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What is Executive Order: वो कौन सा ऑर्डर, जिसके जरिए डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया को हिला डाला?
What is Executive Order: डोनाल्ड ट्रंप ने US का राष्ट्रपति बनते ही कई ऐसे फैसले किए, जिनकी दुनियाभर में चर्चा है. आखिर वो एग्जीक्यूटिव ऑर्डर क्या है, जिसके जरिए ट्रंप ने दुनिया को हिला डाला.

ट्रंप ने किस नियम के तहत लिए इतने बड़े फैसले?
Source : Social Media
What is Executive Order: अमेरिका का राष्ट्रपति बनते ही डोनाल्ड ट्रंप ने कई ऐसे फैसले किए, जिनकी दुनियाभर में चर्चा हो रही है. इनमें विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से अमेरिका के हटने, मेक्सिको बॉर्डर पर इमरजेंसी, थर्ड जेंडर, ब्रिक्स, ग्रीनलैंड समेत कई बड़े फैसले शामिल हैं. आखिर वो एग्जीक्यूटिव ऑर्डर क्या है, जिसके जरिए डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया को हिला डाला. आइए विस्तार से जानते हैं.
दरअसल संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) का राष्ट्रपति अगर सरकारी नीतियों पर अपनी छाप छोड़ना चाहता है तो उसके लिए एग्जीक्यूटिव ऑर्डर यानी कार्यकारी आदेश एक महत्वपूर्ण जरिया है. जिस तरह ट्रंप ने धड़ाधड़ बड़े-बड़े फैसले किए, उन्हें देखकर ऐसा लगता है कि वह व्हाइट हाउस में वापसी के बाद अब कोई भी समय बर्बाद नहीं करना चाहते. राष्ट्रपति बनते ही उन्होंने कई एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए. इनमें वे आदेश भी शामिल हैं, जो कानूनी रूप से बाध्यकारी हैं और कुछ घोषणाएं हैं, जो बाध्यकारी नहीं होती हैं.
एग्जीक्यूटिव ऑर्डर क्या होता है ?
एग्जीक्यूटिव ऑर्डर या कार्यकारी आदेश राष्ट्रपति की ओर से संघीय सरकार को जारी किया गया एक लिखित आदेश है, जिसके लिए कांग्रेस की मंजूरी की जरूरत नहीं होती है. ये आदेश किसी नीति में उलटफेर से लेकर साधारण सरकारी काम तक के बारे में हो सकता है. एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी करने का अधिकार अमेरिकी संविधान के अनुच्छेद-2 में दिया गया है. इसमें कहा गया है, "कार्यकारी शक्ति राष्ट्रपति के पास होगी."
राष्ट्रपति कब जारी करते हैं एग्जीक्यूटिव ऑर्डर?
अमेरिका में राष्ट्रपति युद्ध के दौरान या फिर किसी घरेलू संकट को टालने के लिए एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी करते हैं. एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर को कानून के दायरे में काम करना होता है. सैद्धांतिक तौर पर ऐसे हर आदेश की वैधता और इसके प्रारूप की कानूनी परामर्श देने वाले कार्यालय की ओर से समीक्षा की जाती है. अगर कोई आदेश अपनी स्वीकार्य सीमा से बाहर माना जाता है तो उसकी क़ानूनी समीक्षा हो सकती है. अमेरिकी कांग्रेस कार्यकारी आदेश को रद्द करने के लिए एक कानून भी पारित कर सकती है, लेकिन राष्ट्रपति के पास इस कानून पर वीटो होता है.
हाल में बढ़ा एग्जीक्यूटिव ऑर्डर का इस्तेमाल
अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने हाल ही में अपने पूर्ववर्ती के कामों को रद्द करने के लिए एग्जीक्यूटिव ऑर्डर का बहुत इस्तेमाल किया है. ट्रंप ने साल 2017 में इसकी शुरुआत की, जब उन्होंने ओबामा प्रशासन के दौरान लिए गए फैसलों को पलटा था. उसके बाद ट्रंप के कुछ फैसलों को बाइडेन ने पलट दिया था. अब एक बार फिर इसी एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के जरिए ट्रंप ने बाइडेन प्रशासन के कई फैसलों को पलट दिया है. इनमें WHO, पेरिस जलवायु समझौता, टिक-टॉक बैन, कैपिटल हिंसा जैसे कई फैसले शामिल हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भाषण में क्या-क्या कहा?
डोनाल्ड ट्रंप ने 20 जनवरी को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली है. उन्होंने शपथ लेते हुए अगले चार साल के लिए अपना विजन देश के सामने रखा. उन्होंने कहा कि अमेरिका का स्वर्णिम युग अभी शुरू हो रहा है. अब अमेरिका को दुनिया में फिर से सम्मान वापस मिलेगा. अब हम लोग दूसरे देशों को फायदा नहीं उठाने देंगे. उन्होंने कहा कि अगर वो राष्ट्रपति होते तो रूस-यूक्रेन का युद्ध नहीं होता.
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