एक्सप्लोरर

Xप्लेन: जॉर्ज-बंगारू के इस्तीफे से लेकर मैच फिक्सिंग खुलासा! रेप केस में जेल जाने वाले तरुण तेजपाल की कहानी

Tarun Tejpal Case: एक जमाने में तरुण तेजपाल भारत के सबसे डरावने पत्रकारों में से एक थे. तेजपाल ने बंगारू लक्ष्मण और जॉर्ज फर्नांडीस से लेकर मैच फिक्सिंग का पर्दाफाश किया.

13 साल पहले गोवा के एक 5 स्टार होटल के लिफ्ट में जो हुआ, उसने भारत के सबसे ताकतवर पत्रकारों में से एक को हमेशा के लिए डुबो दिया. इस वजह से 6 अगस्त 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने तहलका के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल को 2013 के रेप केस में 10 साल की कैद की सजा सुनाई. यह वही तरुण तेजपाल है जिसने एक जमाने में 'ऑपरेशन वेस्ट एंड' स्टिंग के जरिए तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण को रिश्वतखोरी में गिराया था. मैच फिक्सिंग की पोल खोली थी, गुजरात दंगों पर चौंकाने वाली रिपोर्ट पब्लिश की थी और जॉर्ज फर्नांडीस को रक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था. आज वही तेजपाल कोर्ट में कह रहा था, 'मैं 62 साल का हूं, दो बेटियों का पिता हूं, मुझ पर सियासी बदले की कार्रवाई हुई है.' यह कहानी एक ऐसे शख्स की है जो कभी भारत के सबसे डरावने पत्रकारों में गिना जाता था और आज खुद सजा काट रहा है...

आर्मी बैकग्राउंड से पत्रकारिता में आने वाले कौन हैं तरुण तेजपाल?

तरुण तेजपाल का जन्म 15 मार्च 1963 को हुआ. तरुण के पिता भारतीय सेना में थे, इसलिए बचपन देश के कई हिस्सों में बीता. चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने 1980 के दशक में   द इंडियन एक्सप्रेस से अपनी पत्रकारिता की शुरुआत की.

इसके बाद उन्होंने कई न्यूज मैगजीन में काम किया. 1998 में उन्होंने RST IndiaInk नाम की पब्लिशिंग कंपनी को-फाउंड किया, जिसने अरुंधति रॉय के बुकर पुरस्कार विजेता उपन्यास 'द गॉड ऑफ स्मॉल थिंग्स' को प्रकाशित किया.

पत्रकारिता के अलावा तेजपाल ने एक उपन्यास 'द अल्केमी ऑफ डिजायर' भी लिखा, जो 2006 में प्रकाशित हुआ. यह किताब प्यार, सेक्स और महत्वाकांक्षा के बीच के जटिल रिश्ते पर है.

2000 में तरुण ने रखी तहलका की नींव

फरवरी 2000 में तेजपाल ने भारत के पहले जर्नलिस्टिक वेबसाइटों में से एक तहलका (Tehelka.com) लॉन्च किया. तहलका का मतलब हिंदी/उर्दू में 'सनसनी' होता है. इसने अपने नाम के मुताबिक ही काम किया. द गार्डियन, बिजनेसवीक और एशियावीक ने तेजपाल को भारत के सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल किया. वह 'जर्नलिज्म के चे ग्वेवरा' के नाम से मशहूर हुए.

तहलका के वो स्टिंग ऑपरेशंस जिन्होंने देश हिला दिया

1. 2000 में क्रिकेट मैच फिक्सिंग से स्टिंग शुरू

तहलका का पहला बड़ा स्टिंग ऑपरेशन 2000 में इंडिया-साउथ अफ्रीका क्रिकेट मैच फिक्सिंग पर था. तहलका ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज प्रभाकर के साथ मिलकर क्रिकेट में सट्टेबाजी और फिक्सिंग के गोल्डन कनेक्शन को उजागर किया. इस एक्सपोज पर 'फॉलन हीरोज' नाम की किताब भी छपी.

2. 2001: ऑपरेशन वेस्ट एंड में जब बंगारू लक्ष्मण को गिराया गया

तहलका का सबसे चर्चित ऑपरेशन 'ऑपरेशन वेस्ट एंड' था. मार्च 2001 में तहलका के जर्नलिस्टों ने आर्म्स डीलर बनकर रक्षा अधिकारियों, राजनेताओं और बिचौलियों के बीच हो रही रिश्वतखोरी को सीक्रेट कैमरे में रिकॉर्ड किया.

सबसे बड़ा झटका तब लगा जब स्टिंग में तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण रिश्वत लेते नजर आए. इसके बाद हुए हंगामे में  बंगारू लक्ष्मण को इस्तीफा देना पड़ा. हालांकि, यहीं खत्म नहीं हुआ. इसी मामले में तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडीस भी घिर गए.

हालांकि स्टिंग में जॉर्ज सीधे नहीं पकड़े गए थे, लेकिन इस रक्षा घोटाले के सार्वजनिक होने के बाद उन्हें रक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा. सरकार ने वेंकटस्वामी कमीशन बनाया, लेकिन तेजपाल ने सवाल उठाया कि अगर सरकार सच में इस घोटाले की तह तक जाना चाहती है तो कमीशन को खत्म क्यों नहीं कर देती.

