बिहार बाढ़: जब सरकार ही मुंह लटकाए 'शरणार्थियों' की तरह खड़ी हो तो जनता का क्या होगा!
विपक्ष सरकार को निशाने पर लिए हुए है. सोशल मीडिया पर सुशील मोदी की तस्वीर वायरल है. वे सड़क के किनारे हाथ पर हाथ रखे दिखाई दे रहे हैं. वे अपने घर में फंसे हुए थे, सोमवार को उन्हें एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू किया है.

पटना: जब जनता पर कोई मुसीबत आती है तो वो सरकार की तरफ उम्मीद भरी नजरों से देखती है. जनता इस उम्मीद में रहती है कि अपना कीमती वोट देकर उसने जिस सरकार को चुना है वो उसके साथ हर मुश्किल पल में खड़ी रहेगी. लेकिन जब वही सरकार मुश्किल घड़ी में 'हाफ पैंट में मुंह लटकाए' खड़ी हो उम्मीदें चकनाचूर हो जाती हैं. बिहार में विकास के दावों का जो पहाड़ डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने खड़ा किया था, इस बारिश में वो ढह गया और माननीय मंत्री जी की हालत एक रिफ्यूजी की तरह गई.
सोमवार को सुशील मोदी को राजेंद्र नगर में उनके घर से एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू किया. वे जलजमाव की वजह से अपने घर में फंसे थे. इसके बाद उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. इस तस्वीर में सुशील मोदी हाथ पर हाथ चढ़ाए हैं. उनका चेहरा उतरा हुआ है. वे हाफ पैंट में सड़क के किनारे कुछ सामान के साथ खड़े हैं. एक वक्त के लिए तो लग रहा है जैसे कि वो कोई शरणार्थी हों.
बिहार में भारी बारिश के बाद राज्य के 16 जिले बाढ़ की चपेट में हैं. इसमें राजधानी पटना की हालत बहुत खराब है. सुशील मोदी निशाने पर हैं. विपक्ष को मौका मिल गया है. उसका कहना है कि बिहार में करीब 15 सालों से जेडीयू-बीजेपी गठबंधन की सरकार रही है. हमेशा ये दावा किया जाता रहा कि बिहार में सुशासन है और हर तरफ विकास की बयार चल रही है. लेकिन सोशल मीडिया पर हाफ पैंट में मुंह लटकाए खड़े सुशील मोदी की वायरल तस्वीर ने तमाम दावों की हवा निकाल दी. कुछ दिनों की बारिश के बाद राजधानी पटना पानी-पानी हो गया.
सवाल पूछा जा रहा है कि आखिर जल निकासी की ठीक से व्यवस्था क्यों नहीं की गई, क्या सरकार सो रही थी? लोगों को जब रेस्क्यू कर घरों से बाहर निकाला गया तो उनके आंखों में आंसू थे. वे अपनी तकलीफ बताते हुए रो रहे थे. मासूम बच्चों के लिए दूध जुटाना मुश्किल हो गया. तस्वीरें सरकार के नाकामी की गवाही दे रहे हैं.
सोशल मीडिया पर लोग सुशील मोदी और नीतीश कुमार की तस्वीर शेयर कर निशाना साध रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, ''अधूरी तस्वीर अब हुई पूरी, नीतीश जी की मुस्कान का कारण मिल गया.''
(फोटो- सोशल मीडिया, इस तस्वीर को एडीटेड किया गया है.) एक यूजर ने जेडीयू का पोस्टर शेयर किया जिसमें नीतीश मुस्कुरा रहे हैं लेकिन सड़क की हालत साफ तौर पर देखी जा सकती है.
(फोटो- सोशल मीडिया) कुमार विश्वास ने ट्वीट किया, ''प्रशासन की काहिली के कारण त्राहि-त्राहि कर रहे शहर की इस हालत पर अपने “कुशासन” के लिए शर्मिंदा होने की बजाय इसे “प्रकृति का कोप” कहकर निकल लेना न केवल अशोभनीय है अपितु संवेदनहीन भी है ! ईश्वर राजधानी में जमा इस अपार पानी की कुछ बूँदे राजनीति की आँखों को भी बख़्शे.''
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने दावा किया कि उनकी सरकार के दौरान सीवरों की नियमित सफाई होती थी. भारी बारिश की वजह से अगर एक दो घंटे कुछ इंच जलजमाव होता था तो उसी दो तीन इंच पानी में सुशील मोदी नौटंकी करने धरने पर बैठ जाते थे. इनके 15 सालों के राज में चार दिनों से 5-6 फ़ुट गंदा पानी जमा है. काहे नहीं नौटंकी कर धरना देता?
बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पिछले साल पिछले साल सुशील मोदी के घर आए बाढ़ की तस्वीर शेयर की. उन्होंने लिखा कि एक साल पहले भी सुशील मोदी के घर में बारिश का पानी घुसा था लेकिन फिर भी पानी निकालने की कोई व्यवस्था नहीं की. तेजस्वी ने एबीपी न्यूज़ वीडियो शेयर किया जिसमें ये दिखाया गया था कि सुशील मोदी के घर में पानी घुस गया है. ये वीडियो पिछले साल के जुलाई महीने का है.
इतना ही नहीं तेजस्वी ने दावा किया कि सुशील मोदी पिछले 15 सालों से सरकार में नगर विकास मंत्री रहे हैं. इसके साथ ही लालू यादव ने कहा, ''विपक्ष को गाली दे-देकर बिहार में इतना बिकासे कर दिए है कि अब सुशील अपने और नीतीश के 15 बरस के ‘विकास’ के साथ सड़क पर खड़ा है.''























