एक्सप्लोरर

महार बैल: जिसकी ख्याति अपनी सींगों से बाघ को मारने की थी

मेरे परिवार में दो बैल थे, जिनसे हमें बहुत प्यार था और गर्व भी. उनसे ही परिवार की रोज़ीरोटी चलती थी और उन्हें ऐसे ही देखा जाता था. हर मानसून से पहले, मैं उन्हें काम में लाता था और खेत जोतता था.

पूरे गांव में भीम इकलौता बैल था जिसकी ख्याति अपनी सींगों से बाघ को मारने की थी. लेकिन वह दौड़ में हिस्सा नहीं ले सकता था, क्योंकि उसके मालिक महार थे. 

महार बैल 

देवयानी खोब्रागढ़े

महार बैल: जिसकी ख्याति अपनी सींगों से बाघ को मारने की थी

पूरे गांव में भीम इकलौता बैल था जिसकी ख्याति अपनी सींगों से बाघ को मारने की थी. बाघ की खाल को मिट्टी के बने घर में बहुत ही गर्व से प्रदर्शित किया गया था.  उत्तर पूर्व महाराष्ट्र के गढ़चिरोली में घने जंगल के किनारे स्थित मेरे गांव में बाघ अक्सर आते रहते थे, जो गाय या बछड़े को खा जाते थे.

एक रात हम अपनी झोपड़ी में सोए थे कि बाघ की दहाड़ से हमारी आंख खुली. जब हम जानवर को डराने के लिए जलती हुई मशाल लेकर बाहर ही तरफ दौड़े, तो हमारा सामना एक अद्भुत दृश्य से हुआ. हमने देखा कि भीम ने अपनी सींगों पर बाघ को टांग रखा है, जो उसकी सींगों में फंसकर भीम की पीठ पर अटका था, और अपनी जान बचाने के लिए ज़ोर ज़ोर से दहाड़ रहा था. भीम ने फिर उसे नीचे पटका, अपना भारी वज़न बाघ पर डाल दिया जबकि बाघ ने उसकी गर्दन पर दांत गड़ाने की कोशिश की. मगर भीम की दी हुई चोट बाघ के लिए प्राणघातक सिद्ध हुई, इतनी कि उसकी सांसें रुक गईं. भीम ने न केवल अपनी ज़िंदगी बचाई बल्कि हमारे परिवार की भी रक्षा की. हमें भीम पर इतना गर्व हुआ कि हम अगले दिन पूरे गांव को दिखने के बाद बाघ की खाल को अपने घर ले आए.

हमारे गांव में सौ से भी कम झोपड़ियां थीं और सभी जातियों के हिसाब से ही बनी हुई थीं. भारतीय प्रथा के हिसाब से महारवाड़ा गांव के बाहर ही बसा हुआ है. गांव में केवल एक प्राथमिक स्कूल है और एक राशन की दुकान है. सबसे नज़दीकी क्लीनिक भी लगभग बीस किलोमीटर दूर है. खनिज और अपार जंगल के होने के बावजूद महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के किनारे पर बसा हुआ यह क्षेत्र वाकई बहुत ही गरीब है. यहां पर कोई सड़क नहीं है और परिवहन का इकलौता साधन केवल बैलगाड़ी है.

मेरे परिवार में दो बैल थे, जिनसे हमें बहुत प्यार था और गर्व भी. उनसे ही परिवार की रोज़ीरोटी चलती थी और उन्हें ऐसे ही देखा जाता था. हर मानसून से पहले, मैं उन्हें काम में लाता था और खेत जोतता था. फिर खेत की बुवाई हमारे परिवार की स्त्रियों अर्थात मां और बहन द्वारा की जाती थी. इसके बाद बैलों को चरने के लिए छोड़ दिया जाता था और वे दिन ढलते-ढलते महारवाड़ा में वापस आ जाते थे.

चारा खाने के लिए वे वापस आ जाते थे. पानी में भूसा मिलाकर हम उनके लिए चारा तैयार करते जो उनका मनपसन्द खाना था. इसे मैं तैयार करता था. यहां तक कि जब मैं स्कूल जाता था तब भी मैं अपना काम खत्म करने के बाद उन्हें चारा देता था. मेरे और उनके बीच एक अनोखा रिश्ता था. भीम और तात्या में से भीम मेरा प्रिय था. उसने खुद को बहादुर साबित कर दिया था और वह अधिक बुद्धिमान और मानवीय था. उसकी पीठ की बाईं तरफ गहरा घाव था, जो मारने वाले बाघ ने अपने नाखूनों से उसकी पीठ पर कर दिए थे. इसकी वजह से देखने में वह प्रखर और आदर्श लगता था.

मैं महार परिवार में ज़िंदा बचने वाला सातवां बच्चा था. जब तक मैं सोलह साल का हुआ तब तक आंबेडकरी आंदोलन हमारे गांव तक पहुंच गया था. दुबले पतले मेरे पिता को पाटिल बावा कहा जाता था और वे हमारे गांव में इस आंदोलन के सूत्रधार थे. वे पूरी तरह से स्वशिक्षित थे. शाम को जब मैं स्ट्रीट लैंप के नीचे बैठकर पढ़ता था, तो मेरे पिता अक्सर बैठकर कबीर पढ़ा करते थे, मगर अधिकतर वे हमारे पड़ोसियों और रिश्तेदारों को बाबा भीमराव आंबेडकर के संदेशों को सुनाने के लिए अखबार पढ़ा करते थे.

वे वर्ष 1956 में बाबा साहेब के साथ नागपुर में दीक्षा भूमि में लाखों अनुयायियों के साथ कबीरपंथी से बौद्ध बन गए थे. वे हमें गर्व से बताते थे, “अब हम गांव के अछूत महार नहीं रह गए हैं. अब हमसे कोई भेदभाव नहीं कर सकता है. अब हम हिंदुओं से होने वाले अपमान को नहीं सहेंगे.”

पूरी किताब फ्री में जगरनॉट ऐप पर पढ़ें. ऐप डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें.

(देवयानी खोब्रागढ़े की कहानी का यह अंश प्रकाशक जगरनॉट बुक्स की अनुमति से प्रकाशित)

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

US Israel Iran War LIVE: एक सप्ताह में मिलेंगी दो छुट्टी, तेल संकट के बीच नेपाल का बड़ा फैसला, बालेन शाह कैबिनेट ने लगाई मुहर
LIVE: एक सप्ताह में मिलेंगी दो छुट्टी, तेल संकट के बीच नेपाल का बड़ा फैसला, बालेन शाह कैबिनेट ने लगाई मुहर
930 KM की रेंज, 1000 KG वारहेड... कितनी खतरनाक हैं JASSM-ER मिसाइलें, जिन्हें ईरान में दागने की तैयारी में जुटा अमेरिका?
930 KM की रेंज, 1000 KG वारहेड... कितनी खतरनाक JASSM-ER मिसाइलें, जिन्हें ईरान में दागेगा US?
'पायलट को रेस्क्यू करने आए अमेरिका के C-130 एयरक्राफ्ट को मार गिराया', ईरान का बड़ा दावा, VIDEO
'पायलट को रेस्क्यू करने आए अमेरिका के C-130 को मार गिराया', ईरान का बड़ा दावा, VIDEO
Iran-US War: 'WE GOT HIM', ईरान में फंसे US सैनिक के रेस्क्यू पर ट्रंप का पावर मैसेज, तेहरान को लेकर क्या कहा?
'WE GOT HIM', ईरान में फंसे US सैनिक के रेस्क्यू पर ट्रंप का पावर मैसेज, तेहरान को लेकर क्या कहा?

वीडियोज

Khabar Filmy Hain: 'टिटहरी'-'सरके चुनर' कंट्रोवर्सी के बाद 'सजन रे' | Bollywood Masala | Badshah | Nora
Sansani: जंग में ट्रंप की 'टॉकिंग स्ट्राइक' ! | Iran-israel War | Middle East War | Iranattackisrael
Iran- Israel War: पायलट के बदले होगी बड़ी सौदेबाजी? बुशहर के बाद करज बना जंग का मैदान ! | ABP News
Chitra Tripathi: ट्रंप की ये चूक बन गई सबसे बड़ी मुसीबत! | Iran US Israel Wa | Trump | Netanyahu
MP News: घर के बाहर बैठे लोगों पर कुत्ते का खूनी हमला, सीसीटीवी देख दहल जाएंगे आप। Indore CCTV

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
ईरान में ‘मिशन इम्पॉसिबल’ जैसा ऑपरेशन, अमेरिकी पायलट को ऐसे निकाला गया सुरक्षित, जानिए पूरी कहानी
ईरान में ‘मिशन इम्पॉसिबल’ जैसा ऑपरेशन, अमेरिकी पायलट को ऐसे निकाला गया सुरक्षित, जानिए पूरी कहानी
Watch: घर पर पार्क करते समय बैक हुई THAR, फर्रुखाबाद में पोते की लापरवाही से दादी की दर्दनाक मौत
घर पर पार्क करते समय बैक हुई THAR, फर्रुखाबाद में पोते की लापरवाही से दादी की दर्दनाक मौत
MS Dhoni IPL 2026: क्या आज बेंगलुरु के खिलाफ मैच में खेलेंगे एमएस धोनी? जानें चेन्नई के दिग्गज पर ताजा अपडेट 
क्या आज बेंगलुरु के खिलाफ मैच में खेलेंगे एमएस धोनी? जानें चेन्नई के दिग्गज पर ताजा अपडेट 
US Iran War: 23 साल बाद दुश्मन ने गिराया अमेरिकी फाइटर जेट, ईरान के हमले ने किया बड़ा नुकसान, जानें सब कुछ
23 साल बाद दुश्मन ने गिराया अमेरिकी फाइटर जेट, ईरान के हमले ने किया बड़ा नुकसान, जानें सब कुछ
फटे-पुराने जूतों में नजर आए सलमान खान, बाद में निकले महंगे लग्जरी शूज!
फटे-पुराने जूतों में नजर आए सलमान खान, बाद में निकले महंगे लग्जरी शूज!
NASA Artemis II Mission: 53 साल में पहली बार इंसानी आंखों से देखा गया चांद का ये हिस्सा, आर्टेमिस II मिशन से आई ऐतिहासिक तस्वीर
53 साल में पहली बार इंसानी आंखों से देखा गया चांद का ये हिस्सा, आर्टेमिस II मिशन से आई ऐतिहासिक तस्वीर
बेटी पैदा हुई तो पिता ने पूरे शहर में यूं मनाया जश्न, चीख चीखकर लोगों को बताया,
बेटी पैदा हुई तो पिता ने पूरे शहर में यूं मनाया जश्न, चीख चीखकर लोगों को बताया, "बेटी हुई है"
Haryana Board Exam 2026: हरियाणा में दो बार होंगी 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षाएं, आवेदन शुरू
हरियाणा में दो बार होंगी 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षाएं, आवेदन शुरू
Embed widget