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2 मिनट के अंधेरे के लिए 1 लाख तक का टिकट, सूर्य ग्रहण देखने आसमान में उड़ेंगे विशेष विमान

Total Solar Eclipse 2026 Special Flight: आज 12 अगस्त के सूर्य ग्रहण को बादलों से ऊपर देखने के लिए विशेष उड़ानें तैयार हैं. जानें टिकट की कीमत, Totality की अवधि और आसमान से दिखने वाले दुर्लभ नजारे.

Total Solar Eclipse 2026: सिर्फ 2 मिनट 18 सेकंड के अंधेरे को देखने के लिए लोग 1 लाख तक खर्च कर रहे हैं. 12 अगस्त 2026 को होने वाले पूर्ण सूर्य ग्रहण के लिए यूरोप में कई विशेष उड़ानें तैयार की गई हैं. इनमें यात्रियों के साथ खगोल वैज्ञानिक और एस्ट्रो-फोटोग्राफर भी मौजूद रहेंगे.

इन उड़ानों का मकसद बादलों से ऊपर जाकर ग्रहण का साफ नजारा देखना है. कुछ विमानों का रूट भी इस तरह तैयार किया गया है कि यात्री खिड़की से सूर्य, चंद्रमा की छाया और आसमान में बनने वाले दुर्लभ नजारों को देख सकें.

कहां दिखाई देगा पूर्ण सूर्य ग्रहण?

NASA के मुताबिक, पूर्ण सूर्य ग्रहण का रास्ता उत्तरी रूस से शुरू होकर ग्रीनलैंड, आइसलैंड, अटलांटिक महासागर और स्पेन से गुजरेगा. उत्तर-पूर्वी पुर्तगाल के एक छोटे से हिस्से में भी पूर्णता दिखाई देगी.

यूरोप, कनाडा, उत्तरी अमेरिका और उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका के बड़े इलाके में आंशिक सूर्य ग्रहण नजर आएगा. भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा.

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हर जगह नहीं रहेगा 2 मिनट 18 सेकंड का अंधेरा

इस ग्रहण की अधिकतम Totality करीब 2 मिनट 18 सेकंड होगी. लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि प्रत्येक शहर में इतने समय तक सूर्य पूरी तरह ढका रहेगा.

सबसे लंबी Totality आइसलैंड के पश्चिमी तट के पास अटलांटिक महासागर में होगी. ग्रीनलैंड, आइसलैंड और स्पेन के अलग-अलग हिस्सों में इसकी अवधि अलग रहेगी. स्पेन में ग्रहण सूर्यास्त के करीब दिखाई देगा. स्थान के अनुसार ग्रहण की अवधि और Time and Date के Eclipse Map पर देखे जा सकते हैं.

1 लाख तक पहुंचा विशेष उड़ान का टिकट

ग्रहण देखने के लिए विशेष फ्लाइट की बात सही है, लेकिन 50,000 डॉलर यानी करीब 42 लाख की निश्चित कीमत की पुष्टि नहीं हुई है.

एक रिपोर्ट के अनुसार Brussels Airlines की विशेष उड़ान में टिकट करीब 350 डॉलर रखा गया. ASL Group की Embraer E135 फ्लाइट में प्रति यात्री कीमत करीब 920 डॉलर तक रही. वहीं कुछ विशेष पैकेज करीब 1,200 डॉलर यानी लगभग 1 लाख तक बताए जा रहे हैं.

Air Charter Service ने भी यात्रियों के लिए विशेष eclipse charter package पेश किया. इसकी शुरुआती कीमत 899 पाउंड प्रति व्यक्ति बताई गई. इसमें उड़ान के साथ ग्रहण देखने वाले स्थान तक पहुंचने की व्यवस्था भी शामिल है.

पूरा प्राइवेट जेट बुक करने का खर्च इससे काफी ज्यादा हो सकता है. हालांकि विमान, रूट और सुविधाओं की जानकारी के बिना 50,000 डॉलर की कीमत को प्रमाणित तथ्य नहीं कहा जा सकता.

बादलों के ऊपर जाने का क्या फायदा?

जमीन पर बादल आ जाएं तो ग्रहण का पूरा नजारा छिप सकता है. महीनों की तैयारी के बाद भी दर्शकों को Totality देखने का मौका नहीं मिलेगा. विमान अधिकांश बादलों से ऊपर उड़ सकता है. इससे साफ दृश्य मिलने की संभावना बढ़ जाती है.

हालांकि आसमान में होना भी स्पष्ट दृश्य की गारंटी नहीं है. यात्री किस तरफ की खिड़की पर बैठा है, सूर्य की दिशा क्या है और विमान का रूट कैसा है, ये सभी बातें महत्वपूर्ण हैं.

चंद्रमा की छाया का पीछा करेंगे विमान

चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर बेहद तेज रफ्तार से आगे बढ़ेगी. अटलांटिक के पास इसकी गति करीब 3,200 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है. कुछ वैज्ञानिक और विशेष eclipse chasing aircraft छाया की दिशा में उड़कर Totality को कुछ सेकंड बढ़ाने का प्रयास कर सकते हैं.

इसके लिए पहले से सटीक रूट तैयार करना पड़ता है. विमान की गति, ऊंचाई, ईंधन और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की मंजूरी जरूरी होती है. इसलिए कोई विमान अचानक दिशा बदलकर चंद्रमा की छाया का पीछा नहीं कर सकता.

विमान से कैसे दिखेगा सूर्य ग्रहण?

Totality शुरू होते ही सूर्य की चमकदार सतह चंद्रमा के पीछे छिप जाएगी. इसके बाद सूर्य का बाहरी वायुमंडल यानी कोरोना सफेद मुकुट की तरह दिखाई देगा.

