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Explained: क्या पलट जाएंगे बंगाल चुनाव के नतीजे? 44 सीटों पर SIR से 2021 के मार्जिन जितने वोटर्स हटाए

West Bengal SIR: पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले ही नतीजे पलटने की नौबत बन गई है. SIR में 44 सीटों पर इतने ज्यादा वोटर्स के नाम काट दिए हैं, जितने मार्जिन से पिछले चुनाव में कैंडिडेट्स जीते थे. आइए समझें.

पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के जरिए वोटर लिस्ट को पूरी तरह से नया सिरे से तैयार किया. राज्य के कुल 7.66 करोड़ वोटरों में से करीब 91 लाख नाम कट गए. नतीजा यह कि अंतिम वोटर लिस्ट अब सिर्फ 6.75-6.77 करोड़ रह गई है. यह बदलाव इतना बड़ा है कि कई सीटों पर 2021 के जीत-हार के अंतर से ज्यादा नाम कट गए हैं. तो क्या अब यह मान लें कि पश्चिम बंगाल की सत्ता पलटने वाली है? समझें एक्सप्लेनर में...

सवाल 1: बंगाल में अचानक मतदाता सूची से इतने नाम हटाने का मामला क्या है?

जवाब: पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत मतदाता सूची की पूरी सफाई की है. इसमें पूरे राज्य से करीब 90.66 लाख नाम हटा दिए गए हैं. शुरुआत में 7.66 करोड़ मतदाता थे, अब फाइनल लिस्ट में लगभग 6.77 करोड़ रह गए हैं. यानी करीब 11.6 प्रतिशत की कमी हो गई.

अब सबसे अहम बात ये है कि 44 विधानसभा सीटों पर सिर्फ न्यायिक जांच के दौरान हटाए गए मतदाताओं की संख्या 2021 के चुनाव में जीत के अंतर से ज्यादा है. मतलब, अगर 2021 में किसी सीट पर कोई पार्टी सिर्फ 5,000 वोट से जीती थी, तो वहां अब 5,000 से ज्यादा वोटर हटा दिए गए हैं. ये बदलाव उन सीटों के नतीजों को पूरी तरह पलट सकता है.

 

अब फाइनल लिस्ट में लगभग 6.77 करोड़ बचे हैं
अब फाइनल लिस्ट में लगभग 6.77 करोड़ बचे हैं

सवाल 2: ये 44 सीटें किन-किन जिलों में हैं और इनमें TMC-BJP का बंटवारा कैसा है?

जवाब: ये 44 सीटें पूरे बंगाल में फैली हुई हैं, लेकिन सबसे ज्यादा पुरबा और पश्चिम बर्धमान, नदिया, उत्तर 24 परगना, पश्चिम मेदिनीपुर, कूचबिहार, दक्षिण दिनाजपुर और मुर्शिदाबाद में हैं. तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 2021 में इनमें से 24 सीटें जीती थीं और बीजेपी ने 20 सीटें जीती थीं. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों पार्टियां लगभग बराबर प्रभावित हैं, लेकिन कुछ सीटें बहुत महत्वपूर्ण हैं. जैसे:

  • नंदीग्राम (पुरबा मेदिनीपुर): बीजेपी के सुवेंदु अधिकारी 1,736 वोट से जीते थे, लेकिन अब 3,461 मतदाता हटाए गए.
  • गैघाटा (उत्तर 24 परगना, मटुआ बाहुल्य): बीजेपी के सुब्रत ठाकुर 9,603 वोट से जीते, लेकिन 19,638 नाम कटे.
  • बागदाह: बीजेपी 9,907 वोट से जीती, 10,017 नाम हटे.
  • समसेरगंज (मुर्शिदाबाद): TMC 26,111 वोट से जीती, लेकिन 74,775 मतदाता हटाए गए.
  • बालारामपुर (पुरुलिया): बीजेपी सिर्फ 273 वोट से जीती, लेकिन 1,037 नाम कटे.

सवाल 3: 2021 के मार्जिन और अब हटाए गए वोटरों की तुलना में क्या खास है?

जवाब: 2021 में कई सीटें बहुत कम अंतर से जीती गई थीं. अब जांच के फेज में ही हटाए गए वोटर उस अंतर से ज्यादा हैं. मतलब अगर वो वोटर फिर से नाम जुड़वाने में कामयाब नहीं हुए, तो 2026 में नतीजे उलट सकते हैं. पूरी लिस्ट में कुछ और उदाहरण देखें, तो:

  • कूचबिहार उत्तर: बीजेपी का मार्जिन 13,833, हटाए गए 18,599.
  • सिताई: TMC का मार्जिन 10,127, हटाए गए 20,213.
  • रानाघाट दक्षिण: बीजेपी का मार्जिन 16,492, हटाए गए 17,411.

