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Africa: कैमरून की एक और झील में हो सकता है विस्फोट, विशेषज्ञों ने दी त्रास्दी की चेतावनी

Cameroon Explosive Lake: अफ्रीका के कैमरून में विस्फोटक झीलों का सिलसिला थमने का नहीं ले रहा है. अब एक और झील में विस्फोट होने की चेतावनी जारी की गई है. विस्तार से पढ़ें पूरी खबर.

Explosion In Lake: कैमरून (Cameroon) के उत्तर-पश्चिम में स्थित कुक झील (Cook lake) के रंग और गंध में पिछले महीने अचानक आए परिवर्तन ने स्थानीय निवासियों में दहशत पैदा कर दी. लोग 36 साल पहले की एक घटना को याद करके डर गए, जो सिर्फ 10 किमी दूर न्योस झील (Nyos Lake) में हुई थी. 21 अगस्त 1986 को, न्योस झील से घातक गैसों (मुख्य रूप से कार्बन डाइऑक्साइड) का उत्सर्जन हुआ, जिससे 1,746 लोगों और लगभग 8,300 पशुओं का दम घुट गया. 

मोनोम झील ने ली थी 37 लोहों की जान

इस तरह की यह पहली घटना नहीं थी. दो साल पहले, न्योस झील से लगभग 100 किमी दक्षिण-पश्चिम में मोनोम झील ने 37 लोगों की जान ले ली थी. न्योस झील आपदा के कारणों को जानने के लिए किए गए अनुसंधान से यह निष्कर्ष निकला कि पृथ्वी के आवरण से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड गैस सदियों से झील के तल पर जमा हो रही थी. भूस्खलन (landslide) की वजह से झील के पानी में अचानक हलचल होने के कारण लगभग 12 लाख 40 हजार टन कार्बन डाइऑक्साइड गैस अचानक निकल गई.

हादसे को झेलने वाले लोगों ने झील से गैस के घने बादल के उभरने से पहले गड़गड़ाहट की एक आवाज सुनी. गैस के इस गोले ने घाटी में इसकी जद में आए तमाम लोगों, जानवरों, कीड़ों और पक्षियों को मार डाला, फिर यह गैस वातावरण में फैल गई जहां यह हानिरहित हो गई. कुक और न्योस दोनों ही ज्वालामुखीय गतिविधि के क्षेत्र में स्थित क्रेटर झीलें हैं जिन्हें कैमरून ज्वालामुखी रेखा के रूप में जाना जाता है. इस क्षेत्र में 43 अन्य क्रेटर झीलें हैं, जिनमें घातक मात्रा में गैसें हो सकती हैं. दुनिया भर की अन्य झीलें जो इसी तरह का खतरा पैदा करती हैं, उनमें रवांडा की सीमा पर किवु झील और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, तंजानिया में झील नोजी और इटली में मोंटिचियो झील शामिल हैं.

कुक झील में हो रही हलचल

न्योस झील के फटने के बाद इसका पानी गहरे लाल रंग में बदल गया और बचे लोगों ने सड़े हुए अंडे की गंध की सूचना दी. ये वही विशेषताएं हैं जो हाल ही में कुक झील में प्रकट हुई हैं. न्योस झील के रंग में बदलाव गैस फटने के बाद ही देखा गया. एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में भारी वर्षा को कुक झील की गंध और रंग में बदलाव से जोड़ा गया था. झील के आसपास रहने वाले हजारों लोगों से आग्रह किया गया कि वे 'किसी भी अन्य घटना के बारे में प्रशासन को लगातार सूचित करने के लिए सतर्क रहते हुए शांत रहें.' हेनरी नगेनम बैंग ने कहा कि एक भूविज्ञानी और आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ के रूप में मेरा मानना है कि क्षेत्र में क्रेटर झीलों से संभावित खतरे को संबोधित और प्रबंधित करने के लिए पर्याप्त उपाय नहीं किए जा रहे हैं. अपने अनुभव और शोध के माध्यम से मैंने कई महत्वपूर्ण कदमों की पहचान की है जो नीति निर्माताओं को एक और त्रासदी होने से रोकने के लिए करना चाहिए.

विशेषज्ञ ने बताया कि आपदा को रोकना सबसे पहले यह जानना महत्वपूर्ण है कि किन झीलों में 'विस्फोट' होने का खतरा है. कुछ झीलों में प्रारंभिक जांच 30 साल से भी पहले की गई थी और वह भी पूरी तरह से नहीं की गई. यह जांच सिर्फ एक टीम ने एक बार की थी. आगे की जांच और नियमित निगरानी की आवश्यकता है. वर्तमान में यह माना जाता है कि, कैमरून की ज्वालामुखी रेखा पर 43 क्रेटर झीलों में से, 13 गहरी और इतनी बड़ी हैं कि उनमें घातक मात्रा में गैसें समाहित हैं। हालांकि 11 को अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है, लेकिन दो (झील एनेप और ओकू) खतरनाक हैं. 

इसलिए विस्फोट का खतरा और भी अधिक होता है?

अनुसंधान से पता चला है कि थर्मल प्रोफाइल (गहराई के साथ तापमान कैसे बदलता है), घुली हुई गैसों की मात्रा, सतह क्षेत्र या पानी की मात्रा और गहराई झीलों में बड़ी मात्रा में खतरनाक गैसों को संग्रहीत करने की क्षमता के प्रमुख संकेतक हैं. सबसे बड़े जोखिम वाले कारकों में शामिल हैं: बड़ी मात्रा में पानी के साथ झीलों में, उच्च दबाव में, बड़ी गहराई पर, घुली गैसों की उच्च मात्रा. जब झीलें चौड़ी या बड़े गड्ढों में होती हैं, तो जब उनमें हलचल होती है, तो विस्फोट का खतरा और भी अधिक होता है.

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