पूर्णता से ठीक पहले सूर्य का अंतिम चमकीला किनारा अंगूठी में जड़े हीरे जैसा नजर आएगा. इसे डायमंड रिंग इफेक्ट कहते हैं. वहीं चंद्रमा की घाटियों के बीच से निकलती रोशनी मोतियों की माला जैसी दिखाई देगी. इन्हें बेलीज बीड्स कहा जाता है. इन नजारों को ESA के आधिकारिक eclipse video में समझाया गया है. 

 

क्या टूटते तारे भी दिखाई देंगे?

12 से 13 अगस्त की रात पर्सिड उल्कापात चरम पर रहेगा. लेकिन ग्रहण की दो मिनट की Totality में Meteor दिखाई देना बेहद दुर्लभ संयोग होगा. कोई बहुत चमकीला उल्का नजर आ सकता है, लेकिन इसे निश्चित दोहरा नजारा नहीं कहा जा सकता.

ग्रहण को NASA और वेबसाइट पर लाइव देखा जा सकता है.

आंशिक ग्रहण को प्रमाणित eclipse glasses या सुरक्षित solar filter के बिना न देखें. सामान्य धूप का चश्मा आंखों को सूर्य की खतरनाक किरणों से सुरक्षित नहीं रखता.

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

About the author Hirdesh Kumar Singh

हृदेश कुमार सिंह, Senior Vedic Astrologer | Astro Media Editor | Digital Strategy Leader

"ज्योतिष केवल भविष्य बताने की विद्या नहीं, बल्कि समय को समझने की कला है."

हृदेश कुमार सिंह लंबे समय से ज्योतिष, धर्म, अध्यात्म और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे उन चुनिंदा लोगों में माने जाते हैं जिन्होंने पारंपरिक ज्योतिष को आज की बदलती दुनिया, डिजिटल संस्कृति और नई पीढ़ी की सोच से जोड़ने का प्रयास किया है. उनके लिए ज्योतिष केवल ग्रहों की गणना नहीं, बल्कि मानव व्यवहार, सही समय और जीवन के निर्णयों को समझने का माध्यम है.

वर्तमान में वे ABP Live में Astro, Religion और Dharma LIVE से जुड़े कंटेंट और डिजिटल रणनीति का नेतृत्व कर रहे हैं. यहां उनका फोकस ज्योतिष और धर्म को ऐसे रूप में प्रस्तुत करना है, जो आज के पाठकों और दर्शकों की जिंदगी से सीधे जुड़ सके. यही कारण है कि उनके लेखन और विश्लेषण में केवल पारंपरिक बातें नहीं, बल्कि करियर, रिश्ते, मानसिक तनाव, सामाजिक बदलाव, तकनीक और बदलती जीवनशैली जैसे विषय भी दिखाई देते हैं.

उन्होंने Indian Institute of Mass Communication (IIMC), New Delhi से पत्रकारिता और IIMT University Meerut से ज्योतिष शास्त्र व वास्तु शास्त्र की पढ़ाई की है और Astrosage व Astrotalk जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ भी काम किया है. मीडिया, ऑडियंस बिहेवियर, डिजिटल पब्लिशिंग और कंटेंट रणनीति की समझ ने उनके काम को अलग पहचान दी है.

हृदेश कुमार सिंह के कई ज्योतिषीय और सामाजिक विश्लेषण समय-समय पर चर्चा में रहे हैं. राजनीति, शेयर बाजार, मनोरंजन जगत, AI और बदलते सामाजिक माहौल जैसे विषयों पर उनके आकलनों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है. वर्तमान में CJP आंदोलन को लेकर उनकी भविष्यवाणियां सत्य साबित हुईं हैं, उनके विश्लेषण वैदिक गणना, गोचर, मेदिनी ज्योतिष और समाज की बदलती मानसिकता की समझ पर आधारित होते हैं.

वे वैदिक ज्योतिष, होरा शास्त्र, संहिता, मेदिनी ज्योतिष, अंक ज्योतिष, शकुन शास्त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अध्ययन और लेखन करते रहे हैं. करियर, विवाह, व्यापार, शिक्षा और जीवन के महत्वपूर्ण फैसलों से जुड़े विषयों पर वे पारंपरिक ज्योतिष को आधुनिक जीवन की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़कर देखने का प्रयास करते हैं.

डिजिटल दौर में ज्योतिष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए उन्होंने 'Gen-Z Horoscope' जैसे कॉन्सेप्ट पर भी काम किया, जिसमें राशिफल को केवल भाग्य या डर से जोड़कर नहीं, बल्कि career pressure, relationship confusion, emotional wellbeing और real-life decision making जैसी बातों से जोड़ा गया.

उनका मानना है कि आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती जानकारी की कमी नहीं, बल्कि सही समझ की कमी है. वे ज्योतिष को ऐसा माध्यम मानते हैं, जो व्यक्ति को डराने के बजाय उसे बेहतर निर्णय लेने और खुद को समझने में मदद कर सकता है.

श्रीमद्भगवद्गीता के कर्म सिद्धांत, भगवान बुद्ध के संतुलन के विचार, सूफी चिंतन और आधुनिक मनोविज्ञान से प्रभावित उनकी सोच उनके लेखन में भी दिखाई देती है. यही वजह है कि उनका काम केवल भविष्यवाणी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों को सोचने और अपने जीवन को नए नजरिए से देखने के लिए प्रेरित करता है.

ज्योतिष और मीडिया के अलावा उन्हें सिनेमा, संगीत, साहित्य, राजनीति, बाजार, पर्यावरण, ग्रामीण जीवन और यात्राओं में विशेष रुचि है. इन अनुभवों का असर उनके विषय चयन और लेखन शैली में साफ दिखाई देता है.

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