चलती ट्रेन में करते थे चोरी, 7 साल में 300 वारदातें, हर बड़े शहर में हैं गिरोह के वकील
इलाहाबाद की रेलवे पुलिस ने लम्बी दूरी की ट्रेनों में सफर करने वाले मुसाफिरों को निशाना बनाकर फ़िल्मी अंदाज़ में उनके सामान गायब करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए इसके चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है.

इलाहाबाद: इलाहाबाद की रेलवे पुलिस ने लम्बी दूरी की ट्रेनों में सफर करने वाले मुसाफिरों को निशाना बनाकर फ़िल्मी अंदाज़ में उनके सामान गायब करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए इसके चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है.
हरियाणा के जींद इलाके के इस गिरोह के सदस्य बेहद शातिर हैं और यह पलक झपकते ही लोगों के सामान गायब कर देते हैं. गिरोह का मुखिया सांसी नाम का एक शख्स है. मुखिया के नाम के आधार पर ही गिरोह को सांसी गैंग के नाम से जाना जाता है.
इस बेहद खतरनाक गैंग ने पिछले सात सालों में चोरी की तीन सौ से ज़्यादा बड़ी वारदातों को अंजाम दिया. इनके खिलाफ देश भर में दर्जनों मुक़दमे दर्ज हैं. शुरुआती दिनों में इनका कार्यक्षेत्र हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और हिमाचल था, लेकिन उन इलाकों में सख्ती होने के बाद गिरोह ने इन दिनों मुम्बई रुट की ट्रेनों को निशाना बनाना शुरू कर दिया था.
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रेलवे पुलिस ने गिरोह से जुडी बारह वारदातों के खुलासे का दावा करते हुए गिरफ्तार चार लोगों के पास से लाखों रूपये की ज्वेलरी, बानबे हजार रूपये नगद और बारह एंड्रायड फोन के साथ ही बड़ी तादात में चोरी के उपकरण व नशीली दवाएं बरामद की हैं
गिरोह के लोग बाकायदा एसी कोचों में रिजर्वेशन कराकर सवार होते थे और ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे, जो शादी के सामानों की खरीददारी कर या फिर बड़े शहरों से कमाई कर घरों को वापस लौटते थे. यह लोग कई बार मुसाफिरों को बातों में फंसा लेते थे तो कई बार कुछ ऐसा तमाशा करते थे, जिससे लोगों का ध्यान खुद ही भटक जाता था.
सामान गायब होने के बाद सिर्फ एक या दो सदस्य ही ट्रेन से उतरते थे और बाकी लोग कोच में ही अनजान बनकर पीड़ित मुसाफिरों को गुमराह भी किया करते थे. पकडे गए चारों लोगों को इलाहाबाद के छिंवकी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया है.
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रेलवे पुलिस के अफसरों के मुताबिक़ गिरोह के नेटवर्क का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके सदस्यों ने तमाम बड़े शहरों में अपने वकील भी कर रखे थे, ताकि कहीं पकडे जाने पर वह जल्द ही जमानत करा सके. एक वकील का फोन सर्विलांस पर लगाकर रेलवे पुलिस ने इस गैंग के बारे में जानकारी हासिल की थी.
रेलवे पुलिस के अफसरों का दावा है कि गिरोह के बारे में देश भर की सिविल व रेलवे पुलिस को जानकारी भेजी जा रही है, ताकि गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जा सके. रेलवे पुलिस गिरोह के बाकी सदस्यों की भी तलाश में जुटी हुई हैं. गिरोह में तकरीबन दो दर्जन से ज़्यादा लोग हैं.
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