मध्य प्रदेश: इंदौर से पंकज संघवी को कांग्रेस ने दिया टिकट, 30 सालों से है बीजेपी का कब्जा
संघवी साल 1998 में इंदौर लोकसभा क्षेत्र में बीजेपी की वरिष्ठ नेता सुमित्रा महाजन से 49,852 मतों से चुनाव हार चुके हैं. सूबे के सभी 29 लोकसभा क्षेत्रों में कांग्रेस के प्रत्याशी घोषित हो चुके हैं.

इंदौर: तमाम कयासों पर विराम लगाते हुए कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के इंदौर लोकसभा क्षेत्र से अपने वरिष्ठ नेता पंकज संघवी को मंगलवार रात प्रत्याशी घोषित कर दिया जहां उनके सामने बीजेपी का 30 साल पुराना गढ़ भेदने की मुश्किल चुनौती है. इसके साथ ही, सूबे के सभी 29 लोकसभा क्षेत्रों में कांग्रेस के प्रत्याशी घोषित हो चुके हैं.
कांग्रेस की ओर से इंदौर सीट के चुनावी टिकट की दावेदारी के मामले में संघवी के अलावा सूबे की कमलनाथ सरकार के खेल और युवा कल्याण मंत्री जीतू पटवारी, प्रदेश कांग्रेस समिति की उपाध्यक्ष अर्चना जायसवाल और इस समिति के मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा के नामों को लेकर भी कयासों का दौर जारी था. लेकिन आखिरकार संघवी ने बाजी मार ली.
हालांकि, संघवी साल 1998 में इंदौर लोकसभा क्षेत्र में बीजेपी की वरिष्ठ नेता सुमित्रा महाजन से 49,852 मतों से चुनाव हार चुके हैं. फिलहाल महाजन लोकसभा की निवर्तमान अध्यक्ष हैं. बीजेपी की ओर से इस बार भी महाजन को मध्य प्रदेश की इस सीट से बीजेपी के टिकट का शीर्ष दावेदार माना जा रहा था.
इस बीच, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा था कि यह उनकी पार्टी का फैसला है कि 75 साल से ज्यादा उम्र के नेताओं को लोकसभा चुनावों का टिकट नहीं दिया जायेगा. शाह ने हालांकि महाजन का नाम नहीं लिया था. लेकिन 12 अप्रैल को उम्र के 76वें साल में प्रवेश करने से हफ्ता भर पहले ही महाजन ने मौके की नजाकत भांपते हुए पांच अप्रैल को खुद घोषणा कर दी थी कि वह आसन्न लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी. वह 1989 से लोकसभा में इंदौर की सतत नुमाइंदगी कर रही है. बीजेपी ने इंदौर सीट से अपना प्रत्याशी अब तक घोषित नहीं किया है.
सिर्फ दिल्ली में गठबंधन होता है तो कांग्रेस को दो से ज्यादा सीटें नहीं देगी AAP- सूत्र
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