Cyclone Biparjoy: पाकिस्तान पर भी बिपरजॉय का खतरा, 80 हजार लोगों को शिफ्ट करने का प्लान
Cyclone Biparjoy In Pakistan: पकिस्तान ने सोमवार को दक्षिणी सिंध प्रांत में निचले इलाकों से हजारों लोगों को निकालना शुरू कर दिया. चक्रवाती तूफान बिपरजॉय ने गंभीर रूप लेने वाला है.

Cyclone Biparjoy: चक्रवाती तूफान बिपरजॉय के अति गंभीर रूप लेने के बाद पाकिस्तान में मुश्किलें बढ़ गई हैं. खतरे को देखते हुए पकिस्तान ने सोमवार को दक्षिणी सिंध प्रांत में निचले इलाकों से लोगों को निकालना शुरू कर दिया. तेजी से बढ़ रहे चक्रवात बिपारजॉय के इस सप्ताह के अंत में समुद्र तट से टकराने की संभावना है.
डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने लोगों को अरब सागर से दूर रहने की चेतावनी दी है. साथ ही अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. सरकार ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि लोग और अधिकारी खुद को आपात परिस्थितियों के लिए तैयार रखें.
सिंध के मुख्यमंत्री ने किया हवाई निरीक्षण
इसी बीच सोमवार को सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने समुद्र तट का हवाई निरीक्षण किया. जिसके बाद उन्होंने अधिकारियों से अनुमानित 80,000 लोगों सुरक्षित स्थल पर शिफ्ट करने को कहा. दरअसल, पाकिस्तान के मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि बिपरजॉय तूफान अभी कराची से दक्षिण में 600 किलोमीटर की दूरी पर है.
सिंध से टकरा सकता है बिपरजॉय
मौसम विभाग के अनुसार, सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह को सूचित किया गया था कि बिपरजॉय 15 जून को सिंध के तट से टकराएगा, लेकिन इसकी तीव्रता 17 से 18 जून तक कम हो जाएगी. ऐसे में इस साल का पहला चक्रवात पाकिस्तान से टकराने की संभावना है. पाकिस्तान की मुश्किलें इसलिए भी बढ़ी हुईं हैं क्योंकि यह देश अभी तक पिछले साल आई बाढ़ से निपट नहीं पाया है. यही वजह है कि मौजूदा समय में पाकिस्तान आर्थिक संकट का सामना कर रहा है.
समुद्र की ओर जाने पर लगा है बैन
खतरे को देखते हुए सोमवार को लोगों को खुले समुद्र में जाने से रोक दिया गया. इसके लिए बकायदा रोड ब्लॉक किया गया. गौरतलब है कि इससे पहले लोगों को पाकिस्तानी समुद्री सीमा के भीतर मछली पकड़ने, नौकायन, तैराकी और समुद्र में स्नान करने से प्रतिबंधित किया जा चूका है. यहां तक कि मछुआरों को भी समुद्र में जान की इजाजत नहीं है.
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