तेज प्रताप ने खुद को बताया 'बलराम', तेजस्वी को बताया 'कृष्ण', कहा- लड़ाने की हो रही कोशिश
जयप्रकाश नारायण के पैतृक स्थान सिताब दियारा से अपनी यात्रा की शुरुआत करने के लिए रवाना होते समय तेजप्रताप ने यह बात कही.

पटना: लालू परिवार में सबकुछ ठीक नहीं होने के जेडीयू और बीजेपी के दावों को तेज प्रताप यादव ने खारिज कर दिया. गुरुवार को लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने खुद को 'बलराम' और तेजस्वी यादव को 'कृष्ण' बताया. उन्होंने कहा कि कृष्ण और बलराम को लड़ाने की कोशिश हो रही है. दरअसल बीते छह सितंबर को आरजेडी की बैठक में तेजप्रताप में मौजूद नहीं होने पर जेडीयू और बीजेपी ने दावा किया था कि लालू परिवार के भीतर अंतर्कलह चल रही है. ये बैठक राबड़ी देवी के आवास पर हुई थी.
जयप्रकाश नारायण के पैतृक स्थान सिताब दियारा से अपनी यात्रा की शुरुआत करने के लिए रवाना होते समय तेजप्रताप ने यह बात कही. इस बारे में पूछे जाने पर तेज प्रताप ने कहा कि वह बैठक में स्वास्थ्य ठीक न होने की वजह से शामिल नहीं हो पाए थे. उन्होंने कहा कि वह मथुरा में पूजा कर सड़क मार्ग से लौटे थे और इस लंबी यात्रा की वजह से हुई थकान से उनकी तबीयत खराब हो गयी थी. तेज प्रताप ने कहा कि वह पहले भी आरजेडी की बैठकों में शामिल होते रहे हैं और भविष्य में होने वाली सभी बैठकों में भाग लेंगे. उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मिशन 2019 में आरजेडी की पताका फहराने का है.’’
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की तरफ इशारा करते हुए तेजप्रताप ने कहा कि बहुत से ऐसे लोग हैं जो नौजवनों को देखकर जलते हैं और मीडिया के माध्यम से उनका मजाक उड़वाते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘'कृष्ण' और 'बलराम’ (तेजप्रताप और तेजस्वी) के बीच कोई कैसे आ सकता है. उनके बीच जो भी आएगा तो कृष्ण के पास सुदर्शन चक्र है. जो भी भाई-भाई को लड़ाने का काम करेगा उन पर चक्र चलेगा.’’