सवाल 4: SIR में इतने नाम क्यों हटे और आगे क्या हो सकता है?

जवाब: दिसंबर 2025 में पश्चिम बंगाल में SIR शुरू हुआ था. इसमें संदिग्ध वोटरों को चिह्नित किया गया यानी जो वोटर्स मर चुके, दोहरे नाम, स्थानांतरित या दस्तावेजों के बिना नाम वाले. करीब 60 लाख नाम अंडर एडजक्शन (UA) में रखे गए. फिर 700 से ज्यादा न्यायिक अधिकारियों ने इन्हें जांचा.

अंतिम फेज में 27.16 लाख नाम हटा दिए गए. पहले फेज में 58-63 लाख नाम पहले ही हट चुके थे. कुल 90.66 लाख नाम कटे. चुनाव आयोग का कहना है कि ये सफाई जरूरी थी ताकि चुनाव निष्पक्ष हो, लेकिन TMC इसे 'वोटरों का नरसंहार' बता रही है.

अब जिन वोटर्स का नाम कटा है, वे अभी भी अपील कर सकते हैं. चुनाव आयोग ने डिलीशन लिस्ट जारी की है. इस लिस्ट में लोग अपने नाम चेक कर सकते हैं और जरूरी दस्तावेज लेकर ट्रिब्यूनल में अपील कर सकते हैं.

सवाल 5: चुनाव 2026 पर इसका कितना असर पड़ेगा?  

जवाब: पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में होंगे, 23 अप्रैल और 29 अप्रैल 2026. वोटों की गिनती 4 मई को होगी. अगर चुनाव से पहले हटाए गए वोटर नाम न जुड़ा पाए तो नतीजे बदल सकते हैं. TMC के 215 सीटों वाले 2021 के बहुमत को चुनौती मिल सकती है. TMC का कहना है कि अल्पसंख्यक और TMC के गढ़ वाले इलाकों में ज्यादा नाम कटे हैं. मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर-दक्षिण 24 परगना जैसे जिलों में आधे से ज्यादा डिलीशन हुईं है. बीजेपी इसे 'सफाई' मान रही है और कह रही है कि इससे TMC के मजबूत इलाकों में उसका फायदा होगा. TMC ने 250 सीटों का टारगेट रखा है और कम मार्जिन वाली सीटों पर स्पेशल वॉर रूम बनाए हैं.
 
पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह डिलीशन राज्य के पूरे चुनावी मैदान को हिला सकता है. कुल 7.66 करोड़ वोटरों में से करीब 91 लाख नाम कट गए हैं, यानी करीब 12 प्रतिशत कमी. नतीजा यह कि अब कुल वोटर सिर्फ 6.75-6.77 करोड़ रह गए हैं. चुनाव आयोग ने कहा कि यह फर्जी, मृत और डुप्लिकेट वोटर हटाने की सफाई थी, लेकिन कई सीटों पर कटे नाम 2021 के जीत-हार के अंतर से ज्यादा हैं.

इसका मतलब है कि 44 विधानसभा सीटों पर चुनावी नतीजा पलट सकता है. इनमें से 24 सीटें 2021 में TMC ने जीती थीं और बीजेपी ने 20 सीटें. खासतौर पर मुर्शिदाबाद, मालदा और उत्तर 24 परगना जैसे मुस्लिम बहुल और बॉर्डर वाले इलाकों में सबसे ज्यादा असर पड़ेगा, जहां TMC का गढ़ माना जाता है.

ज़ाहिद अहमद इस वक्त ABP न्यूज़ में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. टेलीविजन और डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में उन्हें करीब 9 साल का तजुर्बा है. इससे पहले वे 3 बड़े मीडिया संस्थानों में भी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. वे ओरिजिनल सेक्शन की एक्सप्लेनर टीम में सीनियर सब एडिटर रहे. ज़ाहिद आउटपुट डेस्क, बुलेटिन प्रोड्यूसिंग और बॉलीवुड सेक्शन को बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर लीड भी कर चुके हैं. देश-विदेश, सियासत, कारोबार, एजुकेशन, एंटरटेनमेंट, चुनाव और समाजी मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़ है. आसान लहजे में असरदार और भरोसेमंद एक्सप्लेनर पेश करना उनकी पहचान है.

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