सख्त कर दिया है. मंगलवार (16 दिसंबर, 2025) को ट्रंप प्रशासन ने सात और देशों व फिलिस्तीनियों पर पूर्ण यात्रा प्रतिबंध लगा दिया. इसके अलावा 15 अन्य देशों के नागरिकों के प्रवेश पर आंशिक पाबंदियां लागू कर दी गईं. ट्रंप प्रशासन के इस कदम के साथ ही अमेरिका द्वारा ट्रैवल बैन या एंट्री रेस्ट्रिक्शन झेलने वाले देशों की कुल संख्या बढ़कर 39 हो गई है.
1 जनवरी से लागू होगा नया प्रतिबंध
व्हाइट हाउस की फैक्ट-शीट के मुताबिक, यह विस्तारित यात्रा प्रतिबंध और प्रवेश संबंधी पाबंदियां 1 जनवरी से प्रभावी होंगी. प्रशासन का कहना है कि यह कदम कमजोर वीजा जांच प्रणाली, अधिक वीजा ओवरस्टे दर और आतंकवादी गतिविधियों के खतरे को देखते हुए उठाया गया है.
इन 7 देशों पर पूर्ण ट्रैवल बैन
नए ऐलान के तहत बुर्किना फासो, माली, नाइजर, दक्षिण सूडान और सीरिया पर पूर्ण ट्रैवल बैन लगाया गया है. इसके अलावा फिलिस्तीनी अथॉरिटी द्वारा जारी यात्रा दस्तावेज रखने वाले फिलिस्तीनियों को भी प्रतिबंधित सूची में शामिल किया गया है. साथ ही, लाओस और सिएरा लियोन पर भी अब पूर्ण ट्रैवल बैन लागू कर दिया गया है, जिन पर पहले आंशिक पाबंदियां थीं.
15 देशों पर आंशिक एंट्री रेस्ट्रिक्शन
ट्रंप प्रशासन ने अंगोला, एंटीगुआ और बारबुडा, बेनिन, कोट डी'आईवोर, डोमिनिका, गैबॉन, द गाम्बिया, मलावी, मॉरिटानिया, नाइजीरिया, सेनेगल, तंजानिया, टोंगा, जाम्बिया और जिम्बाब्वे के नागरिकों पर आंशिक प्रवेश प्रतिबंध लगाए हैं. बुरुंडी, क्यूबा, टोगो और वेनेजुएला के नागरिकों पर पहले से लागू आंशिक प्रतिबंध जारी रहेंगे. नई व्यवस्था के तहत तुर्कमेनिस्तान एकमात्र ऐसा देश है, जिसे आंशिक राहत दी गई है. इसके नागरिकों के लिए गैर-आप्रवासी वीजा पर लगी पाबंदियां हटा ली गई हैं.
पहले से 12 देशों पर लगा है ट्रैवल बैन
अमेरिका पहले ही अफगानिस्तान, म्यांमार, चाड, कांगो गणराज्य, इक्वेटोरियल गिनी, इरीट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन के नागरिकों पर यात्रा प्रतिबंध लगा चुका है.
सुरक्षा घटनाओं के बाद सख्ती
ट्रंप प्रशासन का यह कदम हालिया सुरक्षा घटनाओं के बाद उठाया गया है. 26 नवंबर को वॉशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड के दो जवानों की हत्या हुई थी. हमलावर अफगान नागरिक था, जिसे अमेरिका से सेना वापसी के बाद शरण दी गई थी. इसके अलावा 13 दिसंबर को सीरिया में इस्लामिक स्टेट के हमले में दो अमेरिकी सैनिक और एक अमेरिकी नागरिक दुभाषिए की मौत भी हुई थी.
व्हाइट हाउस के अनुसार, कई देशों में सक्रिय आतंकवादी खतरे, आंतरिक संघर्ष और वीजा ओवरस्टे की ऊंची दरें प्रमुख कारण हैं. बुर्किना फासो, माली, नाइजर और नाइजीरिया को आतंकवादी गतिविधियों के लिए चिन्हित किया गया है. वहीं सीरिया को वर्षों से जारी गृहयुद्ध के चलते पासपोर्ट और नागरिक दस्तावेज जारी करने के लिए “पर्याप्त केंद्रीय प्राधिकरण” के अभाव वाला देश बताया गया है.
कुछ श्रेणियों को मिलेगी छूट
नई उद्घोषणा में स्थायी निवासियों (ग्रीन कार्ड धारकों), मौजूदा वीजा होल्डर्स, राजनयिकों, खिलाड़ियों और उन लोगों को छूट दी गई है, जिनका अमेरिका में प्रवेश राष्ट्रीय हित में है. इसके अलावा, व्यक्तिगत मामलों में छूट (केस-बाय-केस वेवर) की व्यवस्था भी बरकरार रखी गई है, हालांकि परिवार-आधारित वीजा छूट को सीमित किया गया है.
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Source: IOCL






