इस स्टिंग के लिए तहलका को आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तहलका ने रक्षा अधिकारियों को वेश्याएं उपलब्ध कराईं. इसके लिए तेजपाल पर 'इम्मोरल ट्रैफिकिंग' का आरोप भी लगा.

3. 2007: गुजरात दंगों पर चौंकाने वाली रिपोर्ट

अक्टूबर 2007 में तहलका ने 2002 के गुजरात दंगों पर एक स्पेशल इश्यू निकाला. तहलका ने दावा किया कि उसके पास अटूट सबूत हैं कि गुजरात में हुई हत्याएं 'आकस्मिक आक्रोश का उबाल नहीं थीं.'

तहलका ने 20 से ज्यादा मुख्य खिलाड़ियों के ऑन-कैमरा बयान पेश किए. तेजपाल ने अपने एडिटोरियल में साफ कहा, यह 'सहज दंगे' नहीं थे, बल्कि 'सामूहिक हत्याएं' थीं.

2013 में एक लिफ्ट ने बदल दी सब कुछ

7-8 नवंबर 2013 को तहलका का सालाना आइडियाज फेस्टिवल का थिंकफेस्ट चल रहा था. गोवा के ग्रैंड हयात होटल में हो रहे इवेंट में हॉलीवुड एक्टर रॉबर्ड डी नीरो भी शामिल थे. इस दौरान एक जूनियर महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया कि तेजपाल ने होटल के लिफ्ट में उसके साथ बलात्कार किया. आरोप था कि तेजपाल ने एडिटर और एम्प्लॉयर के अपने पद का इस्तेमाल करके उस पर जबरदस्ती की.

इस पूरे मामले में सबसे अहम सबूत तेजपाल का खुद का ईमेल था. इसमें उसने महिला से माफी मांगी. हालांकि बाद में उसने अपना रुख बदल लिया, लेकिन यह ईमेल पब्लिक हो गया और गोवा पुलिस ने खुद एक्शन लेते हुए FIR दर्ज कर ली.

  • 22 नवंबर 2013: गोवा पुलिस ने केस दर्ज किया
  • 30 नवंबर 2013: तेजपाल को गिरफ्तार किया गया
  • मई 2014: सुप्रीम कोर्ट ने तेजपाल को अंतरिम जमानत दी
  • 2017: ट्रायल शुरू हुआ, जिसमें गोवा पुलिस ने करीब 2800 पन्नों की चार्जशीट दायर की

2021 में ट्रायल कोर्ट ने बरी कर दिया

मई 2021 में गोवा सेशंस कोर्ट ने तेजपाल को सभी आरोपों से बरी कर दिया. ट्रायल कोर्ट ने कहा कि पीड़िता का व्यवहार 'सामान्य' नहीं था और पुलिस जांच में चूक थी. इसमें होटल के एक फ्लोर की CCTV फुटेज गायब थी. इस फैसले की महिला अधिकारियों और कानूनी विशेषज्ञों ने जमकर आलोचना की. गोवा सरकार ने हाईकोर्ट में अपील दायर की.

2026: हाईकोर्ट ने पलटा फैसला, 10 साल की सजा

6 अगस्त 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने 2021 के बरी होने के फैसले को पलट दिया. कोर्ट ने तेजपाल को IPC की तीन धाराओं के तहत दोषी ठहराया:

  • धारा 376(2)(f): भरोसे या अधिकार वाले पद पर बैठे व्यक्ति का किसी के साथ बलात्कार करने पर 10 साल की सजा
  • धारा 354A: यौन उत्पीड़न में 1 साल की सजा
  • धारा 354B: महिला को निर्वस्त्र करने के इरादे से हमला करने पर 3 साल की सजा

कोर्ट ने सभी सजाएं एक साथ चलाने का आदेश दिया और 10.21 लाख रुपये का जुर्माना पीड़िता को भरपाई के तौर पर देने का निर्देश दिया. तेजपाल को दो हफ्ते (बाद में बढ़ाकर चार हफ्ते) में सरेंडर करने का समय दिया गया.

तेजपाल का पलटवार: 'मैं सियासी शिकार हूं'

फैसला सुनने के बाद तेजपाल ने कोर्ट के बाहर मीडिया से बात की. तेजपाल ने इसे 'गलत आदेश' बताया और सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का ऐलान किया. तेजपाल ने यह भी कहा कि उनके खिलाफ 'सियासी बदले की कार्रवाई' हुई है.

तेजपाल ने उमर खालिद और शरीफुल इमाम का उदाहरण देते हुए कहा, 'उमर खालिद और शरीफुल इमाम जेल में हैं, मैं भी उन्हीं में से एक हूं.' तेजपाल ने कहा कि तहलका की खोजी पत्रकारिता की वजह से उसे निशाना बनाया गया.

