कुंभ के लिए इलाहाबाद में काटे जा रहे हैं हजारों हरे पेड़, पर्यावरण को बड़े नुकसान की आशंका
संगम के शहर इलाहाबाद में कुंभ मेले की तैयारियों के लिए विकास कार्यों के मद्देनजर इन दिनों बड़ी तादात में सडकों के किनारे लगे पेड़ काटे जा रहे हैं. तकरीबन छह हजार पेड़ काटे जाने से इलाहाबाद के पर्यावरण को ज़बरदस्त नुकसान पहुंच रहा है.

इलाहाबाद: संगम के शहर इलाहाबाद में कुंभ मेले की तैयारियों के लिए विकास कार्यों के मद्देनजर इन दिनों बड़ी तादात में सडकों के किनारे लगे पेड़ काटे जा रहे हैं. तकरीबन छह हजार पेड़ काटे जाने से इलाहाबाद के पर्यावरण को ज़बरदस्त नुकसान पहुंच रहा है.
हालांकि इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुओ मोटो लेते हुए डीएम की मंजूरी के बिना पेड़ काटे जाने पर रोक लगा दी है, लेकिन इसके बावजूद विकास के नाम पर बड़ी संख्या में हरे पेड़ों का कटना तय है. पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वालों ने भी इस पर सख्त एतराज जताते हुए अब सड़कों पर प्रदर्शन शुरू कर दिया है.
इलाहाबाद में आज कई सामजिक संगठनों के सदस्य और स्कूल-कॉलेजों के छात्र सुभाष चौक पर इकट्ठे हुए और वहां यूपी सरकार व स्थानीय अफसरों के खिलाफ प्रदर्शन किया. हाथों में तख्तियां लिए हुए इन लोगों ने जमकर नारेबाजी की और हजारों की तादात में कट रहे हरे पेड़ों पर रोक लगाए जाने की मांग की.
प्रदर्शनकारियों ने इस मौके पर पर्यावरण बचाने का विशेष गीत गाकर अपना संदेश भी दिया. इस गीत ने वहां मौजूद लोगों को काफी प्रभावित किया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कुंभ के लिए विकास काम ज़रूरी है, लेकिन इसकी आड़ में हजारों की तादात में हरे पेड़ों को काटकर पर्यावरण से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता.
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