सीतापुर: ड्रोन कैमरे और दूरबीन से हो रही है आदमखोर कुत्तों की तलाश, अब तक मार चुके हैं 12 बच्चे
सीतापुर के खैराबाद में खूंखार कुत्तों को ढूंढने के लिए यूपी पुलिस ड्रोन और दूरबीन का इस्तेमाल कर रही है. इन कुत्तों के हमले से 12 बच्चों की मौत हो चुकी है.

सीतापुर: सीतापुर के खैराबाद में खूंखार कुत्तों को ढूंढने के लिए यूपी पुलिस ड्रोन और दूरबीन का इस्तेमाल कर रही है. इन कुत्तों के हमले से 12 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि अभी तक 6 लोग जख्मी हैं. दर्जन भर गांव दहशत में जीने को मजबूर हैं. बच्चे डर की वजह से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं. हालांकि कई लोगों का ये भी कहना है कि ये कुत्ते नहीं भेड़िए हैं. खैराबाद इलाका यूपी की राजधानी लखनऊ से महज 80 किलोमीटर दूर है.
ये खूंखार कुत्ते बच्चों और भेड़-बकरियों को अपना निशाना बना रहे हैं. अब तक बारह बच्चों की मौत हो चुकी है जबकि कई ज़ख़्मी हुए हैं. पहला वाकया करीब तीन महीना पहले का है जब रहीमपुर गांव में रहने वाली जरीना का बेटा रहीम स्कूल जाते समय गांव के बाग में सात खूंखार कुत्तों की जद में आ गया. कुत्तों ने रहीम को दौड़ा कर नोच डाला. इसके बाद आनन-फानन में उसे इलाज के लिए ले जाया गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो गयी.
कई लोगों का कहना है कि खैराबाद में ही एक बूचडखाना था, जहां से मांस के टुकड़े इन कुत्तों को खाने को मिलते थे. योगी सरकार आने के बाद नियमों को कड़ाई से लागू किया गया और बूचड़खाना बंद कर दिया गया. जिसके बाद मांस ना मिलने की वजह से ये कुत्ते आदमखोर हो गए और इस वजह से ये बच्चों पर हमला कर रहे हैं. हालांकि ये भी कहा जा रहा है कि अगर ऐसा होता तो पूरे यूपी में सैकड़ों बूचडखाने बंद हुए हैं, और जगह भी ऐसा होना चाहिए था.
हालांकि इस पूरे मामले में रिपोर्ट बनाने वाले सीतापुर के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी रविंद्र प्रसाद यादव का कहना है उनकी पड़ताल में ये पता चला है कि ये साधारण कुत्ते नहीं है जो मांसाहारी हो गए हैं. ये भेड़िया या कोई और खूंखार जानवर हो सकते हैं क्योंकि ये गर्दन पर हमला करते हैं. उन्होंने बताया कि शरीर को नोचा तो गया है लेकिन हमलावर ने मांस नहीं खाया है.
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