OBC की अलग-अलग जातियों को आरक्षण देने का मामला, सब-कैटेगरी बनाए जाने की रिपोर्ट में होगी देरी
सरकार ओबीसी की अलग अलग जातियों का कोटा तय करना चाहती है जिससे ओबीसी के सभी वर्गों को आरक्षण का लाभ मिल सके. हालांकि 27 फ़ीसदी की सीमा के भीतर ही आरक्षण मिलेगा. आयोग को इसके अलग अलग पहलुओं पर अपनी रिपोर्ट देनी है.

नई दिल्ली: 27 फीसदी की सीमा के भीतर ही ओबीसी की अलग अलग जातियों को आरक्षण देने के लिए उपश्रेणी बनाए जाने के मामले में रिपोर्ट आने में अभी और देरी होगी. रिपोर्ट तैयार करने के लिए बने आयोग का कार्यकाल एक बार फिर बढ़ाया गया.
कैबिनेट ने रिपोर्ट पेश करने के लिए बने आयोग का कार्यकाल 31 जुलाई तक बढ़ाने का फ़ैसला किया है. बता दें कि आयोग का कार्यकाल छठी बार बढ़ाया गया है. अक्टूबर 2017 में दिल्ली उच्च न्यायालय की रिटायर्ड मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी की अध्यक्षता में आयोग बना था.
सरकार ओबीसी की अलग अलग जातियों का कोटा तय करना चाहती है जिससे ओबीसी के सभी वर्गों को आरक्षण का लाभ मिल सके. हालांकि 27 फ़ीसदी की सीमा के भीतर ही आरक्षण मिलेगा. आयोग को इसके अलग अलग पहलुओं पर अपनी रिपोर्ट देनी है.























