पीड़ितों से मिलने का मेरा फैसला अडिग, सरकार चाहे तो जेल में डाल दे-प्रियंका गांधी
प्रियंका गांधी ने लगातार कई ट्वीट किए जिसमें उन्होंने लिखा कि जनता सब देख रही है. मेरी साफ मांग है कि मुझे पीड़ित आदिवासियों से मिलने दिया जाए. अगर सरकार पीड़ितों से मिलने के अपराध के लिए मुझे जेल में डालना चाहें तो मैं इसके लिए पूरी तरह से तैयार हूं.

नई दिल्लीः कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को पुलिस हिरासत में 9 घंटे से ज्यादा हो चुके हैं. सोनभद्र गोलीकांड में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने जा रहीं कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को राज्य प्रशासन द्वारा बीच रास्ते में ही रोक दिए जाने के बाद हिरासत में ले लिया गया था. सोनभद्र जाने से रोके जाने के बाद प्रियंका गांधी बीच सड़क पर ही बैठ गईं और वह इस बात पर अड़ी हुई थीं कि या तो उन्हें आगे जाने की इजाजत दी जाए या जेल भेज दिया जाए. प्रदेश प्रशासन की इस कार्रवाई के विरोध में उत्तर भारत में जगह जगह कांग्रेस ने प्रदर्शन भी किया है.
इस समय प्रियंका गांधी चुनार के गेस्ट हाउस में हैं और उन्होंने आज के घटनाक्रम पर लगातार ट्वीट किए हैं. उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि "मैं नरसंहार का दंश झेल रहे गरीब आदिवासियों से मिलने, उनकी व्यथा-कथा जानने आयी हूँ। जनता का सेवक होने के नाते यह मेरा धर्म है और नैतिक अधिकार भी। उनसे मिलने का मेरा निर्णय अडिग है। उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा मुझे पिछले 9 घंटे से गिरफ़्तार करके चुनार किले में रखा हुआ है। प्रशासन कह रहा है कि मुझे 50,000 की जमानत देनी है अन्यथा मुझे 14 दिन के लिए जेल की सज़ा दी जाएगी, मगर वे मुझे सोनभद्र नहीं जाने देंगे ऐसा उन्हें ‘ऊपर से ऑर्डर है’।"
मैंने न कोई क़ानून तोड़ा है न कोई अपराध किया है।बल्कि सुबह से मैंने स्पष्ट किया था कि प्रशासन चाहे तो मैं अकेली उनके साथ पीड़ित परिवारों से मिलने आदिवासियों के गाँव जाने को तैयार हूँ या प्रशासन जिस तरीके से भी मुझे उनसे मिलाना चाहता है मैं तैयार हूँ
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) July 19, 2019
मैंने न कोई क़ानून तोड़ा है न कोई अपराध किया है।बल्कि सुबह से मैंने स्पष्ट किया था कि प्रशासन चाहे तो मैं अकेली उनके साथ पीड़ित परिवारों से मिलने आदिवासियों के गाँव जाने को तैयार हूँ या प्रशासन जिस तरीके से भी मुझे उनसे मिलाना चाहता है मैं तैयार हूँ.मगर इसके बावजूद उप्र सरकार ने यह तमाशा किया हुआ है। जनता सब देख रही है। मैं इस संदर्भ में जमानत को अनैतिक मानती हूँ और इसे देने को तैयार नहीं हूँ। मेरी साफ माँग है कि मुझे पीड़ित आदिवासियों से मिलने दिया जाय। सरकार को जो उचित लगे वह करे। अगर सरकार पीड़ितों से मिलने के अपराध के लिए मुझे जेल में डालना चाहें तो मैं इसके लिए पूरी तरह से तैयार हूँ।
अगर सरकार पीड़ितों से मिलने के अपराध के लिए मुझे जेल में डालना चाहें तो मैं इसके लिए पूरी तरह से तैयार हूँ।
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) July 19, 2019
साफ है कि प्रियंका गांधी सोनभद्र के पीड़ित परिवारों से मिले बिना वापस जाने के लिए तैयार नहीं हैं और उन्होंने अपना रुख भी साफ कर दिया है कि वो जमानत देने को भी तैयार नहीं हैं. ऐसा लगता है कि उनकी आज की रात चुनार के गेस्ट हाउस में ही बीतेगी.
इससे पहले खबर आई थी कि प्रियंका गांधी चुनार के गेस्ट हाउस में बिना बिजली और पानी के धरने पर बैठीं. चुनार गेस्ट हाउस में बिजली पानी और खाने की व्यवस्था नहीं की गई और गेस्ट हाउस की बिजली कटी हुई थी. बिजली पानी की व्यवस्था नहीं होने के बाद प्रियंका गांधी जमीन पर ही धरने पर बैठकर कार्यकर्ताओं से बात कर रही थीं. बिजली न रहने पर मोबाइल की रोशनी में प्रियंका गांधी ने लोगो से बात की और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया. उसके बाद लाइट और जेनेरेटर की व्यवस्था की गई.
दोपहर में प्रियंका गांधी के भाई राहुल गांधी ने भी इसका विरोध किया था और ट्वीट किया था कि प्रियंका गांधी की यूपी के सोनभद्र में गैरकानूनी गिरफ्तारी काफी परेशान करने वाली है. उन्हें 10 आदिवासी परिवारों से मिलने जाने से रोकना जिन्हें अपनी ही जमीन खाली करने रोकने के विरोध में गोली मार दी गई, ये बीजेपी की यूपी में बढ़ती असुरक्षा को दिखाता है. साथ ही ये अपनी शक्ति का मनमाना इस्तेमाल भी है.























