Solar Eclipse Fact Check: क्या आज दुनिया में छाएगा अंधेरा, इंटरनेट होगा बंद और भारत में लगेगा सूतक? जानिए 3 बड़े दावों का सच
Surya Grahan 2026: क्या आज 12 अगस्त के सूर्य ग्रहण से दुनिया में अंधेरा छाएगा, इंटरनेट बंद हो जाएगा और भारत में सूतक लगेगा? जानिए इन तीनों वायरल दावों की वैज्ञानिक सच्चाई.

Surya Grahan 2026: 12 अगस्त 2026 के पूर्ण सूर्य ग्रहण को लेकर सोशल मीडिया पर कई डराने वाले दावे किए जा रहे हैं. कहीं कहा जा रहा है कि पूरी दुनिया कई घंटों तक अंधेरे में डूब जाएगी. कहीं इंटरनेट, मोबाइल नेटवर्क और बिजली बंद होने की चेतावनी दी जा रही है. कुछ वायरल मैसेज भारत में 12 घंटे का सूतक लगने और मंदिरों के कपाट बंद होने का दावा भी कर रहे हैं.
इन संदेशों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. खासकर गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को लेकर कई अप्रमाणित बातें शेयर की जा रही हैं. लेकिन NASA की जानकारी और उपलब्ध वैज्ञानिक तथ्यों को देखें तो तस्वीर बिल्कुल अलग है.
जानिए सूर्य ग्रहण को लेकर फैल रहे तीन बड़े दावों का सच.
दावा 1: पूरी दुनिया में कई घंटों तक छा जाएगा अंधेरा
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि 12 अगस्त को पूरी पृथ्वी कई घंटों के लिए अंधेरे में डूब जाएगी. दिन में रात जैसा माहौल बनेगा और लोग घरों से बाहर नहीं निकल पाएंगे.
यह दावा पूरी तरह भ्रामक है.
12 अगस्त का सूर्य ग्रहण पूर्ण जरूर है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि पूरी दुनिया से एक साथ सूर्य गायब हो जाएगा. पूर्ण ग्रहण केवल चंद्रमा की छाया के एक संकरे रास्ते में दिखाई देगा.
NASA के अनुसार, पूर्ण सूर्य ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, स्पेन और पुर्तगाल के एक छोटे हिस्से में नजर आएगा. कनाडा, अमेरिका के उत्तरी क्षेत्रों, यूरोप और उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में आंशिक ग्रहण दिखाई देगा.
पूर्णता के रास्ते में भी सूर्य कुछ सेकंड से लेकर अधिकतम करीब 2 मिनट 18 सेकंड तक पूरी तरह ढका रहेगा. पूरे ग्रहण की आंशिक अवस्थाएं अधिक समय तक चल सकती हैं, लेकिन किसी एक स्थान पर घंटों तक पूर्ण अंधेरा नहीं रहेगा.
आंशिक ग्रहण वाले क्षेत्रों में सूर्य का केवल एक हिस्सा ढका दिखाई देगा. वहां रोशनी कम हो सकती है, लेकिन हर जगह रात जैसा गहरा अंधेरा नहीं होगा.
क्या भारत में आज अंधेरा छाएगा?
भारत में इस ग्रहण के कारण अंधेरा नहीं छाएगा. ग्रहण के प्रमुख चरण भारतीय समय के अनुसार रात में होंगे. उस समय सूर्य भारत के क्षितिज से नीचे होगा. इसके साथ ही भारत ग्रहण की दृश्यता सीमा से भी बाहर है.
इसलिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ, पटना या भारत के किसी अन्य शहर से यह सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा.
भारत में सामान्य दिन की तरह ही सूर्यास्त होगा. ग्रहण के कारण अचानक दिन में अंधेरा होने या तापमान गिरने का कोई सवाल नहीं है.
दावा 2: इंटरनेट, मोबाइल नेटवर्क और बिजली बंद हो जाएगी
दूसरा वायरल दावा इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क से जुड़ा है. कहा जा रहा है कि ग्रहण के दौरान खतरनाक किरणें या इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगें निकलेंगी. इससे सैटेलाइट बंद हो जाएंगे और पूरी दुनिया का इंटरनेट ठप पड़ जाएगा.
इस दावे का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है.
सूर्य ग्रहण कोई सोलर फ्लेयर, परमाणु विस्फोट या अंतरिक्ष से आने वाला खतरनाक तूफान नहीं है. यह सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी की सामान्य खगोलीय स्थिति है. चंद्रमा कुछ समय के लिए सूर्य और पृथ्वी के बीच आकर उसकी रोशनी रोकता है.
ग्रहण कोई नई रहस्यमयी radiation उत्पन्न नहीं करता. इसलिए उससे ऑप्टिकल फाइबर, वाई-फाई, मोबाइल टावर या पूरी दुनिया के सैटेलाइट नेटवर्क के अचानक बंद होने की आशंका नहीं है.
