Hyderabad Fraud : किलोभर नकली सोना पहनकर बना 'गोल्डमैन'! CM से करीबी का झांसा देकर 32 लाख डकार गया वायरल ठग
नकली सोने के गहने पहनकर खुद को मुख्यमंत्री का करीबी बताने वाले 'वायरल गोल्डमैन' को हैदराबाद पुलिस ने 32 लाख रुपये की कथित ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया.

हैदराबाद पुलिस ने 'वायरल गोल्डमैन' सूर्यभाई को गिरफ़्तार किया है. उस पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और शहर के पुलिस कमिश्नर का करीबी होने का झूठा दावा करके और विदेश से सस्ते दाम पर सोना दिलाने का झांसा देकर लोगों से 32 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है. सूर्यभाई सोशल मीडिया पर किलो भर नकली सोने के गहने पहनने के लिए मशहूर हुआ था. उसने अपने इसी दिखावटी रूप का इस्तेमाल करके शहर में यह बड़ा आर्थिक घोटाला किया.
सेंट्रल क्राइम स्टेशन के जांच अधिकारी इंस्पेक्टर एस. रविंदर ने बताया कि आरोपी ने लालची निवेशकों को फंसाने के लिए अपनी भारी राजनीतिक पहुंच और बड़े अधिकारियों से जान-पहचान का झूठा जाल बुना था. सूर्यभाई ने लोगों को यकीन दिलाया कि अपनी खास जान-पहचान की वजह से वह अंतरराष्ट्रीय बाज़ार से कीमती धातुएं बहुत कम दाम पर ला सकता है, और इसके लिए उसे आम आयात शुल्क या टैक्स भी नहीं देना पड़ेगा. अधिकारी ने पुष्टि की कि सूर्यभाई ने कई लोगों से भारी मात्रा में एडवांस पेमेंट लिया था, यह कहकर कि वह उन्हें भारी छूट पर अंतरराष्ट्रीय सोना दिलाएगा.
यह भी पढ़ें : India-Pakistan Relations: भारत के डैम पर हमला कर सकता है PAK? पाकिस्तानी एक्सपर्ट की बात सुनकर खौल उठेगा आपका खून
नकली सोने का सच
पुलिस जांच में धोखाधड़ी का एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया. फोरेंसिक जांच और स्थानीय सुनारों ने पुष्टि की कि सूर्यभाई के वायरल वीडियो में दिखने वाले भारी सोने के गहने असल में सस्ते बेस मेटल के थे, जिन पर सोने की पतली पॉलिश चढ़ी थी. अधिकारियों ने कहा कि लोगों ने कैसे मान लिया कि नकली गहने पहनने वाला व्यक्ति सत्ता और कानून-व्यवस्था के शीर्ष स्तर तक पहुंच रखता होगा. पुलिस के मुताबिक, जिनके वास्तव में ऊंचे राजनीतिक संबंध होते हैं, उन्हें लोगों को प्रभावित करने के लिए नकली गहने पहनने की जरूरत नहीं पड़ती.
सोशल मीडिया का जाल
इंस्पेक्टर रविंदर ने आगे बताया कि आरोपी ने अपनी सोशल मीडिया की लोकप्रियता का चालाकी से इस्तेमाल करके बहुत ज़्यादा दौलत और राजनीतिक रसूख वाली एक बनावटी छवि बनाई थी, जिससे लोगों का स्वाभाविक शक दूर हो जाता था. जब एडवांस पैसे उसके अकाउंट में आ जाते थे, तो सूर्यभाई वादे के मुताबिक सोना देने में लगातार टालमटोल करता था और आखिर में सारे संपर्क तोड़कर पैसे लेकर भाग जाता था.
सबूत और जांच
पुलिस की टीमों ने उसके पास से कई मोबाइल फोन, नकली सोने के गहने और जाली सरकारी दस्तावेज़ ज़ब्त किए हैं. अधिकारी अभी उससे पूछताछ कर रहे हैं ताकि अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान की जा सके और उसके साथियों के उस बड़े नेटवर्क का पता लगाया जा सके, जिन्होंने जुड़वां शहरों में इस बड़े वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम देने में उसकी मदद की होगी.
यह भी पढ़ें : केंद्र के किस फैसले से परेशान हुए तमिलनाडु के CM थलापति विजय? पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी, बोले- आप...






















