गुजरात: कांग्रेस नेता बावलिया ने हाथ छोड़ थामा कमल, मंत्री बने
चार बार विधायक रहे बावलिया फिलहाल जसदान सीट से विधायक थे. उन्होंने पद से अपना इस्तीफा गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष राजेन्द्र त्रिवेदी को सौंपा.

अहमदाबाद: लोकसभा चुनाव, 2019 से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ ओबीसी नेता कुंवरजी बावलिया ने आज पार्टी का दामन छोड़ बीजेपी का हाथ थाम लिया है और वह गुजरात में विजय रूपाणी के नेतृत्व वाली सरकार में कैबिनेट मंत्री बन गये है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर ‘‘ पार्टी में जाति की राजनीति करने का आरोप ’’ लगाते हुए , इसे ही पार्टी छोड़ने की वजह बताने वाले बावलिया का , गुजरात बीजेपी अध्यक्ष जीतू वघानी ने अपने दल में स्वागत किया. बावलिया को राज्यपाल ओ पी कोहली ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. कुछ ही घंटो में तेजी से हुए घटनाक्रम में बावलिया ने कांग्रेस से इस्तीफा दिया और बीजेपी कार्यालय गये और पार्टी में शामिल हो गये. गांधीनगर में राजभवन में उन्होंने मंत्री के रूप में शपथ ली.
कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी को किये एक ईमेल में इस्तीफे के बारे में सूचित किया गया और बावलिया ने राज्य में पार्टी के कामकाज को लेकर नाखुशी जताई. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि गांधी पार्टी संगठन के भीतर जातिवादी राजनीति को प्रोत्साहित कर रहे है.
सौराष्ट्र से ओबीसी में आने वाले कोली समुदाय के लोकप्रिय नेता बावलिया पार्टी की सदस्यता और विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद सीधे गुजरात बीजेपी के मुख्यालय पहुंचे थे. चार बार विधायक रहे बावलिया फिलहाल जसदान सीट से विधायक थे. उन्होंने पद से अपना इस्तीफा गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष राजेन्द्र त्रिवेदी को सौंपा. कोली समुदाय के लोकप्रिय नेता बावलिया के इस्तीफे को 2019 में होने जा रहे लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. बावलिया का कहना है कि कांग्रेस में रहते हुए वह जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम नहीं थे.
उन्होंने कहा , ‘‘ पार्टी में लगातार झगड़े के कारण मैं कांग्रेस में रहते हुए उस प्रकार काम नहीं कर पा रहा था, जैसा मैं करना चाहता था. यह (बीजेपी) सरकार एक मिशन के साथ आगे बढ़ रही है, और मैं जनता, ग्रामीण क्षेत्रों, गरीबों और किसानों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सफल रहूंगा. ’’ उन्होंने कहा , ‘‘ राहुल जी जिस प्रकार से जाति की राजनीति कर रहे हैं , मुझे एहसास हुआ कि मैं अब और कांग्रेस में काम नहीं कर सकूंगा. ’’ 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ करते हुए बावलिया ने कहा , ‘‘ अतीत में भी तत्कालीन मुख्यमंत्री और अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मुझसे बहुत करीब से जुड़े रहे हैं. वह मुझसे कहा करते थे , कि हमें आपके जैसे लोगों की जरूरत है. ’’ उन्होंने कहा , ‘‘ मैं लगातार देख रहा हूं कि हमारे प्रधानमंत्री किस तरह काम कर रहे हैं. देश की अर्थव्यवस्था को उन्होंने जो दिशा दी है , मैं उसका समर्थन करता हूं. ’’
बावलिया ने कहा , नरेन्द्र भाई और अमित भाई (बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह) देश को प्रगति की राह पर ले जा रहे हैं. बावलिया के पार्टी में शामिल होने के बाद प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष जीतू वघानी ने कहा कि इससे बीजेपी, नरेन्द्र भाई और अमित भाई का हाथ मजबूत होगा. हम ओबीसी सहित सभी समुदायों को साथ लेते हुए देश का विकास करेंगे.
इस बीच प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अमित चावडा ने बावलिया के निर्णय को ‘‘ अवसरवादिता ’’ बताया. कई वर्षों से लगातार उन्हें निर्वाचित करने वाले कांग्रेसी मतदाताओं को उन्हें (बावलिया) को जवाब देना होगा. इस समय सौराष्ट्र में कम से कम 20 विधानसभा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कोली समुदाय के लोग है. सौराष्ट्र ने लोकसभा में चार सांसदों को भेजा है.
2017 में राज्य विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सौराष्ट्र में 54 सीटों में से 30 सीटों पर जीत दर्ज की थीं , जो 2012 की तुलना में 14 अधिक थी. भाजपा की सीटों की संख्या 2012 में 35 से कम होकर 23 हो गई थी.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL























