भारत समेत दुनिया भर में क्रिसमस की धूम, राष्ट्रपति और पीएम ने दी शुभकामनाएं
बेथलहम में इस साल लोग चर्च ऑफ नैटिविटी के नये पुनर्बहाल मोजैक देख पा रहे हैं. एक बड़ी परियोजना के तहत हाल ही में उसकी साफ-सफाई और मरम्मत की गयी थी. पहला गिरजाघर चौथी सदी में यहां बना था . छठी सदी में आग लगने के बाद उसके स्थान पर दूसरा गिरजाघर बना था. उसके पास एक नया और विशाल गिरजाघर सेंट कैथरीन है.

नई दिल्ली: देश और दुनिया में क्रिसमस का जश्न शुरू हो गया है. इस मौके पर लोग अक दूसरे को बधाई भी दे रहे हैं. दुनियाभर से ईसाई तीर्थयात्री क्रिसमस की पूर्व संध्या पर सोमवार को बेथलहम पहुंचे और उस स्थान का दर्शन करने के लिए धार्मिक जुलूस में हिस्सा लिया जहां माना जाता है कि प्रभु यीश मशीह पैदा हुए थे.
वहीं दूसरी ओर राजधानी दिल्ली में गोल डाकखाना के चर्च में सभी धर्मों, समुदायों के लोग क्रिसमस का त्योहार मनाने के लिए पहुंचे. कोलकाता में भी रात में ही लोग बैंडल चर्च पहुंचे और प्रार्थना की. वाराणसी में भी बाजारों से लेकर चर्च तक क्रिसमस की धूम दिख रही है.
इस खास मौके पर राष्ट्पति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देश वासियों के शुभकामनाएं दीं. राष्ट्रपति ने लिखा, ''सभी देशवासियों, विशेषकर भारत और भारत से बाहर सभी ईसाई भाई-बहनों को क्रिसमस की हार्दिक बधाई. यह दिन, अपने परिजनों एवं मित्रों के साथ मिल-जुलकर, सभी की शान्ति और खुशहाली की कामनाओं का अवसर है. यह त्योहार हमारे देश और हमारी साझी धरती के लिए खुशियों से भरा हो.''
सभी देशवासियों, विशेषकर भारत और भारत से बाहर सभी ईसाई भाई-बहनों को क्रिसमस की हार्दिक बधाई। यह दिन, अपने परिजनों एवं मित्रों के साथ मिल-जुलकर, सभी की शान्ति और खुशहाली की कामनाओं का अवसर है। यह त्योहार हमारे देश और हमारी साझी धरती के लिए खुशियों से भरा हो — राष्ट्रपति कोविन्द
— President of India (@rashtrapatibhvn) December 25, 2018
प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, ''सभी को क्रिसमस की शुभकामनाएं. इस मौके पर हम यीशु मसीह की महान शिक्षाओं को याद करते हैं और एक दयालु और समान समाज बनाने की दिशा में उनके प्रयासों को याद करते हैं.''
Wishing everyone a Merry Christmas.
We remember the noble teachings of Jesus Christ and recall his efforts towards creating a compassionate and equal society. — Narendra Modi (@narendramodi) December 25, 2018
बेथलहम में इस साल लोग चर्च ऑफ नैटिविटी के नये पुनर्बहाल मोजैक देख पा रहे हैं. एक बड़ी परियोजना के तहत हाल ही में उसकी साफ-सफाई और मरम्मत की गयी थी. पहला गिरजाघर चौथी सदी में यहां बना था . छठी सदी में आग लगने के बाद उसके स्थान पर दूसरा गिरजाघर बना था. उसके पास एक नया और विशाल गिरजाघर सेंट कैथरीन है. 21 वर्षीय फ्रांसीसी विद्यार्थी ली गुडेल ने कहा, ‘‘क्रिसमस पर ऐसे सांकेतिक स्थल पर उपस्थित होना एक बड़ा मौका है.’’
बेथलहम पश्चिमी तट पर यरुशलम के समीप है लेकिन वह इस्राइल के पार्थक्य बैरियर के चलते शहर से कटा हुआ. इस्राइल फलस्तीन संघर्ष के चलते अशांति की वजह से कई सालों से मंदी के बाद इस साल पर्यटकों में खासा इजाफा हुआ है. फलस्तीन के पर्यटन अधिकारियों और होटल संचालकों के अनुसार कई सालों में पहली बार ऐसा जबर्दस्त सीजन आया है.