हालांकि ग्रहण देखने के लिए किसी स्थान पर हजारों लोग जमा हों और सभी एक साथ वीडियो अपलोड या लाइव स्ट्रीम करें, तो स्थानीय मोबाइल नेटवर्क धीमा हो सकता है. यह ग्रहण की किरणों के कारण नहीं, बल्कि बढ़े हुए डेटा ट्रैफिक के कारण होगा.
क्या बिजली उत्पादन पर कोई असर पड़ेगा?
जहां बड़े स्तर पर सौर ऊर्जा का इस्तेमाल होता है और वहीं ग्रहण दिखाई देगा, वहां solar power generation कुछ समय के लिए घट सकता है. ऐसा सूर्य की रोशनी कम होने के कारण होगा.
बिजली ग्रिड संचालकों को ग्रहण का समय पहले से मालूम रहता है. इसलिए वे वैकल्पिक बिजली उत्पादन और सप्लाई की तैयारी कर सकते हैं. सौर ऊर्जा में यह अस्थायी गिरावट पूरी दुनिया के बिजली ग्रिड को बंद नहीं करेगी.
इसलिए “ग्रहण आते ही इंटरनेट और बिजली ठप हो जाएगी” जैसा दावा गलत और सनसनीखेज है.
दावा 3: भारत में लगेगा 12 घंटे का सूतक
सोशल मीडिया पर कई पोस्ट भारत में 12 घंटे का सूतक लगने का दावा कर रही हैं. इनके अनुसार मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे और पूजा-पाठ नहीं किया जा सकेगा.
यहां धार्मिक मान्यता और वैज्ञानिक तथ्य को अलग-अलग समझना जरूरी है.
विज्ञान में सूतक की कोई अवधारणा नहीं है. यह हिंदू धार्मिक परंपरा से जुड़ी मान्यता है. प्रचलित धार्मिक नियम के अनुसार सूर्य ग्रहण का सूतक सामान्यतः ग्रहण शुरू होने से 12 घंटे पहले माना जाता है, लेकिन यह उन स्थानों पर मान्य होता है जहां ग्रहण खगोलीय रूप से दिखाई देता है.
12 अगस्त का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इसलिए प्रचलित धार्मिक मान्यता के अनुसार भारत में इसका सूतक मान्य नहीं होगा.
इसका अर्थ यह है कि ग्रहण के कारण भारत में सामान्य पूजा-पाठ पर सूतक संबंधी रोक नहीं मानी जाएगी. हालांकि किसी मंदिर के कपाट खुलने या बंद होने का फैसला उसके स्थानीय प्रशासन और परंपरा पर निर्भर करता है. इसलिए यह दावा भी नहीं किया जा सकता कि देश का प्रत्येक मंदिर अनिवार्य रूप से खुला ही रहेगा.
क्या गर्भवती महिलाओं के लिए बाहर निकलना खतरनाक है?
ग्रहण के दौरान गर्भवती महिला का बाहर निकलना जानलेवा है या इससे गर्भस्थ शिशु को नुकसान होगा, इसका कोई प्रमाणित वैज्ञानिक आधार नहीं है.
गर्भवती महिलाओं को डर के कारण भोजन, पानी या जरूरी दवा बंद नहीं करनी चाहिए. उपवास या दिनचर्या में बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है.
सूर्य को सीधे न देखने वाली सावधानी गर्भवती महिलाओं सहित सभी लोगों पर समान रूप से लागू होती है.
ग्रहण देखने में यह गलती बिल्कुल न करें
भारत में ग्रहण प्रत्यक्ष नहीं दिखेगा. इसे NASA और अन्य विश्वसनीय खगोलीय संस्थानों की लाइव स्ट्रीम पर देखा जा सकता है.
जिन देशों में ग्रहण दिखाई देगा, वहां सूर्य को नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए. साधारण धूप का चश्मा भी पर्याप्त सुरक्षा नहीं देता. आंशिक अवस्था देखने के लिए केवल ISO 12312-2 मानक वाले eclipse glasses या सुरक्षित solar viewer का उपयोग करें.
12 अगस्त का सूर्य ग्रहण पूरी दुनिया को घंटों तक अंधेरे में नहीं डुबोएगा. इससे वैश्विक इंटरनेट, मोबाइल नेटवर्क या बिजली व्यवस्था बंद होने का भी कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है. भारत इस ग्रहण की दृश्यता सीमा से बाहर है, इसलिए यहां सूतक मान्य नहीं है.
सोशल मीडिया पर मिले डराने वाले संदेश को तुरंत आगे न भेजें. ग्रहण से जुड़ी जानकारी के लिए NASA, मान्य वेधशालाओं और स्थानीय खगोलीय संस्थानों के अपडेट पर भरोसा करें. सूर्य ग्रहण एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है, वैश्विक संकट नहीं.
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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

















