'16 महीने में...', CM रेवंत का सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों पर बड़ा ऐलान
हेल्थ अधिकारी के मुताबिक, यह भारत का पहला सरकारी अस्पताल है, जिसमें AI-बेस्ड न्यूमैटिक ट्यूब सिस्टम है, जो वार्ड और लैब के बीच ब्लड सैंपल और दवाएं सिर्फ 1-2 मिनट में पहुंचाता है.

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सोमवार (17 अगस्त) को सनथनगर में 1,126 करोड़ रुपये की लागत से बने 'डॉ. मरि चेन्ना रेड्डी तेलंगाना इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज' (MCR TIMS) का उद्घाटन किया. यह राज्य का सबसे बड़ा सिंगल-फेज सुपर-स्पेशियलिटी सरकारी अस्पताल है. 1,082 बेड, 300 ICU बेड और 31 बड़े ऑपरेशन थिएटर वाली यह 22.6 एकड़ की सुविधा ऑर्गन ट्रांसप्लांट, कार्डियक साइंसेज, ऑन्कोलॉजी, न्यूरोसाइंसेज, नेफ्रोलॉजी और ट्रॉमा केयर में 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के तौर पर बनाई गई है.
एक हेल्थ अधिकारी ने इसकी आधुनिक टेक्नोलॉजी के बारे में बताते हुए कहा, 'यह भारत का पहला सरकारी अस्पताल है, जिसमें AI-बेस्ड न्यूमैटिक ट्यूब सिस्टम है, जो वार्ड और लैब के बीच ब्लड सैंपल और दवाएं सिर्फ 1-2 मिनट में पहुंचाता है.' 21 अप्रैल, 2022 को मंजूर हुए और मेघा इंजीनियरिंग द्वारा बनाए गए इस अस्पताल को पानी बचाने के लिए IGBC गोल्ड रेटिंग भी मिली है.
रेड्डी का बड़ा ऐलान
डिप्टी CM मल्लू भट्टी विक्रमार्क और हेल्थ मिनिस्टर दामोदर राजनरसिम्हा की मौजूदगी में हुए उद्घाटन समारोह में रेड्डी ने एक बड़ा वादा किया, जिसने वहां मौजूद लोगों में जोश भर दिया. उन्होंने घोषणा की, 'मैं उस्मानिया, अलवाल, LB नगर और वारंगल अस्पतालों का काम 9 दिसंबर, 2027 तक पूरा कर दूंगा अगले 16 महीनों में हर छह महीने में एक अस्पताल.' यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब BRS के कार्यकारी अध्यक्ष K.T. रामा राव सरकार से इन्हीं अटके हुए TIMS प्रोजेक्ट्स में तेज़ी लाने की मांग कर रहे थे, जिनकी योजना मूल रूप से पिछली BRS सरकार के समय बनी थी.
अस्पताल में कार्डियोलॉजी समेत कुल 28 विभाग
अकेले सनथनगर अस्पताल में 2,360 पद मंजूर किए गए हैं और यह पूरे राज्य के मरीजों की सेवा करेगा, जिसमें मेडिकल टूरिज्म और कर्मचारियों की हेल्थ स्कीम के लिए अलग से बेड होंगे. इस बड़े अस्पताल में कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी और ऑर्थोपेडिक्स जैसे कई विभागों और सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं के साथ कुल 28 विभाग हैं. यहां 3.0 टेस्ला MRI और 128-स्लाइस CT स्कैनर जैसी एडवांस्ड डायग्नोस्टिक सुविधाएँ भी मौजूद हैं.
इसके चार-ब्लॉक वाले कॉम्प्लेक्स में इमरजेंसी सेवाएं, ICU और मरीज़ों के साथ आने वाले 200 लोगों के लिए छह मंज़िला धर्मशाला है. 53.30 एकड़ में फैले और 11.68 लाख वर्ग फुट के बिल्ट-अप एरिया वाले इस अस्पताल को सभी 17 ज़रूरी लाइसेंस मिल चुके हैं, जिनमें फायर और ब्लड बैंक की मंज़ूरी भी शामिल है. स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजनरसिम्हा ने एक दिन पहले ही इंतज़ामों का जायज़ा लिया था ताकि उद्घाटन समारोह के लिए एंट्री, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था सुचारू रहे.
सनातनगर TIMS के चालू होने के बाद, अब सबकी नजरें बाकी तीन अस्पतालों ओस्मानिया (2,000 बेड), अलवाल, LB नगर और वारंगल सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल पर टिकी हैं. मुख्यमंत्री की 16 महीने की डेडलाइन को सरकारी मशीनरी के लिए एक सीधी चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर इन प्रोजेक्ट्स में देरी के पुराने इतिहास को देखते हुए.






















