ट्रेनें भर-भर कर गुजरात छोड़ने वाली तस्वीर का क्या है वायरल सच
वायरल तस्वीर और वायरल मैसेज को देखकर हर किसी ने इसे हाथों हाथ लिया क्योंकि पिछले 10 दिनों में पूरे देश में ये खबर छाई हुई है कि गुजरात से उत्तर भारतीयों को भगाया जा रहा है.

नई दिल्लीः गुजरात से उत्तर भारतीयों के पलायन के बीच एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है जिसके साथ दावा किया जा रहा है कि ये आजादी के वक्त के विभाजन के दौर की याद दिला रही है. सोशल मीडिया पर वायरल ट्रेन की इस तस्वीर में सिर्फ लोग दिखाई दे रहे हैं. ट्रेन के हर हिस्से में भीड़ ही भीड़ है और दरवाजे-छत चारों तरफ मुसाफिर भरे हैं. इसके चलते बता पाना मुश्किल है कि ट्रेन चल रही है या रुकी हुई है. इस वायरल तस्वीर के साथ एक मैसेज भी है, जो तस्वीर से भी ज्यादा खतरनाक है.

वायरल मैसेज में लिखा है गुजरात से भागते यूपी और बिहार के लोगों को देख भारत-पाक विभाजन 1947 याद आ गया. ये तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर की जा रही है. इस वायरल तस्वीर और वायरल मैसेज को देखकर हर किसी ने इसे हाथों हाथ लिया क्योंकि पिछले 10 दिनों में पूरे देश में ये खबर छाई हुई है कि गुजरात से उत्तर भारतीयों को भगाया जा रहा है. यूपी-बिहार के लोग ट्रेन और बसों में गुजरात छोड़कर भाग रहे हैं
सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है डर सोशल मीडिया पर भी लोगों ने इस वायरल तस्वीर पर प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं जैसे कि जिन्होंने 1947 का विभाजन नहीं देखा वो 2018 का विभाजन देखें. तो क्या वाकई इस तरह ट्रेनों में भरकर लोग गुजरात छोड़ रहे हैं? इस सच का पता लगाना जरूरी था.
वायरल सच की पड़ताल वायरल तस्वीर में ट्रेन की कोच पर एक नंबर भी लिखा हुआ था जो नंबर NC 98730 था. इस कोड से ट्रेन के बारे में कुछ सुराग मिल सकता था. जब भारतीय रेलवे के प्रवक्ता आर डी वाजपेयी से मिलकर उन्हें ट्रेन के कोच पर लिखे नंबर को दिखाया गया और पूछा गया कि ये ट्रेन कहां चलती है तो उन्होंने बताया कि ये फोटो काफी पुराना लगता है. ये स्लीपर कोच है. ये कोच मथुरा-अलवर सेक्शन की एक पैसेंजर ट्रेन में चलता है.
यानी भारतीय रेलवे के प्रवक्ता ने साफ कर दिया कि ये तस्वीर मथुरा-अलवर के बीच चलने वाली पैसेंजर ट्रेन की है. ये तस्वीर न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने 24 जुलाई साल 2010 को यानि आज से करीब 8 से पहले पोस्ट की थी, न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक ट्रेन में जो भीड़ दिख रही है वो उत्तर प्रदेश के मथुरा से 23 किलोमीटर दूर गोवर्धन शहर जा रही है. जहां भीड़ को गुरु पूर्णिमा मेले में शामिल होना था.
बता दें कि हर साल गुरु पूर्णिमा के दिन गोवर्धन में मेला लगता है जिसमें देश भर से लोग शरीक होने आते है. इस दौरान गोवर्धन आने वाली ट्रेनों में काफी भीड़ होती है. कभी-कभी तो भीड़ इतनी ज्यादा हो जाती है कि लोग अपनी जान को दांव पर लगाकर कुछ इस तरह ट्रेन पर सवार हो जाते हैं जिस तरह की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल बताई जा रही है.

वायरल झूठ यानी 8 साल पुरानी यूपी के गोवर्धन की तस्वीर को गुजरात के नाम से सोशल मीडिया पर शेयर करके डर फैलाया जा रहा है. हमारी पड़ताल में ट्रेन में लदकर गुजरात से भाग रहे यूपी और बिहार के लोगों की तस्वीर का दावा झूठा साबित हुआ है.
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Source: IOCL





















