मायावती ने बढ़ाया वैज्ञानिकों का हौसला, कहा- वह तिफ्ल क्या गिरे जो घुटनों के बल चले
बीएसपी चीफ और यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने ट्वीट पर इसरो के वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाया है. उन्होंने कहा कि गिरते हैं शहसवार मैदान-ए-जंग में, वह तिफ्ल (बच्चा) क्या गिरे जो घुटनों के बल चले.

लखनऊ: चंद्रयान-2 का लैंडर विक्रम चांद पर उतरने ही वाला था कि अचानक उसका संपर्क इसरो से टूट गया. उस वक्त लैंडर चांद की सतह से करीब 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर था. इसके बाद से पूरे देश के लोग इसरो वैज्ञानिकों का हौसला बढा रहे हैं. बॉलीवुड से लेकर राजनीति से जुड़ी हस्तियां इसरो वैज्ञानिकों के लिए ट्वीट कर रही हैं.
बीएसपी चीफ और यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने भी ट्वीट किया. उन्होंने लिखा- चाँद पर कदम रखने के लिए चन्द्रयान-2 मिशन ने समस्त भारतीय जनमानस को रोमांचित किया है. इस सम्बंध में भारतीय वैज्ञानिकों खासकर ’इसरो’ के वैज्ञानिकों ने अबतक जो भी सफलता प्राप्त की है वह गर्व करने लायक है व उसकी सराहना की जानी चाहिए.
अपने अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा- साथ ही, आगे बढ़ते रहने के लिए यह जरूरी है कि निराशा, हताशा व दुःखी कतई न हों और यह भी याद रहे कि ’गिरते हैं शहसवार मैदान-ए-जंग में, वह तिफ्ल (बच्चा) क्या गिरे जो घुटनों के बल चले’. वैज्ञनिकों को देशहित में काम करते रहने के लिए उनके हौंसले बढ़ाते रहने की जरूरत है.
आपको बता दें कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई बड़े राजनेताओं ने वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाया है और कहा है कि देश को उनपर गर्व है.
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