जजों के सामने सजा में नरमी की गुहार लगाते हुए तेजपाल ने कहा, 'मैं 62 साल का हूं, दो बेटियों का पिता हूं.' लेकिन सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जोरदार पैरवी करते हुए कहा, 'यह कोई गलतफहमी या मजाक नहीं था. तेजपाल ने घटना के बाद कोई पछतावा नहीं दिखाया और अगले दिन फिर से वही किया.'

ज़ाहिद अहमद इस वक्त ABP न्यूज़ में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. टेलीविजन और डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में उन्हें करीब 9 साल का तजुर्बा है. इससे पहले वे 3 बड़े मीडिया संस्थानों में भी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. वे ओरिजिनल सेक्शन की एक्सप्लेनर टीम में सीनियर सब एडिटर रहे. ज़ाहिद आउटपुट डेस्क, बुलेटिन प्रोड्यूसिंग और बॉलीवुड सेक्शन को बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर लीड भी कर चुके हैं. देश-विदेश, सियासत, कारोबार, एजुकेशन, एंटरटेनमेंट, चुनाव और समाजी मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़ है. आसान लहजे में असरदार और भरोसेमंद एक्सप्लेनर पेश करना उनकी पहचान है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

पुडुचेरी में भगवा झंडा देखकर भड़के अमित शाह, कहा- 'तिरंगा कहां है'
पुडुचेरी में भगवा झंडा देखकर भड़के अमित शाह, कहा- 'तिरंगा कहां है'
पेपर लीक मामलों में ED का बड़ा एक्शन, जल्द शुरू होगी ताबड़तोड़ छापेमारी
पेपर लीक मामलों में ED का बड़ा एक्शन, जल्द शुरू होगी ताबड़तोड़ छापेमारी
जनवरी में होनी थी शादी, ट्रेकिंग से गायब हुआ IIT इंजीनियर, तलाश में जुटे 100 लोग
जनवरी में होनी थी शादी, ट्रेकिंग से गायब हुआ IIT इंजीनियर, तलाश में जुटे 100 लोग
PM मोदी, अमित शाह, सोनिया-अखिलेश... सुप्रिया सुले की बेटी के रिसेप्शन में पहुंचे दिग्गज
PM मोदी, अमित शाह, सोनिया-अखिलेश... सुप्रिया सुले की बेटी के रिसेप्शन में पहुंचे दिग्गज
Advertisement

वीडियोज

Baramati Crime: पत्नी ने रची पति को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश? | Sansani
Janhit with Chitra Tripathi: CM Soren से छात्र..'हमको झुका ना पाओगे'! | Jharkhand Students Protest
Kanwar Yatra 2026: बुर्के में कांवड़, मुस्लिम महिला और हिंदू पति! नोटिस के बाद भी नहीं रुकी तमन्ना !
Assam Flood Crisis: असम में बाढ़ का तांडव, 98 मौतें, समय रैनाने भेजे 10 लाख, अब CM वापस लेंगे FIR?
Sansani: बेवफा बीवी की तेजाबी साजिश
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
ईरान का खौफ या कोई और बात? तुर्किए से छुपके से निकले डोनाल्ड ट्रंप
ईरान का खौफ या कोई और बात? तुर्किए से छुपके से निकले डोनाल्ड ट्रंप
'सरकार अपना बहुमत...', CM मान पर राजा वडिंग के दावे से पंजाब में हलचल
'सरकार अपना बहुमत...', CM मान पर राजा वडिंग के दावे से पंजाब में हलचल
रोहित समेत कितने भारतीय बल्लेबाजों ने वनडे में बनाए हैं 200? लिस्ट कर देगी हैरान
रोहित समेत कितने भारतीय बल्लेबाजों ने वनडे में बनाए हैं 200? लिस्ट कर देगी हैरान
Toxic से यश ने वसूली सबसे मोटी रकम, जानें- कियारा आडवाणी से नयनतारा तक किसे मिली कितनी फीस?
'टॉक्सिक' से यश ने वसूली सबसे मोटी रकम, जानें- कियारा सहित बाकी स्टार कास्ट की फीस
जनवरी में होनी थी शादी, ट्रेकिंग से गायब हुआ IIT इंजीनियर, तलाश में जुटे 100 लोग
जनवरी में होनी थी शादी, ट्रेकिंग से गायब हुआ IIT इंजीनियर, तलाश में जुटे 100 लोग
Fact Check: अरुणाचल प्रदेश में घुस गई है चीनी सेना? वायरल वीडियो का सच
Fact Check: अरुणाचल प्रदेश में घुस गई है चीनी सेना? वायरल वीडियो का सच
Video: बुलडोजर से निकली कांवड़ यात्रा, अनोखा अंदाज देख लोग हैरान
बुलडोजर से निकली कांवड़ यात्रा, अनोखा अंदाज देख लोग हैरान
 Solar Crop Dryer Subsidy: फसल सुखाने के लिए खरीदें सोलर क्रॉप ड्रायर, मिल रही 1.40 लाख की सब्सिडी
फसल सुखाने के लिए खरीदें सोलर क्रॉप ड्रायर, मिल रही 1.40 लाख की सब्सिडी
Embed widget